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Auraiya News: यमुना का जलस्तर हुआ कम, लोगों को राहत
Sun, 29 Jun 2025 11:44 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Sun, 29 Jun 2025 11:44 PM IST
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अजीतमल। मध्य प्रदेश और राजस्थान में हुई बारिश से कोटा बैराज से 56 हजार क्यूसेक पानी छोड़ने से यमुना नदी का जलस्तर बढ़ गया था। अब फिलहाल जलस्तर में कमी दर्ज की गई है। इससे यमुना किनारे बसे गांव के लोगों को राहत मिली है।
कोटा बैराज से पिछले शनिवार को पांच-पांच फीट तक दो दरवाजे खोलकर 56 हजार क्यूसेक पानी नदी में छोड़ा गया था। इसके चलते चंबल का जलस्तर 105.14 से बढ़कर 113.57 मीटर हो गया। हालांकि चेतावनी का निशान 119.80 मीटर और खतरे का निशान 120.80 मीटर है।
चंबल के उफनाते ही यमुना नदी के जलस्तर में भी बढ़ोतरी हो गई थी। लगातार बाढ़ की आशंका से प्रशासन ने भी नदी के किनारे स्थित गांवों में निगरानी बढ़ा दी थी। दो दिनों से लगातार यमुना का जलस्तर घट रहा है। रविवार को यमुना का जलस्तर सामान्य पर आ गया। जिससे प्रशासन को भी राहत मिली है।
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एसडीएम निखिल राजपूत ने बताया कि यमुना का जलस्तर चार से पांच मीटर बढ़ा था। दो दिन से लगातार जलस्तर कम हो रहा है। लेखपालों को लगातार क्षेत्र में नजर रखने के लिए कहा गया है।
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कोटा बैराज से पिछले शनिवार को पांच-पांच फीट तक दो दरवाजे खोलकर 56 हजार क्यूसेक पानी नदी में छोड़ा गया था। इसके चलते चंबल का जलस्तर 105.14 से बढ़कर 113.57 मीटर हो गया। हालांकि चेतावनी का निशान 119.80 मीटर और खतरे का निशान 120.80 मीटर है।
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चंबल के उफनाते ही यमुना नदी के जलस्तर में भी बढ़ोतरी हो गई थी। लगातार बाढ़ की आशंका से प्रशासन ने भी नदी के किनारे स्थित गांवों में निगरानी बढ़ा दी थी। दो दिनों से लगातार यमुना का जलस्तर घट रहा है। रविवार को यमुना का जलस्तर सामान्य पर आ गया। जिससे प्रशासन को भी राहत मिली है।
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एसडीएम निखिल राजपूत ने बताया कि यमुना का जलस्तर चार से पांच मीटर बढ़ा था। दो दिन से लगातार जलस्तर कम हो रहा है। लेखपालों को लगातार क्षेत्र में नजर रखने के लिए कहा गया है।