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Auraiya News: एमआरएफ सेंटर फिर भी सड़क पर जल रहा कूड़ा

Tue, 27 Oct 2026 01:00 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 27 Oct 2026 01:00 AM IST
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Waste is still being burned on the road near the MRF center.
फोटो-24- एमआरएफ सेंटर में धूल खाती मशीनें। संवाद
औरैया। शहर के 25 वार्डों से प्रतिदिन 20 एमटी कूड़ा निकलता है, जो जालौन रोड किनारे डंप हो रहा है। आठ माह से तैयार एमआरएफ सेंटर के बावजूद कूड़ा निस्तारण की प्रक्रिया ठप है। बिधूना नगर पंचायत का भी यही हाल है, जहां कूड़ा तहसील के पीछे मैदान में डंप किया जा रहा है।खुले में पड़े इस कूड़े में अक्सर आग लगने से जहरीला धुआं उठता है। यह धुआं पर्यावरण को प्रदूषित कर रहा है और दमा रोगियों के लिए जानलेवा है।
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राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के मानकों के अनुसार, कूड़े का निस्तारण होना चाहिए। नगर पालिका परिषद ने एक साल पहले जालौन रोड पर एमआरएफ सेंटर की आधारशिला रखी थी। भवन निर्माण और मशीनें लगने के बाद बिजली कनेक्शन के लिए तीन माह तक जद्दोजहद चली। डेढ़ माह पहले कनेक्शन मिलने के बावजूद पालिका इसका संचालन शुरू नहीं करा सकी है।
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बिधूना में 21 किलोमीटर दूर हरदू ग्राम पंचायत में एमआरएफ सेंटर बना है। कस्बे के 15 वार्डों से प्रतिदिन आठ एमटी कूड़ा निकलता है। इस कूड़े को 21 किलोमीटर दूर सेंटर तक पहुंचाना महंगा और चुनौतीपूर्ण है। सेंटर तक पहुंचने के लिए पक्का रास्ता भी नहीं है। एक करोड़ 20 लाख रुपये से तैयार यह सेंटर अनुपयोगी साबित हो रहा है।
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ईओ ने आठ माह पहले दर्ज कराई थी रिपोर्ट
शहर के एमआरएफ सेंटर के निर्माण के दौरान करीब आठ माह पहले जालौन रोड किनारे कूड़े के ढेरों में बड़ी आग लगी थी। दमकल टीम ने पहुंचकर आग पर काबू पाया था। शरारती तत्वों की इस हरकत से काफी नाराजगी हुई थी। तत्कालीन ईओ रामआसरे कमल ने सदर कोतवाली में रिपोर्ट भी दर्ज कराई थी। बावजूद कूड़े में आग लगने और धुंआ उठने का सिलसिला थम नहीं सका है।
सेंटर की अधूरी सड़क से बारिश में बंद हो जाता रास्ता
बिधूना क्षेत्र के गांव हरदू में बने एमआरएफ सेंटर तक जाने वाली सड़क का निर्माण अब तक पूरा नहीं हुआ है। कुछ दूरी तक गिट्टी डालकर काम कराया गया, लेकिन वन विभाग की जमीन होने के कारण आगे सड़क बनाने में बाधा आ गई। बताते हैं कि वन विभाग के कर्मचारियों की आपत्ति के बाद ठेकेदार काम पूरा नहीं कर सका। बारिश होने पर सेंटर तक वाहनों का पहुंचना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में वहां नियमित रूप से कूड़ा पहुंचाना चुनौती बना हुआ है।
स्थानीय स्तर पर कूड़ा हटाने की हो चुकी मांग
बिधूना कस्बे के 15 वार्डों से रोजाना करीब आठ मीट्रिक टन कूड़ा निकलता है। तहसील के पीछे बना कूड़ा यार्ड भरने के बाद आसपास खुले स्थान पर भी कूड़ा डाला जा रहा है। इस संबंध में विद्यार्थी परिषद व आईटीआई कॉलेज के प्रधानाचार्य ने शिकायत भी दर्ज कराई थी। वहीं तहसील के पीछे रजिस्ट्रार ऑफिस बनने को लेकर जल्द कूड़ा हटने की तैयारी बनी थी।

वर्जन
एमआरएफ सेंटर का संचालन जल्द शुरू कराया जाएगा। इसके लिए तैयारी बना ली गई है। कूड़े के ढेरों में लगी आग बुझा दी गई है।-अनूप गुप्ता, पालिकाध्यक्ष
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बिधूना कस्बे से दूर एमआरएफ सेंटर तक कूड़ा पहुंचाने में अधिक खर्च आता है। इसके लिए बड़े वाहन खरीदे गए हैं। वन विभाग की जमीन के कारण सड़क निर्माण अधूरा है। डीएम को पत्र भेजकर अनुमति मांगी जाएगी। सड़क बनने के बाद वाहनों की आवाजाही आसान होगी और सेंटर को स्थायी रूप से चालू कराने का प्रयास किया जाएगा।- आदर्श कुमार मिश्रा, नगर पंचायत अध्यक्ष बिधूना

फोटो-24- एमआरएफ सेंटर में धूल खाती मशीनें। संवाद

फोटो-24- एमआरएफ सेंटर में धूल खाती मशीनें। संवाद

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