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Auraiya News: पराली जलाएं नहीं... एफपीओ के जरिए कंपनी में बेच दें
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औरैया। धान की पराली को अब न जलाना होगा और न ही फेंकना होगा। ये बेकार नहीं उपयोगी है। या तो पराली को खेत में सड़ाकर खाद बनाएं। या फिर एफपीओ के जरिये कंपनी को देकर रुपये पाएं। इसे समझाने के लिए कृषि विभाग के अधिकारी इस नवाचार को आम के आम गुठलियों के दाम बता रहे हैं। गांव-गांव यह संदेश पहुंचाने के लिए सोमवार को उप कृषि निदेशक दुर्गेश सिंह ने प्रचार वाहन भी रवाना किया।
इन दिनों धान की कटाई जोरों पर चल रही है। खेत में हार्वेस्टर अपने पीछे पराली छोड़ रही है। किसान पराली न जलाएं इसे लेकर सैटेलाइट के जरिये नजर भी रखी जा रही है। कृषि से लेकर राजस्व विभाग के कर्मी आग की घटनाओं को लेकर निरीक्षण भी कर रहे हैं। इस सब के बीच सोमवार को पराली प्रबंधन को लेकर जागरूकता वाहन को ग्रामीण क्षेत्रों के लिए रवाना किया गया।
इसके जरिये किसानों को पराली से मिट्टी में जीवांश की वृद्धि करने की उपयोगिता व तरीके समझाए जाएंगे। इसके अलावा पराली को एकत्रित कर बिक्री करने के विकल्प भी समझाए जाएंगे। किसान अपने खेत में पराली को एकत्रित कर धुपकरी के एफपीओ से संपर्क करते हुए एक कंपनी को पराली बिक्री कर सकते हैं।
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इसके लिए मुरादगंज के पास चपटा में बनी वेदांत एग्रोटेक कंपनी से एफपीओ ने दो हजार एमटी पराली मुहैया कराने के अनुबंध भी किया है। इस कंपनी में पराली को ईंधन के तौर पर प्रयोग किया जाएगा। इस कंपनी में आलू का पाउडर तैयार किया जाएगा। कृषि विभाग ने पराली प्रबंधन को लेकर गांव-गांव चौपाल की भी तैयारी बनाई है।
वर्जन-- -
पराली प्रबंधन के लिए प्रचार वाहन को रवाना किया गया है। किसान पराली से खेत की उर्वरा शक्ति बढ़ा सकते हैं। इसके अलावा धुपकरी एफपीओ को पराली बिक्री भी कर सकते हैं। पराली जलाने से प्रदूषण बढ़ता है।-दुर्गेश सिंह, उप कृषि निदेशक
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इन दिनों धान की कटाई जोरों पर चल रही है। खेत में हार्वेस्टर अपने पीछे पराली छोड़ रही है। किसान पराली न जलाएं इसे लेकर सैटेलाइट के जरिये नजर भी रखी जा रही है। कृषि से लेकर राजस्व विभाग के कर्मी आग की घटनाओं को लेकर निरीक्षण भी कर रहे हैं। इस सब के बीच सोमवार को पराली प्रबंधन को लेकर जागरूकता वाहन को ग्रामीण क्षेत्रों के लिए रवाना किया गया।
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इसके जरिये किसानों को पराली से मिट्टी में जीवांश की वृद्धि करने की उपयोगिता व तरीके समझाए जाएंगे। इसके अलावा पराली को एकत्रित कर बिक्री करने के विकल्प भी समझाए जाएंगे। किसान अपने खेत में पराली को एकत्रित कर धुपकरी के एफपीओ से संपर्क करते हुए एक कंपनी को पराली बिक्री कर सकते हैं।
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इसके लिए मुरादगंज के पास चपटा में बनी वेदांत एग्रोटेक कंपनी से एफपीओ ने दो हजार एमटी पराली मुहैया कराने के अनुबंध भी किया है। इस कंपनी में पराली को ईंधन के तौर पर प्रयोग किया जाएगा। इस कंपनी में आलू का पाउडर तैयार किया जाएगा। कृषि विभाग ने पराली प्रबंधन को लेकर गांव-गांव चौपाल की भी तैयारी बनाई है।
वर्जन
पराली प्रबंधन के लिए प्रचार वाहन को रवाना किया गया है। किसान पराली से खेत की उर्वरा शक्ति बढ़ा सकते हैं। इसके अलावा धुपकरी एफपीओ को पराली बिक्री भी कर सकते हैं। पराली जलाने से प्रदूषण बढ़ता है।-दुर्गेश सिंह, उप कृषि निदेशक