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जागरूकता का अभाव, अफवाहों ने रोके ग्रामीणों के कदम
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औरैया। कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए चलाए जा रहे टीकाकरण अभियान में ग्रामीण क्षेत्र के लोगों की सहभागिता कम देखने को मिल रही है। अफवाहों के कारण वह टीका लगवाने से कतरा रहे हैं। वह यह नहीं समझ पा रहे हैं कि वैक्सीन लगवाने से कोई परेशानी नहीं होगी।
टीकाकरण अभियान में 45 साल से अधिक आयु के लोगों की संख्या कम हैं। ऐसे लोगों को जागरूक करने के लिए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और निगरानी समितियां प्रयासरत हैं। इसके बावजूद टीकाकरण कराने लोग नहीं पहुंच पा रहे हैं। निगरानी समितियां ऐसे लोगों को समझा भी नहीं पा रही हैं। समितियों और ग्रामीणों के बीच विवाद भी सामने आने लगे हैं। वहीं कुछ क्षेत्रों के ग्रामीणों का कहना है कि उनके पास बडे़ फोन नहीं हैं। हो सकता है उनके आगे आने से टीकाकरण कराने वालों की संख्या बढ़े।
गांव जैतापुर निवासी ग्रामीण सोबरन सिंह यादव ने बताया कि चर्चा है कि टीकाकरण के 15 से 20 दिनों बाद बुखार आता है। यदि बुखार पर डॉक्टर नियंत्रण न कर सका तो व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है। जिसके कारण लोग सहमे हैं। यही कारण कि टीकाकरण कराने में लोग आगे नहीं आ रहे हैं।
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गांव मिर्जापुर निवासी प्रमोद कुमार ने बताया कि निगरानी समिति और अधिकारी उन्हें समझाने तो आए। लेकिन ग्रामीणों ने जब सवाल किए तो अधिकारी उनके जवाब भी न दे सके। जिससे ग्रामीण संतुष्ट नहीं थे। अधिकारी भी इतना कह रहे हैं कि टीकाकरण से कोई दिक्कत नहीं हैं। किसी-किसी को ही बुखार आता है और ठीक हो जाता है और कहते हैं आगे संक्रमण से बचना है तो टीका लगवाएं।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. अर्चना श्रीवास्तव ने बताया कि ग्रामीणों को जागरूक करने के लिए लगातार विभागीय अधिकारी और टीमें ग्रामीण क्षेत्रों में सक्रिय हैं। यहां तक कि गांव-गांव में शिविर लगाए जा रहे हैं। शिविर में लोगों से अपील की जा रही है कि वह अफवाहों में न पड़ें।
रेहड़ी वाले भी नहीं पहुंचे वैक्सीन लगवाने
औरैया। रेहड़ी दुकानदारों के लिए शहर स्थित शहीद पार्क में वर्क प्लेस सीवीसी द्वारा सोमवार को शिविर लगाया गया। दोपहर दो बजे तक यहां एक भी रेहड़ी दुकानदार टीकाकरण कराने नहीं पहुंचा। अधिकारियों को जब टीकाकरण शून्य की जानकारी मिली तो उन्होंने समझाने का प्रयास किया पर असर नहीं दिखा।
ये है अब तक की स्थिति
- जिले में कुल 93547 ने लगाई अभी तक पहली डोज।
- 26926 ने लगवाई दूसरी डोज।
- हेल्थ वर्करों में 4565 ने पहली और 4057 ने दूसरी डोज लगवाई।
- फ्रंट लाइन वर्करों में 4977 ने पहली और 4553 ने दूसरी डोज लगवाई।
- 60 से अधिक आयु के 32249 ने पहली और 10987 ने दूसरी डोज लगवाई।
- 45 से अधिक आयु के 37380 ने पहली और 7329 ने दूसरी डोज लगवाई।
- एक जून से शुरू हुए विशेष टीकाकरण अभियान में 18 से 44 साल के 14376 ने पहली डोज लगवाई है।
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टीकाकरण अभियान में 45 साल से अधिक आयु के लोगों की संख्या कम हैं। ऐसे लोगों को जागरूक करने के लिए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और निगरानी समितियां प्रयासरत हैं। इसके बावजूद टीकाकरण कराने लोग नहीं पहुंच पा रहे हैं। निगरानी समितियां ऐसे लोगों को समझा भी नहीं पा रही हैं। समितियों और ग्रामीणों के बीच विवाद भी सामने आने लगे हैं। वहीं कुछ क्षेत्रों के ग्रामीणों का कहना है कि उनके पास बडे़ फोन नहीं हैं। हो सकता है उनके आगे आने से टीकाकरण कराने वालों की संख्या बढ़े।
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गांव जैतापुर निवासी ग्रामीण सोबरन सिंह यादव ने बताया कि चर्चा है कि टीकाकरण के 15 से 20 दिनों बाद बुखार आता है। यदि बुखार पर डॉक्टर नियंत्रण न कर सका तो व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है। जिसके कारण लोग सहमे हैं। यही कारण कि टीकाकरण कराने में लोग आगे नहीं आ रहे हैं।
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गांव मिर्जापुर निवासी प्रमोद कुमार ने बताया कि निगरानी समिति और अधिकारी उन्हें समझाने तो आए। लेकिन ग्रामीणों ने जब सवाल किए तो अधिकारी उनके जवाब भी न दे सके। जिससे ग्रामीण संतुष्ट नहीं थे। अधिकारी भी इतना कह रहे हैं कि टीकाकरण से कोई दिक्कत नहीं हैं। किसी-किसी को ही बुखार आता है और ठीक हो जाता है और कहते हैं आगे संक्रमण से बचना है तो टीका लगवाएं।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. अर्चना श्रीवास्तव ने बताया कि ग्रामीणों को जागरूक करने के लिए लगातार विभागीय अधिकारी और टीमें ग्रामीण क्षेत्रों में सक्रिय हैं। यहां तक कि गांव-गांव में शिविर लगाए जा रहे हैं। शिविर में लोगों से अपील की जा रही है कि वह अफवाहों में न पड़ें।
रेहड़ी वाले भी नहीं पहुंचे वैक्सीन लगवाने
औरैया। रेहड़ी दुकानदारों के लिए शहर स्थित शहीद पार्क में वर्क प्लेस सीवीसी द्वारा सोमवार को शिविर लगाया गया। दोपहर दो बजे तक यहां एक भी रेहड़ी दुकानदार टीकाकरण कराने नहीं पहुंचा। अधिकारियों को जब टीकाकरण शून्य की जानकारी मिली तो उन्होंने समझाने का प्रयास किया पर असर नहीं दिखा।
ये है अब तक की स्थिति
- जिले में कुल 93547 ने लगाई अभी तक पहली डोज।
- 26926 ने लगवाई दूसरी डोज।
- हेल्थ वर्करों में 4565 ने पहली और 4057 ने दूसरी डोज लगवाई।
- फ्रंट लाइन वर्करों में 4977 ने पहली और 4553 ने दूसरी डोज लगवाई।
- 60 से अधिक आयु के 32249 ने पहली और 10987 ने दूसरी डोज लगवाई।
- 45 से अधिक आयु के 37380 ने पहली और 7329 ने दूसरी डोज लगवाई।
- एक जून से शुरू हुए विशेष टीकाकरण अभियान में 18 से 44 साल के 14376 ने पहली डोज लगवाई है।