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Ayodhya News: सावन पूर्णिमा पर घाटों से लेकर रामलला के दरबार तक उमड़ी भीड़
Sun, 30 Aug 2026 12:09 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Sun, 30 Aug 2026 12:09 AM IST
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सावन पूर्णिमा पर सरयू स्नान के लिए उमड़े लोग।
अयोध्या। सावन पूर्णिमा पर शुक्रवार को रामनगरी में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। ब्रह्ममुहूर्त से ही सरयू घाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगी। सुबह करीब चार बजे से सरयू स्नान और दर्शन-पूजन का सिलसिला शुरू हो गया था। सूर्योदय के साथ घाटों पर श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ती गई। शाम तक करीब चार लाख श्रद्धालुओं ने सरयू में आस्था की डुबकी लगाई और रामलला समेत प्रमुख मंदिरों में दर्शन-पूजन किया।
सरयू स्नान के बाद श्रद्धालुओं का रुख रामजन्मभूमि की ओर रहा। रामलला के दर्शन के लिए सुबह से ही लंबी कतारें लग गईं। श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए प्रवेश और निकास मार्गों पर लगातार निगरानी रखी गई। मंदिर परिसर की ओर जाने वाले मार्गों पर पुलिस और सुरक्षा बलों की तैनाती रही।
भीड़ के दबाव वाले स्थानों पर जवान लगातार श्रद्धालुओं की आवाजाही नियंत्रित करते नजर आए। सावन पूर्णिमा के धार्मिक महत्व को देखते हुए दूर-दराज से श्रद्धालु एक दिन पहले ही अयोध्या पहुंचने लगे थे। बड़ी संख्या में श्रद्धालु मठ-मंदिरों में झूलनोत्सव का आनंद लेने के लिए पहले से ही डटे थे। कई दो-तीन दिन, तो कुछ एक सप्ताह से अयोध्या में ही डेरा डाले थे।
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पूर्णिमा की भोर होते ही सरयू के विभिन्न घाटों पर स्नान करने वालों की कतार लग गई। श्रद्धालुओं ने सरयू में डुबकी लगाने के बाद सूर्यदेव को अर्घ्य दिया और पूजा-अर्चना की। इसके बाद मंदिरों की ओर रवाना हुए। रामनगरी के प्रमुख मार्गों पर दिनभर श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही। जगह-जगह जय श्रीराम के जयघोष सुनाई देते रहे। नागेश्वरनाथ, हनुमानगढ़ी, कनकभवन सहित प्रमुख मंदिरों में दिन भर कतार लगी रही।
सुरक्षा के साथ भीड़ प्रबंधन पर रहा जोर
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था पहले से ही मजबूत कर दी गई थी। सरयू घाटों, प्रमुख मंदिरों और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर पुलिस बल तैनात रहा। संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ाई गई। श्रद्धालुओं की भीड़ को एक स्थान पर जमा होने से रोकने के लिए लगातार रूट डायवर्जन और भीड़ प्रबंधन की व्यवस्था लागू रही। डीएम शशांक त्रिपाठी, डीआईजी सोमेन बर्मा, एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने भी मेलाक्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था को परखा।
घर वापसी में दिखी जद्दोजहद, वाहनों के लिए करना पड़ा इंतजार
- सावन पूर्णिमा पर दर्शन-पूजन के बाद घर लौटने वाले श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने से अयोध्या धाम रेलवे स्टेशन, बस अड्डों और प्रमुख मार्गों पर दबाव दिखाई दिया। ट्रेनों और बसों में सवार होने के लिए श्रद्धालुओं को इंतजार करना पड़ा। अयोध्याधाम रेलवे स्टेशन पर भीड़ का सर्वाधिक दवाब रहा। निजी वाहनों से लौटने वालों को भीड़ के कारण कई स्थानों पर धीमी रफ्तार से गुजरना पड़ा।
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सरयू स्नान के बाद श्रद्धालुओं का रुख रामजन्मभूमि की ओर रहा। रामलला के दर्शन के लिए सुबह से ही लंबी कतारें लग गईं। श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए प्रवेश और निकास मार्गों पर लगातार निगरानी रखी गई। मंदिर परिसर की ओर जाने वाले मार्गों पर पुलिस और सुरक्षा बलों की तैनाती रही।
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भीड़ के दबाव वाले स्थानों पर जवान लगातार श्रद्धालुओं की आवाजाही नियंत्रित करते नजर आए। सावन पूर्णिमा के धार्मिक महत्व को देखते हुए दूर-दराज से श्रद्धालु एक दिन पहले ही अयोध्या पहुंचने लगे थे। बड़ी संख्या में श्रद्धालु मठ-मंदिरों में झूलनोत्सव का आनंद लेने के लिए पहले से ही डटे थे। कई दो-तीन दिन, तो कुछ एक सप्ताह से अयोध्या में ही डेरा डाले थे।
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पूर्णिमा की भोर होते ही सरयू के विभिन्न घाटों पर स्नान करने वालों की कतार लग गई। श्रद्धालुओं ने सरयू में डुबकी लगाने के बाद सूर्यदेव को अर्घ्य दिया और पूजा-अर्चना की। इसके बाद मंदिरों की ओर रवाना हुए। रामनगरी के प्रमुख मार्गों पर दिनभर श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही। जगह-जगह जय श्रीराम के जयघोष सुनाई देते रहे। नागेश्वरनाथ, हनुमानगढ़ी, कनकभवन सहित प्रमुख मंदिरों में दिन भर कतार लगी रही।
सुरक्षा के साथ भीड़ प्रबंधन पर रहा जोर
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था पहले से ही मजबूत कर दी गई थी। सरयू घाटों, प्रमुख मंदिरों और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर पुलिस बल तैनात रहा। संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ाई गई। श्रद्धालुओं की भीड़ को एक स्थान पर जमा होने से रोकने के लिए लगातार रूट डायवर्जन और भीड़ प्रबंधन की व्यवस्था लागू रही। डीएम शशांक त्रिपाठी, डीआईजी सोमेन बर्मा, एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने भी मेलाक्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था को परखा।
घर वापसी में दिखी जद्दोजहद, वाहनों के लिए करना पड़ा इंतजार
- सावन पूर्णिमा पर दर्शन-पूजन के बाद घर लौटने वाले श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने से अयोध्या धाम रेलवे स्टेशन, बस अड्डों और प्रमुख मार्गों पर दबाव दिखाई दिया। ट्रेनों और बसों में सवार होने के लिए श्रद्धालुओं को इंतजार करना पड़ा। अयोध्याधाम रेलवे स्टेशन पर भीड़ का सर्वाधिक दवाब रहा। निजी वाहनों से लौटने वालों को भीड़ के कारण कई स्थानों पर धीमी रफ्तार से गुजरना पड़ा।