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Ayodhya News: नुक्कड़ नाटक के जरिये क्षय रोग के प्रति किया जागरूक
Mon, 23 Mar 2026 10:53 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Mon, 23 Mar 2026 10:53 PM IST
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मसौधा ब्लॉक के मलिकपुर गांव में ग्रामीणों को क्षय रोग के प्रति जागरूक करती मेडिकल कॉलेज की टीम।
अयोध्या। राजर्षि दशरथ मेडिकल काॅलेज के कम्युनिटी मेडिसिन विभाग की ओर से सोमवार को मसौधा ब्लॉक के मलिकपुर में जागरूकता शिविर का आयोजन हुआ। इस दौरान एमबीबीएस के विद्यार्थियों ने ग्रामीणों को नुक्कड़ नाटक के जरिये क्षय रोग (टीबी) के प्रति जागरूक किया।
नुक्कड़ नाटक में विद्यार्थियों ने बताया कि अज्ञानता और भय के कारण बड़ी संख्या में लोग टीबी से पीड़ित हैं। दो-तीन हफ्ते से खांसी आना, बुखार, वजन कम होना, रात में पसीना आना आदि टीबी के लक्षण हैं। ऐसे लक्षण दिखते ही तुरंत जांच कराएं और नजदीकी सरकारी अस्पताल में मुफ्त इलाज कराएं।
विद्यार्थियों ने बताया कि जांच में टीबी की पुष्टि होने पर चिंता न करें, बल्कि छह माह तक इसका नियमित इलाज कराएं। दवा बंद न करें। मरीज का पंजीकरण कराने पर छह माह तक रोगी के बैंक खाते में एक हजार रुपये की धनराशि भेजी जाती है। पूरी दवा खाकर टीबी को जड़ से मिटाया जा सकता। उन्होंने आमजन से अपील की कि टीबी मरीजों से दुर्भावना न रखें। नियमित इलाज से रोगी में संक्रमण खत्म हो जाता है।
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कम्युनिटी मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. प्रतिभा गुप्ता ने कहा कि कॉलेज की टीम ने मलिकपुर गांव को गोद लिया है। उन्होंने परिवार की समस्याओं से अवगत कराने की अपील की, ताकि उनके इलाज के लिए एक-एक विद्यार्थी आवंटित किया जाए, जो उनका लगातार फॉलोअप लेता रहेगा। कहा कि सरकार रोगी हित में तमाम योजनाएं चला रही है। इस मौके पर प्रोफेसर डाॅ. अंजुमन चौधरी, डॉ. अर्शिता श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।
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नुक्कड़ नाटक में विद्यार्थियों ने बताया कि अज्ञानता और भय के कारण बड़ी संख्या में लोग टीबी से पीड़ित हैं। दो-तीन हफ्ते से खांसी आना, बुखार, वजन कम होना, रात में पसीना आना आदि टीबी के लक्षण हैं। ऐसे लक्षण दिखते ही तुरंत जांच कराएं और नजदीकी सरकारी अस्पताल में मुफ्त इलाज कराएं।
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विद्यार्थियों ने बताया कि जांच में टीबी की पुष्टि होने पर चिंता न करें, बल्कि छह माह तक इसका नियमित इलाज कराएं। दवा बंद न करें। मरीज का पंजीकरण कराने पर छह माह तक रोगी के बैंक खाते में एक हजार रुपये की धनराशि भेजी जाती है। पूरी दवा खाकर टीबी को जड़ से मिटाया जा सकता। उन्होंने आमजन से अपील की कि टीबी मरीजों से दुर्भावना न रखें। नियमित इलाज से रोगी में संक्रमण खत्म हो जाता है।
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कम्युनिटी मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. प्रतिभा गुप्ता ने कहा कि कॉलेज की टीम ने मलिकपुर गांव को गोद लिया है। उन्होंने परिवार की समस्याओं से अवगत कराने की अपील की, ताकि उनके इलाज के लिए एक-एक विद्यार्थी आवंटित किया जाए, जो उनका लगातार फॉलोअप लेता रहेगा। कहा कि सरकार रोगी हित में तमाम योजनाएं चला रही है। इस मौके पर प्रोफेसर डाॅ. अंजुमन चौधरी, डॉ. अर्शिता श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।