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Ayodhya News: विसरा सैंपल लेकर बिसार दी रिपोर्ट
Tue, 01 Jul 2025 10:08 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Tue, 01 Jul 2025 10:08 PM IST
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अयोध्या। पोस्टमार्टम के दौरान मौत के कारणों का सही पता न लगने पर विसरा जांच के लिए जिम्मेदारों ने सैंपल तो भेजे, लेकिन इसके बाद पूरी प्रक्रिया बिसार दी। शायद इसी वजह से पिछले छह महीने में हुई 23 मौतों का कारण अब तक पता नहीं चल सका है। हालांकि, पुलिस साक्ष्य संकलन के आधार पर मामलों की विवेचना का दावा कर रही है।
संदिग्ध हालात में मौत होने या किसी तरह का शक होने पर मौत के कारण जानने के लिए विसरा सुरक्षित किया जाता है। इस प्रक्रिया में शव के किडनी, लीवर, दिल, पेट के अंगों आदि का सैंपल लिया जाता है। इसे रासायनिक परीक्षण के पास भेजा जाता है। इसमें मौत के सही समय, अंगों के रंग, पेट में मिले खाद्य पदार्थों के अवशेष आदि से जानकारी जुटाई जाती है। इस रिपोर्ट से मौत की सही और सटीक वजह पता चलती है।
जिले में पिछले छह महीने में ऐसी 26 मौतें हुईं, जिनमें मौत की वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट से स्पष्ट नहीं हो सकी। इसकी हकीकत जानने को विसरा लखनऊ महानगर स्थित विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा गया, लेकिन अब तक सिर्फ तीन मामलों की रिपोर्ट ही आ सकी है। जबकि, 23 घटनाओं में हुई मौत से पर्दा नहीं उठ सका है। इनमें कोतवाली रुदौली के सर्वाधिक पांच, कोतवाली नगर, पूराकलंदर, हैदरगंज व कुमारगंज थाना क्षेत्र के तीन-तीन, कोतवाली अयोध्या और कोतवाली बीकापुर के दो-दो, तारुन और बाबा बाजार थाना क्षेत्र के एक-एक मामलों की जांच रिपोर्ट अब तक लंबित है।
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मौत का कारण स्पष्ट न होने, जहर या किसी अन्य विषाक्त पदार्थ के सेवन से मौत होने, हत्या और दहेज हत्या का संदेह, बीमारी व जलने से मौत, करंट लगने, डूबकर हुई मौत आदि।
एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने बताया कि जिन मामलों में विसरा जांच के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजी जाती है, उनकी जांच साक्ष्यों, घटनास्थल के निरीक्षण व बयानों के आधार पर की जाती है। विसरा रिपोर्ट प्राप्त होने पर उसे विवेचना में शामिल करके वैधानिक कार्रवाई की जाती है।
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संदिग्ध हालात में मौत होने या किसी तरह का शक होने पर मौत के कारण जानने के लिए विसरा सुरक्षित किया जाता है। इस प्रक्रिया में शव के किडनी, लीवर, दिल, पेट के अंगों आदि का सैंपल लिया जाता है। इसे रासायनिक परीक्षण के पास भेजा जाता है। इसमें मौत के सही समय, अंगों के रंग, पेट में मिले खाद्य पदार्थों के अवशेष आदि से जानकारी जुटाई जाती है। इस रिपोर्ट से मौत की सही और सटीक वजह पता चलती है।
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जिले में पिछले छह महीने में ऐसी 26 मौतें हुईं, जिनमें मौत की वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट से स्पष्ट नहीं हो सकी। इसकी हकीकत जानने को विसरा लखनऊ महानगर स्थित विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा गया, लेकिन अब तक सिर्फ तीन मामलों की रिपोर्ट ही आ सकी है। जबकि, 23 घटनाओं में हुई मौत से पर्दा नहीं उठ सका है। इनमें कोतवाली रुदौली के सर्वाधिक पांच, कोतवाली नगर, पूराकलंदर, हैदरगंज व कुमारगंज थाना क्षेत्र के तीन-तीन, कोतवाली अयोध्या और कोतवाली बीकापुर के दो-दो, तारुन और बाबा बाजार थाना क्षेत्र के एक-एक मामलों की जांच रिपोर्ट अब तक लंबित है।
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मौत का कारण स्पष्ट न होने, जहर या किसी अन्य विषाक्त पदार्थ के सेवन से मौत होने, हत्या और दहेज हत्या का संदेह, बीमारी व जलने से मौत, करंट लगने, डूबकर हुई मौत आदि।
एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने बताया कि जिन मामलों में विसरा जांच के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजी जाती है, उनकी जांच साक्ष्यों, घटनास्थल के निरीक्षण व बयानों के आधार पर की जाती है। विसरा रिपोर्ट प्राप्त होने पर उसे विवेचना में शामिल करके वैधानिक कार्रवाई की जाती है।