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Ayodhya News: कांग्रेसियों को घर में किया नजरबंद
Tue, 17 Feb 2026 10:54 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Tue, 17 Feb 2026 10:54 PM IST
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33- कांग्रेस जिलाध्यक्ष चेतनारायण सिंह के घर मौजूद पुलिसकर्मी
अयोध्या/पूरा बाजार। प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के आह्वान पर मनरेगा का नाम बदलने के विरोध में लखनऊ में प्रस्तावित विधानसभा घेराव कार्यक्रम में भाग लेने जा रहे अयोध्या के कांग्रेसियों को नजरबंद कर दिया गया। इन नेताओं के घर पर पुलिस की तैनाती कर दी गई।
कांग्रेसियों ने इस कार्रवाई की निंदा करते हुए इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताया है। पूर्व सांसद डॉ. निर्मल खत्री, जिलाध्यक्ष चेत नारायण सिंह, महानगर अध्यक्ष सुनील कृष्ण गौतम समेत अन्य कांग्रेसियों को पुलिस ने घर से बाहर नहीं निकलने दिया। देर रात से ही पुलिस की घर के बाहर तैनाती रही। दोपहर बाद पुलिस वाले हटे। मंगलवार रात से ही जिलाध्यक्ष को पूरा बाजार स्थित उनके आवास से हाउस अरेस्ट कर लिया गया। इस दौरान थानाध्यक्ष महाराजगंज, चौकी प्रभारी पूरा चित्ररेश सिंह और राजेश सिंह वहीं डटे रहे। वहीं, हाउस अरेस्ट के दौरान अनिल तिवारी, दयाशंकर तिवारी, हृदयराम मिश्र, रमेश चंद्र, भारत वर्मा, सौरभ सिंह और राज प्रताप सिंह आदि जिलाध्यक्ष के आवास पर डटे रहे।
कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. निर्मल खत्री ने अयोध्या के कांग्रेस नेताओं को हाउस अरेस्ट किए जाने पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने इस कार्रवाई को लोकतंत्र का हनन बताया। कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध करना सभी दलों का संवैधानिक अधिकार है।
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केंद्र सरकार की ओर से मनरेगा से महात्मा गांधी का नाम हटाना गलत है। आरोप लगाया कि सरकार जनविरोधी नीतियां लागू कर रही है। कहा कि विपक्ष की आवाज दबाने के लिए हाउस अरेस्ट जैसी कार्रवाई की जा रही है। नसीमुद्दीन सिद्दीकी के कांग्रेस छोड़ने पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि चुनाव नजदीक आते ही दलों में इस तरह की राजनीतिक हलचल बढ़ जाती हैं।
जिलाध्यक्ष चेत नारायण सिंह ने आरोप लगाया कि विपक्ष की आवाज दबाने के लिए प्रशासन हाउस अरेस्ट जैसी कार्रवाई कर रहा है। लखनऊ में विधानसभा घेराव के लिए जा रहे नेताओं को रोकना अलोकतांत्रिक कदम है।
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कांग्रेसियों ने इस कार्रवाई की निंदा करते हुए इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताया है। पूर्व सांसद डॉ. निर्मल खत्री, जिलाध्यक्ष चेत नारायण सिंह, महानगर अध्यक्ष सुनील कृष्ण गौतम समेत अन्य कांग्रेसियों को पुलिस ने घर से बाहर नहीं निकलने दिया। देर रात से ही पुलिस की घर के बाहर तैनाती रही। दोपहर बाद पुलिस वाले हटे। मंगलवार रात से ही जिलाध्यक्ष को पूरा बाजार स्थित उनके आवास से हाउस अरेस्ट कर लिया गया। इस दौरान थानाध्यक्ष महाराजगंज, चौकी प्रभारी पूरा चित्ररेश सिंह और राजेश सिंह वहीं डटे रहे। वहीं, हाउस अरेस्ट के दौरान अनिल तिवारी, दयाशंकर तिवारी, हृदयराम मिश्र, रमेश चंद्र, भारत वर्मा, सौरभ सिंह और राज प्रताप सिंह आदि जिलाध्यक्ष के आवास पर डटे रहे।
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कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. निर्मल खत्री ने अयोध्या के कांग्रेस नेताओं को हाउस अरेस्ट किए जाने पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने इस कार्रवाई को लोकतंत्र का हनन बताया। कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध करना सभी दलों का संवैधानिक अधिकार है।
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केंद्र सरकार की ओर से मनरेगा से महात्मा गांधी का नाम हटाना गलत है। आरोप लगाया कि सरकार जनविरोधी नीतियां लागू कर रही है। कहा कि विपक्ष की आवाज दबाने के लिए हाउस अरेस्ट जैसी कार्रवाई की जा रही है। नसीमुद्दीन सिद्दीकी के कांग्रेस छोड़ने पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि चुनाव नजदीक आते ही दलों में इस तरह की राजनीतिक हलचल बढ़ जाती हैं।
जिलाध्यक्ष चेत नारायण सिंह ने आरोप लगाया कि विपक्ष की आवाज दबाने के लिए प्रशासन हाउस अरेस्ट जैसी कार्रवाई कर रहा है। लखनऊ में विधानसभा घेराव के लिए जा रहे नेताओं को रोकना अलोकतांत्रिक कदम है।

33- कांग्रेस जिलाध्यक्ष चेतनारायण सिंह के घर मौजूद पुलिसकर्मी