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Ayodhya News: मुख्यमंत्री के दरबार पहुंची सीएमओ की शिकायत
Mon, 08 Sep 2025 08:55 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Mon, 08 Sep 2025 08:55 PM IST
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अयोध्या। मुख्यमंत्री के जनता दरबार में सीएमओ डॉ. सुशील कुमार बानियान के खिलाफ शिकायत की गई है। इसमें चिकित्सक, स्वास्थ्यकर्मियों की ट्रांसर्फर-पोस्टिंग, विभिन्न मामलों में धन उगाही समेत अन्य अनियमितताओं के आरोप लगे हैं। अपर निदेशक को मामले की जांच सौंपी गई है। हालांकि, शिकायतकर्ता का विवरण न होने से जांच अधिकारी भी असहज हैं।
शिकायती पत्र में आरोप लगाया गया कि सीएमओ ने पदभार ग्रहण करते ही लिपिकों, अधिकारियों का स्थानांतरण नीति के विरुद्ध एक कोने से दूसरे कोने कर दिया। इसमें धन उगाही भी की गई। कर्मचारियों के वार्षिक गोपनीय प्रविष्टियों में भी धन उगाही हो रही है। जिले में वरिष्ठ अधिकारियों को हटाकर जूनियर अधिकारियों को विभिन्न जगहों का प्रभार सौंपा जा रहा है।
आरोप है कि पहले कुछ लोगों का प्रशासनिक आधार पर स्थानांतरण किया जाता है, बाद में निरस्त कर दिया जाता है। तीन वर्ष की अवधि पूर्ण न करने वालों का भी पटल बदल दिया गया। अवकाश के लिए धन उगाही हो रही है। निजी नर्सिंग होम, पैथोलॉजी आदि पर बिना किसी शिकायत के छापेमारी करके उन्हें सील कर दिया जाता है, बाद में खोल दिया जाता है। इसके अलावा अन्य कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
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सीएमओ डॉ. सुशील कुमार बानियान ने बताया कि कार्यों में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ ही अब तक कार्रवाई की गई है। विभिन्न स्वास्थ्य इकाइयों को क्रियाशील करने के लिए आवश्यकतानुसार चिकित्सक व स्वास्थ्यकर्मियों का स्थानांतरण किया गया है। 24 घंटे की मेहनत के बेहतर परिणाम सभी सीएचसी-पीएचसी पर दिखने लगे हैं। एफआरयू पर सिजेरियन प्रसव होने लगे हैं। इन दिनों सभी सीएचसी पर मरीज भर्ती किए जा रहे हैं। जननी सुरक्षा योजना की धज्जियां उड़ाने वालों के खिलाफ कार्रवाई हो रही है, इसलिए लोग इस तरह के निराधार आरोप लगा रहे हैं।
अयोध्या मंडल के अपर निदेशक डॉ. बीके सिंह चौहान ने बताया कि मुख्यमंत्री दरबार में कोई पेश हुआ था, जहां से एक शिकायती पत्र मिला है। एक पत्र में शिकायतकर्ता के स्थान पर विभागीय अधिकारी/कर्मचारी लिखा है, दूसरे में सिर्फ शिकायतकर्ता का नाम है, उसका मोबाइल नंबर व पता नहीं है। इसलिए शिकायत की पुष्टि कराने के लिए शिकायतकर्ता से संपर्क नहीं हो पा रहा है। फिर भी सीएमओ से आख्या मांगी गई है।
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शिकायती पत्र में आरोप लगाया गया कि सीएमओ ने पदभार ग्रहण करते ही लिपिकों, अधिकारियों का स्थानांतरण नीति के विरुद्ध एक कोने से दूसरे कोने कर दिया। इसमें धन उगाही भी की गई। कर्मचारियों के वार्षिक गोपनीय प्रविष्टियों में भी धन उगाही हो रही है। जिले में वरिष्ठ अधिकारियों को हटाकर जूनियर अधिकारियों को विभिन्न जगहों का प्रभार सौंपा जा रहा है।
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आरोप है कि पहले कुछ लोगों का प्रशासनिक आधार पर स्थानांतरण किया जाता है, बाद में निरस्त कर दिया जाता है। तीन वर्ष की अवधि पूर्ण न करने वालों का भी पटल बदल दिया गया। अवकाश के लिए धन उगाही हो रही है। निजी नर्सिंग होम, पैथोलॉजी आदि पर बिना किसी शिकायत के छापेमारी करके उन्हें सील कर दिया जाता है, बाद में खोल दिया जाता है। इसके अलावा अन्य कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
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सीएमओ डॉ. सुशील कुमार बानियान ने बताया कि कार्यों में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ ही अब तक कार्रवाई की गई है। विभिन्न स्वास्थ्य इकाइयों को क्रियाशील करने के लिए आवश्यकतानुसार चिकित्सक व स्वास्थ्यकर्मियों का स्थानांतरण किया गया है। 24 घंटे की मेहनत के बेहतर परिणाम सभी सीएचसी-पीएचसी पर दिखने लगे हैं। एफआरयू पर सिजेरियन प्रसव होने लगे हैं। इन दिनों सभी सीएचसी पर मरीज भर्ती किए जा रहे हैं। जननी सुरक्षा योजना की धज्जियां उड़ाने वालों के खिलाफ कार्रवाई हो रही है, इसलिए लोग इस तरह के निराधार आरोप लगा रहे हैं।
अयोध्या मंडल के अपर निदेशक डॉ. बीके सिंह चौहान ने बताया कि मुख्यमंत्री दरबार में कोई पेश हुआ था, जहां से एक शिकायती पत्र मिला है। एक पत्र में शिकायतकर्ता के स्थान पर विभागीय अधिकारी/कर्मचारी लिखा है, दूसरे में सिर्फ शिकायतकर्ता का नाम है, उसका मोबाइल नंबर व पता नहीं है। इसलिए शिकायत की पुष्टि कराने के लिए शिकायतकर्ता से संपर्क नहीं हो पा रहा है। फिर भी सीएमओ से आख्या मांगी गई है।