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Ayodhya News: नहर की पटरी कटने से 50 बीघा फसल जलमग्न
Mon, 31 Aug 2026 10:33 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Mon, 31 Aug 2026 10:33 PM IST
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नहर कटने से स्कूल के आस-पास हुआ जलभराव
महबूबगंज। लालपुर बारा गांव के पास सोमवार दोपहर शारदा सहायक नहर से निकलने वाले पौसरा रजबाहा की पटरी अचानक कट गई। इससे नहर का पानी आसपास के खेतों में तेजी से भरने लगा। देखते ही देखते करीब 50 बीघा फसल जलमग्न हो गई। एचडी मेमोरियल स्कूल के चारों तरफ भी पानी भर गया। ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने नहर का पानी बंद कराया, जिसके बाद स्थिति नियंत्रित हुई।
पौसरा रजबाहा लालपुर बारा गांव से करीब 200 मीटर पश्चिम-उत्तर दिशा में उत्तरी पटरी पर पानी के रिसाव के कारण कटा। पानी का बहाव तेज होने से सीताराम, जयराम, भोला, सुरेश, खुशीराम, बाबूलाल, अरविंद, बंसीलाल, देवीलाल, ओमप्रकाश, रामसूरत, प्रकाश, शंकर, दयाराम और रामजन्म समेत कई किसानों की करीब 50 बीघा फसल पानी में डूब गई।
ग्रामीणों के मुताबिक, करीब एक माह पहले भी इसी स्थान पर नहर की पटरी से पानी का रिसाव हो रहा था। इसकी सूचना नहर विभाग को दी गई थी। विभाग ने मौके पर पहुंचकर रिसाव बंद करा दिया था, लेकिन पटरी की स्थायी मरम्मत नहीं कराई गई। सोमवार को उसी स्थान से दोबारा पानी रिसने लगा और कुछ ही देर में पटरी कट गई। पास में बह रहे नाले के रास्ते पानी करीब 500 मीटर दूर बह रही सरयू नदी की ओर जाने लगा। इससे ग्रामीण क्षेत्र में बड़ा संकट टल गया। ग्रामीणों का कहना है कि यदि पानी की निकासी नहीं होती तो लालपुर बारा गांव के साथ ही नेशनल हाईवे-31ए तक पानी पहुंचने का खतरा पैदा हो सकता था। नहर विभाग के जेई अंकित पांडेय ने बताया कि नहर की कटी पटरी को दुरुस्त कराया जा रहा है और करीब दो घंटे में मरम्मत का काम पूरा कर दिया गया।
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पौसरा रजबाहा लालपुर बारा गांव से करीब 200 मीटर पश्चिम-उत्तर दिशा में उत्तरी पटरी पर पानी के रिसाव के कारण कटा। पानी का बहाव तेज होने से सीताराम, जयराम, भोला, सुरेश, खुशीराम, बाबूलाल, अरविंद, बंसीलाल, देवीलाल, ओमप्रकाश, रामसूरत, प्रकाश, शंकर, दयाराम और रामजन्म समेत कई किसानों की करीब 50 बीघा फसल पानी में डूब गई।
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ग्रामीणों के मुताबिक, करीब एक माह पहले भी इसी स्थान पर नहर की पटरी से पानी का रिसाव हो रहा था। इसकी सूचना नहर विभाग को दी गई थी। विभाग ने मौके पर पहुंचकर रिसाव बंद करा दिया था, लेकिन पटरी की स्थायी मरम्मत नहीं कराई गई। सोमवार को उसी स्थान से दोबारा पानी रिसने लगा और कुछ ही देर में पटरी कट गई। पास में बह रहे नाले के रास्ते पानी करीब 500 मीटर दूर बह रही सरयू नदी की ओर जाने लगा। इससे ग्रामीण क्षेत्र में बड़ा संकट टल गया। ग्रामीणों का कहना है कि यदि पानी की निकासी नहीं होती तो लालपुर बारा गांव के साथ ही नेशनल हाईवे-31ए तक पानी पहुंचने का खतरा पैदा हो सकता था। नहर विभाग के जेई अंकित पांडेय ने बताया कि नहर की कटी पटरी को दुरुस्त कराया जा रहा है और करीब दो घंटे में मरम्मत का काम पूरा कर दिया गया।
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