{"_id":"630525e424ec64761a1b6279","slug":"water-released-from-kota-barrage-water-level-of-yamuna-increased-again-auraiya-news-knp714294464","type":"story","status":"publish","title_hn":"औरैयाः कोटा बैराज से छोड़ा गया पानी, यमुना का फिर बढ़ा जलस्तर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
औरैयाः कोटा बैराज से छोड़ा गया पानी, यमुना का फिर बढ़ा जलस्तर
विज्ञापन
यमुना नदी में बढ़ रहे जल स्तर से पानी का रंग हुआ मटमैला। संवाद
- फोटो : AURAIYA
औरैया। राजस्थान के कोटा बैराज से छोड़े गए 10 लाख क्यूसेक पानी ने यमुना नदी के पानी में हलचल पैदा कर दी है। मंगलवार शाम पांच बजे जलस्तर 108.92 मीटर दर्ज हुआ। इस बार पानी के खतरे के निशान के पार होने की संभावनाएं जताईं जा रहीं हैं। इसे लेकर जिला प्रशासन अलर्ट हो गया है।
पिछले सप्ताह बढ़ा जलस्तर काफी कम हो गया था। इससे यमुना किनारे बसे गांव के लोगों के साथ प्रशासन ने भी राहत महसूस की थी। इधर, सोमवार को छोड़े गए 10 लाख क्यूसेक पानी ने शेरगढ़ घाट स्थित यमुना नदी के पानी में बढ़त बनानी शुरू कर दी है। मंगलवार सुबह लगभग आठ बजे जलस्तर जहां 106.22 मीटर था, वो शाम पांच बजे बढ़कर 108.92 मीटर पर जा पहुंचा।
केंद्रीय जल आयोग कर्मचारियों के मुताबिक, यमुना नदी में पानी हर घंटे 35 से 40 सेमी बढ़ रहा है। यही हाल रहा तो बुधवार सुबह पानी चेतावनी बिंदु 112 मीटर पर पहुंचने की संभावना है। यही नहीं कर्मचारी खतरे का निशान 113 मीटर पार होने के साथ ही इस बार पानी के 115 मीटर पर पहुंचने की भी संभावना जता रहे हैं। यदि ऐसा हुआ तो यमुना नदी किनारे बसे गांवों के लोगों को बाढ़ की समस्या का सामना करना पड़ सकता है।
विज्ञापन
एडीएम रेखा एस. चौहान ने कहा कि जिला प्रशासन ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। ग्रामीणों को पहले ही सतर्क किया जा चुका है। इसके साथ ही बाढ़ से हर बार प्रभावित होने वाले गांवों में नाविकों को भी अलर्ट कर दिया गया है। बाढ़ चौकियां पहले ही बनाई जा चुकीं हैं। जिससे जरूरत पड़ने पर ग्रामीणों को सुरक्षित ऊंचे स्थानों पर पहुंचाया जा सके। फिलहाल जिला प्रशासन बढ़ रहे जलस्तर पर पूरी निगाह बनाए है।
विज्ञापन
पिछले सप्ताह बढ़ा जलस्तर काफी कम हो गया था। इससे यमुना किनारे बसे गांव के लोगों के साथ प्रशासन ने भी राहत महसूस की थी। इधर, सोमवार को छोड़े गए 10 लाख क्यूसेक पानी ने शेरगढ़ घाट स्थित यमुना नदी के पानी में बढ़त बनानी शुरू कर दी है। मंगलवार सुबह लगभग आठ बजे जलस्तर जहां 106.22 मीटर था, वो शाम पांच बजे बढ़कर 108.92 मीटर पर जा पहुंचा।
विज्ञापन
केंद्रीय जल आयोग कर्मचारियों के मुताबिक, यमुना नदी में पानी हर घंटे 35 से 40 सेमी बढ़ रहा है। यही हाल रहा तो बुधवार सुबह पानी चेतावनी बिंदु 112 मीटर पर पहुंचने की संभावना है। यही नहीं कर्मचारी खतरे का निशान 113 मीटर पार होने के साथ ही इस बार पानी के 115 मीटर पर पहुंचने की भी संभावना जता रहे हैं। यदि ऐसा हुआ तो यमुना नदी किनारे बसे गांवों के लोगों को बाढ़ की समस्या का सामना करना पड़ सकता है।
विज्ञापन
एडीएम रेखा एस. चौहान ने कहा कि जिला प्रशासन ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। ग्रामीणों को पहले ही सतर्क किया जा चुका है। इसके साथ ही बाढ़ से हर बार प्रभावित होने वाले गांवों में नाविकों को भी अलर्ट कर दिया गया है। बाढ़ चौकियां पहले ही बनाई जा चुकीं हैं। जिससे जरूरत पड़ने पर ग्रामीणों को सुरक्षित ऊंचे स्थानों पर पहुंचाया जा सके। फिलहाल जिला प्रशासन बढ़ रहे जलस्तर पर पूरी निगाह बनाए है।

बढ़ रहे जल स्तर की नापजोख करते केंद्रीय जल आयोग कर्मचारी। संवाद- फोटो : AURAIYA