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औरैयाःलाखों खर्च के बाद जलभराव, खुली व्यवस्था की पोल
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फोटो22एयूआरपी 09- नगर पालिका परिषद में भरे पानी से होकर गुजरता पालिका कर्मचारी। संवाद
- फोटो : AURAIYA
औरैया। जलनिकासी व साफ-सफाई के लिए नगर पालिका ने पिछले एक साल में लाखों रुपये पानी की तरह बहाए, लेकिन पहली ही बारिश ने व्यवस्था की पोल खोल कर रख दी। नाले व नालियां चोक होने से शहर के कई मोहल्लों व बाजार की सड़कों में जलभराव हो गया। दो दिन से हो रही बारिश से लोगों का बुरा हाल है।
नगर पालिका प्रशासन की ओर से शहर के सभी नाले-नालियों को कचरा मुक्त कराए जाने के किए जा रहे दावे की हकीकत एक बार फिर से हवा-हवाई साबित होती दिखी। गुरुवार सुबह लगभग साढ़े नौ बजे शुरू हुई झमाझम बारिश ने दोपहर तक शहर में चारों तरफ पानी ही पानी की स्थिति कर दी।
मजे की बात तो यह है कि शहर में जलनिकासी की कोई भी स्थायी व्यवस्था न होने से बरसात के दौरान पालिका परिसर में भी जबरदस्त जलभराव की स्थिति रहती है। इस कारण अपनी समस्याओं को लेकर पालिका आने-जाने वालों व कर्मचारियों को परिसर में भरे पानी से होकर निकलने को मजबूर होना पड़ता है। नालों के चोक होने से सड़कों पर पानी भरा होने के कारण लोगों को बहुत दिक्कत उठानी पड़ी।
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उधर संचारी रोग माह होने के दौरान भी साफ-सफाई को लेकर पालिका प्रशासन की ओर से किए गए इंतजामों की भी पोल खुल गई। जिसके कारण बजरिया, संकट मोचन मंदिर, गुरूहाई, रूहाई, पोरवाल कालोनी, होमगंज बाजार, गुमटी मोहाल, नरायनपुर, इंदिरा नगर नई बस्ती समेत लगभग एक दर्जन मोहल्लों में जल भराव की गंभीर हालत हो रही है।
ईओ नगर पालिका बलवीर सिंह ने कहा कि लगातार साफ-सफाई कराई जा रही है। जलनिकासी की कोई ठोस व्यवस्था न होने से बारिश के समय कुछ देर के लिए पानी सड़कों व नालों पर भर जाता है। बारिश बंद होने पर थोड़ी ही देर में निकल जाता है।
जलभराव से बीमारी फैलने का बढ़ा खतरा
दो दिन की बारिश से कई जगह पर जलभराव है, इससे मच्छर पनपने का खतरा बढ़ गया है। महावीरगंज के ब्रजेंद्र गुप्ता, नारायनपुर के पप्पू गुप्ता, अखिलेश सक्सेना आदि ने बताया कि दो दिन में जलभराव की स्थिति से हालात बदतर हो गए हैं। यही स्थिति रही तो जल्द ही बीमारियां फैलने लगेंगी।
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नगर पालिका प्रशासन की ओर से शहर के सभी नाले-नालियों को कचरा मुक्त कराए जाने के किए जा रहे दावे की हकीकत एक बार फिर से हवा-हवाई साबित होती दिखी। गुरुवार सुबह लगभग साढ़े नौ बजे शुरू हुई झमाझम बारिश ने दोपहर तक शहर में चारों तरफ पानी ही पानी की स्थिति कर दी।
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मजे की बात तो यह है कि शहर में जलनिकासी की कोई भी स्थायी व्यवस्था न होने से बरसात के दौरान पालिका परिसर में भी जबरदस्त जलभराव की स्थिति रहती है। इस कारण अपनी समस्याओं को लेकर पालिका आने-जाने वालों व कर्मचारियों को परिसर में भरे पानी से होकर निकलने को मजबूर होना पड़ता है। नालों के चोक होने से सड़कों पर पानी भरा होने के कारण लोगों को बहुत दिक्कत उठानी पड़ी।
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उधर संचारी रोग माह होने के दौरान भी साफ-सफाई को लेकर पालिका प्रशासन की ओर से किए गए इंतजामों की भी पोल खुल गई। जिसके कारण बजरिया, संकट मोचन मंदिर, गुरूहाई, रूहाई, पोरवाल कालोनी, होमगंज बाजार, गुमटी मोहाल, नरायनपुर, इंदिरा नगर नई बस्ती समेत लगभग एक दर्जन मोहल्लों में जल भराव की गंभीर हालत हो रही है।
ईओ नगर पालिका बलवीर सिंह ने कहा कि लगातार साफ-सफाई कराई जा रही है। जलनिकासी की कोई ठोस व्यवस्था न होने से बारिश के समय कुछ देर के लिए पानी सड़कों व नालों पर भर जाता है। बारिश बंद होने पर थोड़ी ही देर में निकल जाता है।
जलभराव से बीमारी फैलने का बढ़ा खतरा
दो दिन की बारिश से कई जगह पर जलभराव है, इससे मच्छर पनपने का खतरा बढ़ गया है। महावीरगंज के ब्रजेंद्र गुप्ता, नारायनपुर के पप्पू गुप्ता, अखिलेश सक्सेना आदि ने बताया कि दो दिन में जलभराव की स्थिति से हालात बदतर हो गए हैं। यही स्थिति रही तो जल्द ही बीमारियां फैलने लगेंगी।

ोटो22एयूआरपी 10- रूहाई मोहल्ले में सड़क पर भरा बरसात का पानी। संवाद- फोटो : AURAIYA