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Auraiya News: कोटा बैराज से छोड़ा पानी गांवों में घुसा, यमुना उफनाई
Sun, 24 Aug 2025 11:56 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Sun, 24 Aug 2025 11:56 PM IST
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फोटो 24 एयूआरपी 18 सिकरौड़ी में शमशान घाट तक पहुंचा पानी। संवाद
अजीतमल। चंबल नदी में कोटा बैराज से पानी छोड़े जाने से यमुना नदी एक बार फिर से बाढ़ की दहलीज पर आ गई है। चंबल में कोटा बैराज से करीब चार लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
हालांकि जलस्तर अभी खतरे के निशान से चार मीटर नीचे है, लेकिन बाढ़ का पानी नदी की तलहटी में बसे गांवों तक पहुंच गया है। हालात यह हैं कि गौहानी कलां गांव की पुलिया पानी आने से डूब गई है। इससे आवागमन बंद हो गया है।
उधर सिकरोड़ी का श्मशान घाट भी पानी से घिर गया है। रविवार को एसडीएम ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। उन्होंने स्थानीय लोगों से सजग रहने की अपील की है।
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राजस्थान के कोटा बैराज से चंबल नदी में चार लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। यह पानी चंबल नदी से होते हुए पचनद में यमुना नदी की धार का हिस्सा बन गया है। छोड़े गए पानी से शनिवार रात से ही यमुना नदी का जलस्तर बढ़ना शुरू हो गया था।
रविवार सुबह गौहानी कलां गांव के बाहर रपटा मार्ग की पुलिया तक पानी पहुंच गया। इससे गांव का संपर्क कट गया। प्रशासन ने यहां आवागमन के लिए नाव की व्यवस्था कराई है। सिकरोड़ी में भी श्मशान घाट तक पानी पहुंच गया है। इससे यमुना तलहटी के गांवों में एक बार फिर से बाढ़ का खतरा मड़राने लगा है।
सुबह से लगातार जलस्तर बढ़ रहा है। कई गांवों में यमुना का पानी खेतों तक पहुंच गया है। किसानों को अपनी फसलों के नुकसान की चिंता सता रही है। पिछली दिनों आई बाढ़ की तबाही याद कर ग्रामीण परेशान हैं। जलस्तर लगातार बढ़ने से सिकरोड़ी, गौहानी कलां, गौहानी खुर्द, जाजपुर, असेवटा, असेबा, जुहीखा, बडेरा, गूंज ततारपुर व बबाइन आदि गांव के लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी उठानी पड़ सकती है।
बाढ़ की स्थिति देखते हुए एसडीएम निखिल राजपूत, तहसीलदार अविनाश कुमार व नायब तहसीलदार प्रतिभा पाल ने गौहानी कलां, सिकरोड़ी, बडेरा, गूंज व ततारपुर आदि गांवों के लोगों से मुलाकात कर चौपाल लगाई।
एसडीएम ने बताया कि यमुना का जलस्तर 109 मीटर पर पहुंचा है। यह खतरे के निशान से चार मीटर नीचे हैं। गौहानी कलां के मार्ग पर एक नाव का इंतजाम कर दिया गया है। हालांकि सोमवार से जलस्तर कम होने की संभावना है।
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हालांकि जलस्तर अभी खतरे के निशान से चार मीटर नीचे है, लेकिन बाढ़ का पानी नदी की तलहटी में बसे गांवों तक पहुंच गया है। हालात यह हैं कि गौहानी कलां गांव की पुलिया पानी आने से डूब गई है। इससे आवागमन बंद हो गया है।
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उधर सिकरोड़ी का श्मशान घाट भी पानी से घिर गया है। रविवार को एसडीएम ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। उन्होंने स्थानीय लोगों से सजग रहने की अपील की है।
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राजस्थान के कोटा बैराज से चंबल नदी में चार लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। यह पानी चंबल नदी से होते हुए पचनद में यमुना नदी की धार का हिस्सा बन गया है। छोड़े गए पानी से शनिवार रात से ही यमुना नदी का जलस्तर बढ़ना शुरू हो गया था।
रविवार सुबह गौहानी कलां गांव के बाहर रपटा मार्ग की पुलिया तक पानी पहुंच गया। इससे गांव का संपर्क कट गया। प्रशासन ने यहां आवागमन के लिए नाव की व्यवस्था कराई है। सिकरोड़ी में भी श्मशान घाट तक पानी पहुंच गया है। इससे यमुना तलहटी के गांवों में एक बार फिर से बाढ़ का खतरा मड़राने लगा है।
सुबह से लगातार जलस्तर बढ़ रहा है। कई गांवों में यमुना का पानी खेतों तक पहुंच गया है। किसानों को अपनी फसलों के नुकसान की चिंता सता रही है। पिछली दिनों आई बाढ़ की तबाही याद कर ग्रामीण परेशान हैं। जलस्तर लगातार बढ़ने से सिकरोड़ी, गौहानी कलां, गौहानी खुर्द, जाजपुर, असेवटा, असेबा, जुहीखा, बडेरा, गूंज ततारपुर व बबाइन आदि गांव के लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी उठानी पड़ सकती है।
बाढ़ की स्थिति देखते हुए एसडीएम निखिल राजपूत, तहसीलदार अविनाश कुमार व नायब तहसीलदार प्रतिभा पाल ने गौहानी कलां, सिकरोड़ी, बडेरा, गूंज व ततारपुर आदि गांवों के लोगों से मुलाकात कर चौपाल लगाई।
एसडीएम ने बताया कि यमुना का जलस्तर 109 मीटर पर पहुंचा है। यह खतरे के निशान से चार मीटर नीचे हैं। गौहानी कलां के मार्ग पर एक नाव का इंतजाम कर दिया गया है। हालांकि सोमवार से जलस्तर कम होने की संभावना है।