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Ayodhya News: इलाज कराने आइए, बीमारी लेकर जाइए
Wed, 13 Aug 2025 08:22 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Wed, 13 Aug 2025 08:22 PM IST
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अयोध्या। मेडिकल कॉलेज में आपको इलाज तो मिलेगा ही, साथ में बीमारी भी मिलेगी। यहां जलनिकासी व्यवस्था ध्वस्त होने से परिसर में जगह-जगह जलभराव है, जिसमें डेंगू के मच्छर पनप रहे हैं। कई दिन से व्याप्त इस समस्या के निस्तारण के ठोस इंतजाम नहीं किए जा रहे हैं।
मेडिकल कॉलेज में कई आधुनिक सुविधाएं बढ़ने से मरीजों की भीड़ उमड़ रही है। ओपीडी से लेकर वार्डों तक मरीजों का तांता है। उन्हें बेहतर इलाज के तमाम दावे किए जा रहे हैं, लेकिन मरीजों की सुरक्षा व आम सुविधाओं पर कॉलेज प्रशासन संजीदा नहीं दिख रहा है। शायद यही वजह है कि कॉलेज के प्रवेश द्वार से लेकर अस्पताल परिसर में जगह-जगह पानी भरा है।
ट्राॅमा सेंटर और पुराने भवन के बीच में जलभराव नियमित बना है। नालियों में जल बहाव न होने से मच्छर भिनभिनाते नजर आ रहे हैं। इसी के सामने डिजिटल एक्सरे सेवा संचालित है, जहां मरीज और तीमारदार जमा रहते हैं। इसी मार्ग से होकर लोग पुराने भवन में जांच कराने और वार्डों में जाते हैं, जिससे उन्हें समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
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पुराने ट्राॅमा सेंटर के पास भूमिगत पाइप लाइन से पानी बहता नजर आ रहा है। इन दिनों डेंगू समेत अन्य मच्छरजनित बीमारियों का प्रकोप बढ़ रहा है, ऐसे में मरीज व तीमारदार भी इस लापरवाही से संक्रमण की भेंट चढ़ सकते हैं। हालांकि, अब जलनिकासी के लिए दर्शननगर के बड़े नाले से कॉलेज को जोड़ने की बात कही जा रही है।
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सत्यजीत वर्मा ने बताया कि एसटीपी सिस्टम दुरुस्त कराने के लिए निर्देशित किया गया है। बरसात का पानी जमा होने से समस्या आ रही है। राजकाीय निर्माण निगम के अधिकारियों से वार्ता करके जलनिकासी के लिए बाहर बने बड़े नाले से अस्पताल को कनेक्ट करने पर विचार किया जा रहा है।
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मेडिकल कॉलेज में कई आधुनिक सुविधाएं बढ़ने से मरीजों की भीड़ उमड़ रही है। ओपीडी से लेकर वार्डों तक मरीजों का तांता है। उन्हें बेहतर इलाज के तमाम दावे किए जा रहे हैं, लेकिन मरीजों की सुरक्षा व आम सुविधाओं पर कॉलेज प्रशासन संजीदा नहीं दिख रहा है। शायद यही वजह है कि कॉलेज के प्रवेश द्वार से लेकर अस्पताल परिसर में जगह-जगह पानी भरा है।
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ट्राॅमा सेंटर और पुराने भवन के बीच में जलभराव नियमित बना है। नालियों में जल बहाव न होने से मच्छर भिनभिनाते नजर आ रहे हैं। इसी के सामने डिजिटल एक्सरे सेवा संचालित है, जहां मरीज और तीमारदार जमा रहते हैं। इसी मार्ग से होकर लोग पुराने भवन में जांच कराने और वार्डों में जाते हैं, जिससे उन्हें समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
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पुराने ट्राॅमा सेंटर के पास भूमिगत पाइप लाइन से पानी बहता नजर आ रहा है। इन दिनों डेंगू समेत अन्य मच्छरजनित बीमारियों का प्रकोप बढ़ रहा है, ऐसे में मरीज व तीमारदार भी इस लापरवाही से संक्रमण की भेंट चढ़ सकते हैं। हालांकि, अब जलनिकासी के लिए दर्शननगर के बड़े नाले से कॉलेज को जोड़ने की बात कही जा रही है।
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सत्यजीत वर्मा ने बताया कि एसटीपी सिस्टम दुरुस्त कराने के लिए निर्देशित किया गया है। बरसात का पानी जमा होने से समस्या आ रही है। राजकाीय निर्माण निगम के अधिकारियों से वार्ता करके जलनिकासी के लिए बाहर बने बड़े नाले से अस्पताल को कनेक्ट करने पर विचार किया जा रहा है।