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Ayodhya News: अंधता निवारण कार्यक्रम को हुआ ‘मोतियाबिंद’
Thu, 08 Feb 2024 11:30 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Thu, 08 Feb 2024 11:30 PM IST
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खास खबर
बीत रहा साल, 25% नेत्र रोगियों को ही मिल सका इलाज, सुस्त है महकमा
25,597 नेत्र रोगियों का होना था ऑपरेशन, 2473 बच्चों को मिलना था चश्मा
अयोध्या। आंखों की सेहत सुधारने के लिए चल रहे राष्ट्रीय अंधता निवारण कार्यक्रम को जिले में पलीता लग रहा है। निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष अब तक महज 25% मरीजों का ही मोतियाबिंद का ऑपरेशन हुआ है। वहीं, स्कूली बच्चों को निशुल्क चश्मा दिलाने के लिए अब तक टेंडर ही नहीं हो सका है। मौजूदा वित्तीय वर्ष बीतने को है। ऐसे में शासन से मिला बजट भी लैप्स होने की आशंका है।
आंखों की रोशनी खोकर अंधेरे में जीवनयापन करने वालों का केंद्र सरकार ख्याल रखती है। इसके लिए राष्ट्रीय अंधता निवारण कार्यक्रम चलाया गया है। इस वर्ष कार्यक्रम के तहत 25,597 नेत्र रोगियों के मोतियाबिंद का ऑपरेशन करने का लक्ष्य जिले को मिला था। इनमें 60% ऑपरेशन निजी अस्पतालों को करना था। 20-20% ऑपरेशन की जिम्मेदारी स्वयंसेवी संगठन और सरकारी अस्पतालों की थी।
वित्तीय वर्ष शुरू होने पर लक्ष्य निर्धारित करके बजट जारी हुआ था, लेकिन अभी तक जिले में मात्र 6,427 मरीजों का ऑपरेशन ही हो सका है। इनमें सरकारी अस्पतालों में बमुश्किल 1,000 ऑपरेशन हुए हैं। स्वयंसेवी संगठनों के माध्यम से लगभग 2,500 मरीजों का ऑपरेशन हुआ है।
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एनजीओ को प्रति केस मिलता है 2,000 रुपये
स्वयंसेवी संगठनों को कार्यक्रम के तहत ऑपरेशन करवाने पर प्रति केस 2,000 रुपये मिलता है। इसके लिए वह गांव-गांव में शिविर लगाकर मरीजों की जांच करते हैं। उनमें मोतियाबिंद मिलने पर अपने अस्पतालों में ले जाकर ऑपरेशन करते हैं। इसी धनराशि से उन्हें लेंस, चश्मे व दवाओं का इंतजाम करना होता है। सरकारी अस्पतालों में डिमांड के अनुरूप लेंस व अन्य सामग्री उपलब्ध कराया जाता है।
2,473 स्कूली बच्चों को मिलना है निशुल्क चश्मा
-कार्यक्रम के तहत स्कूली बच्चों की आंखों की जांच करके उन्हें निशुल्क चश्मा उपलब्ध कराया जाता है। इसके लिए प्रति चश्मा 350 रुपये बजट जारी हुआ है। इस बार 2,473 बच्चों को चश्मा मिलना है, लेकिन चश्मा आपूर्ति के लिए अब तक निविदा नहीं हो सकी है। जबकि, स्वास्थ्य विभाग की 11 टीमों ने लगभग 1200 स्कूली बच्चों को चिह्नित भी कर लिया है। यदि समय पर प्रक्रिया नहीं पूर्ण हुई तो यह धनराशि भी लैप्स हो सकती है।
-राष्ट्रीय अंधता निवारण कार्यक्रम के तहत प्रगति कुछ धीमी जरूर है, लेकिन तेजी से कार्य हो रहा है। एक सप्ताह में चश्मा वितरण के लिए निविदा प्रक्रिया पूर्ण होने की उम्मीद है। इसके बाद अभियान के तहत वितरण कराया जाएगा। -डॉ. संजय जैन, सीएमओ, अयोध्या
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बीत रहा साल, 25% नेत्र रोगियों को ही मिल सका इलाज, सुस्त है महकमा
25,597 नेत्र रोगियों का होना था ऑपरेशन, 2473 बच्चों को मिलना था चश्मा
अयोध्या। आंखों की सेहत सुधारने के लिए चल रहे राष्ट्रीय अंधता निवारण कार्यक्रम को जिले में पलीता लग रहा है। निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष अब तक महज 25% मरीजों का ही मोतियाबिंद का ऑपरेशन हुआ है। वहीं, स्कूली बच्चों को निशुल्क चश्मा दिलाने के लिए अब तक टेंडर ही नहीं हो सका है। मौजूदा वित्तीय वर्ष बीतने को है। ऐसे में शासन से मिला बजट भी लैप्स होने की आशंका है।
आंखों की रोशनी खोकर अंधेरे में जीवनयापन करने वालों का केंद्र सरकार ख्याल रखती है। इसके लिए राष्ट्रीय अंधता निवारण कार्यक्रम चलाया गया है। इस वर्ष कार्यक्रम के तहत 25,597 नेत्र रोगियों के मोतियाबिंद का ऑपरेशन करने का लक्ष्य जिले को मिला था। इनमें 60% ऑपरेशन निजी अस्पतालों को करना था। 20-20% ऑपरेशन की जिम्मेदारी स्वयंसेवी संगठन और सरकारी अस्पतालों की थी।
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वित्तीय वर्ष शुरू होने पर लक्ष्य निर्धारित करके बजट जारी हुआ था, लेकिन अभी तक जिले में मात्र 6,427 मरीजों का ऑपरेशन ही हो सका है। इनमें सरकारी अस्पतालों में बमुश्किल 1,000 ऑपरेशन हुए हैं। स्वयंसेवी संगठनों के माध्यम से लगभग 2,500 मरीजों का ऑपरेशन हुआ है।
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एनजीओ को प्रति केस मिलता है 2,000 रुपये
स्वयंसेवी संगठनों को कार्यक्रम के तहत ऑपरेशन करवाने पर प्रति केस 2,000 रुपये मिलता है। इसके लिए वह गांव-गांव में शिविर लगाकर मरीजों की जांच करते हैं। उनमें मोतियाबिंद मिलने पर अपने अस्पतालों में ले जाकर ऑपरेशन करते हैं। इसी धनराशि से उन्हें लेंस, चश्मे व दवाओं का इंतजाम करना होता है। सरकारी अस्पतालों में डिमांड के अनुरूप लेंस व अन्य सामग्री उपलब्ध कराया जाता है।
2,473 स्कूली बच्चों को मिलना है निशुल्क चश्मा
-कार्यक्रम के तहत स्कूली बच्चों की आंखों की जांच करके उन्हें निशुल्क चश्मा उपलब्ध कराया जाता है। इसके लिए प्रति चश्मा 350 रुपये बजट जारी हुआ है। इस बार 2,473 बच्चों को चश्मा मिलना है, लेकिन चश्मा आपूर्ति के लिए अब तक निविदा नहीं हो सकी है। जबकि, स्वास्थ्य विभाग की 11 टीमों ने लगभग 1200 स्कूली बच्चों को चिह्नित भी कर लिया है। यदि समय पर प्रक्रिया नहीं पूर्ण हुई तो यह धनराशि भी लैप्स हो सकती है।
-राष्ट्रीय अंधता निवारण कार्यक्रम के तहत प्रगति कुछ धीमी जरूर है, लेकिन तेजी से कार्य हो रहा है। एक सप्ताह में चश्मा वितरण के लिए निविदा प्रक्रिया पूर्ण होने की उम्मीद है। इसके बाद अभियान के तहत वितरण कराया जाएगा। -डॉ. संजय जैन, सीएमओ, अयोध्या