फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Auraiya News ›   When a complaint was made to the MNREGA Lokpal, the BDO sent a letter for legal action.When a complaint was made to the MNREGA Lokpal, the BDO sent a letter for legal action.

Auraiya News: मनरेगा लोकपाल से की शिकायत तो बीडीओ ने भेज दी विधिक कार्रवाई की चिट्ठी

Sat, 20 Dec 2025 11:47 PM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया Updated Sat, 20 Dec 2025 11:47 PM IST
विज्ञापन
When a complaint was made to the MNREGA Lokpal, the BDO sent a letter for legal action.When a complaint was made to the MNREGA Lokpal, the BDO sent a letter for legal action.
फोटो-25-भाग्यनगर स्थित ब्लॉक कार्यालय। संवाद - फोटो : 1
औरैया। विकास खंड भाग्यनगर की ग्राम पंचायत ऊमरसाना में मनरेगा कार्यों में भ्रष्टाचार की शिकायत पर बीडीओ ने जांच की थी। जांच में बीडीओ ने आरोप असत्य बताए तो शिकायतकर्ता ने दोबारा मनरेगा लोकपाल का दरवाजा खटखटाया।
विज्ञापन

बस फिर क्या था, इसकी जानकारी होते ही बीडीओ ने एक लंबी-चौड़ी चिट्ठी शिकायतकर्ता को भेज दी। इसमें विधिक कार्रवाई की धमकी भी दे डाली। ये चिट्ठी वायरल होने के बाद इसकी पूरे प्रशासन में चर्चा है।
विज्ञापन


ग्राम पंचायत ऊमरसाना निवासी शैलेंद्र कुमार ने तीन अक्तूबर 2025 को एक शिकायत मनरेगा लोकपाल रामलक्ष्मी से की थी। इसमें शिकायतकर्ता ने वित्तीय वर्ष 2023-24 से लेकर 2024-25 के बीच ग्राम पंचायत में मनरेगा से हुए इंटरलॉकिंग, नाली निर्माण, मजदूरी और समतलीकरण समेत आठ कार्यों को लेकर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। मनरेगा लोकपाल ने मामले की जांच के लिए शिकायत बीडीओ भाग्यनगर आदित्य तिवारी को भेजी दी। बीडीओ ने जांच के बाद शिकायत असत्य पाई।
विज्ञापन
विज्ञापन

इसके बाद शिकायतकर्ता ने जांच से असंतुष्ट होकर 15 नवंबर को मनरेगा लोकपाल से शिकायत की। इसमें उन्होंने आरोप लगाया कि बीडीओ ने उनके बताए गए कार्यों को देखने के बजाय पंचायत सचिव के बताए गए कार्यों को ही देखा। इसे लेकर उसने दोबारा जांच कराने की मांग की।
यह शिकायत भी मनरेगा लोकपाल ने बीडीओ को भेज दी। बस फिर क्या था बीडीओ ने शिकायतकर्ता को नौ दिसंबर को एक पत्र भेजकर विधिक कार्रवाई की धमकी दे डाली। इसमें उन्होंने लिखा कि शिकायतकर्ता के आरोप बेहद गंभीर प्रकृति के हैं, ऐसे में तीन दिन में अगर उन्होंने इसके साक्ष्य नहीं दिए तो विधिक कार्रवाई कर दी जाएगी।
उधर, पत्र मिलते ही शिकायतकर्ता परेशान हो गया। इसके बाद उसने जिलास्तरीय कई अधिकारियों का दरवाजा भी खटखटाया। उसकी केवल एक ही गुहार है कि केवल उसे बचा लिया जाए। मामला सभी के संज्ञान में आया, लेकिन सभी चुप्पी साधे हुए हैं। यहां तक कि विकास विभाग के बड़े अफसर भी बीडीओ के ऐसा किए जाने पर मौन हैं।

बीडीओ ही करते हैं मनरेगा का भुगतान तो कैसे दे दी जांच
ग्राम पंचायतों में कराए जाने वाले मनरेगा कार्यों का भुगतान बीडीओ द्वारा किया जाता है। ऐसे में अगर मनरेगा में भ्रष्टाचार की शिकायत की जांच बीडीओ को ही दे देना सवाल खड़े करता है। अगर यह जांच मनरेगा लोकपाल की तरफ से खुद की जाती तो शायद स्थिति स्पष्ट हो जाती।

बीडीओ बोले-शिकायतकर्ता के आरोप फर्जी मिले थे
मामले में बीडीओ आदित्य तिवारी का कहना है कि शिकायतकर्ता ने पूर्व ग्राम प्रधान के कार्यकाल में मनरेगा मजदूरी न दिए जाने की शिकायत की थी। जांच में यह साबित नहीं हो सका। कुछ अन्य कार्यों में फर्जीवाड़े की बात शिकायतकर्ता ने कही थी, जिस पर दोबारा लिखित शिकायत दर्ज कराने के लिए कहा गया था। जहां तक विधिक कार्रवाई का पत्र भेजने की बात है तो इसे उन्होंने अपना अधिकार बताया।


वर्जन
शिकायतकर्ता ने पूर्व में की गई जांच से असंतुष्ट होने की बात कही है। साथ ही दोबारा शिकायती पत्र दिया है। मौके पर जाकर शिकायत में बताए गए कार्यों की जांच की जाएगी। जांच रिपोर्ट में जो भी सामने आएगा, उससे उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जाएगा।
-रामलक्ष्मी, लोकपाल मनरेगा।
---
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed