औरैया जिले के दोहरे हत्याकांड में पुलिस हिरासत में आए आरोपी शोभाराम ने पुलिस के सामने अपना जुर्म कबूल किया। एसपी से बोला कि मैडम, पत्नी ने बेवफाई की, जब मैं सुखवेंद्र को मार रहा था। उसे बचाने के लिए पत्नी कई बार दौड़ी। बार-बार वह यही कह रही थी हाय मेरे राजा को मत मारो।
'बेवफाई की सजा मौत': प्रेमी को बचाने दौड़ी थी पत्नी, पति बोला- मारता नहीं तो मुझे मारे देते, पढ़ें पूरा माजरा
खाने में मिलाया नशीला पदार्थ
पुलिस हिरासत में शोभाराम ने बताया कि बुधवार शाम सात बजे के करीब वह घर पर काम करके लौटा था। जब घर आया तो पत्नी छत पर थी। वह स्वयं खाना निकाल कर खाने बैठा। इस पर पत्नी ने कहा खाने में नमक कुछ कम है। वह समझ नहीं पाया और पत्नी ने कुछ मिला दिया। खाना खाने के बाद से ही उसे नींद आने लगी।
मारता नहीं तो वो मुझे मारे देते
पत्नी और उसके प्रेमी की हत्या के बाद शोभाराम ने पुलिस को स्वयं जानकारी दी। कहा कि अब वह सुकून महसूस कर रहा है। पुलिस को बताया कि यदि वह सुखवेंद्र और पत्नी की हत्या न करता तो खुद मारा जाता। उसने पुलिस के सामने कहा कि पहले उसने सुखवेंद्र पर वार किया, तो वह बेहोश हो गया। इसके बाद पत्नी पर वार किया था।
सुखवेंद्र की हत्या के बाद परिजनों का बुरा हाल
सहायल थाना क्षेत्र के ताजपुर छौंक के मजरा नंदपुर के रहने वाले सुखवेंद्र की हत्या के बाद मां मीना देवी, पिता लायक सिंह व भाइयों कुलदीप, रिंकू का बुरा हाल रहा। परिवार के लोग उन्हें ढांढस बंधाते दिखे। सुखवेंद्र के पिता सहार थाने में होमगार्ड है और घटना वाली रात ड्यूटी पर थे।
पड़ोसियों ने संभाले रागिनी के बच्चे
रागिनी के तीन बच्चे हैं। बड़ी बेटी चांदनी (9) कुछ दिन पहले ही अपने ननिहाल कानपुर देहात के रसूलाबाद थाना क्षेत्र के गांव झकरगढ़ा गई है। रागिनी के साथ पांच वर्ष के बेटा देव व छह माह की बेटी एंजल थी। हत्या के बाद पति शोभरामा के गिरफ्तार हो जाने पर घर पर कोई नहीं रहा। इस पर पुलिस कर्मियों ने मृतका के मायके जानकारी देने के साथ ही दोनों बच्चों को पड़ोसियों को दिए। मायके वालों के आने तक पड़ोसी उनकी देखरेख करते रहे।