{"_id":"65ce62fe92f178503902f1a4","slug":"unpaved-road-hinders-completion-of-tourism-project-auraiya-news-c-211-1-aur1002-108665-2024-02-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Auraiya News: पर्यटन प्रोजेक्ट को पूरा करने में कच्ची सड़क का रोड़ा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Auraiya News: पर्यटन प्रोजेक्ट को पूरा करने में कच्ची सड़क का रोड़ा
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
औरैया। ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी-4 के लिए 112 एमओयू में पर्यटन विभाग की ओर से एकमात्र प्रोजेक्ट ‘झूमके कैंपिंग एंड वाॅटर स्पोर्ट्स एडवेंचर’ लांच किया गया है। अभी इस प्रोजेक्ट को सफल होने में यहां जाने वाले कच्चे रास्ते को पक्का कराने का रोड़ा है। इसके लिए प्रशासन से आस है।
सूब में एक मात्र स्थान जुहीखा है जहां झूमके कैंपिंग की ओर से यमुना के पानी व रेत से जुड़ी एक्टीविटी को कराया जा रहा है। यहां सेंड एक्टीविटी व एटीवी बाइकिंग भी कराई जा रही है। ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी में पर्यटन विभाग के इस प्रोजेक्ट को भी लांच किया जाएगा। धीरे-धीरे यह स्पोर्ट्स प्रसिद्ध हो रहा है। खासतौर पर युवा पानी व रेत से जुड़ी एक्टीविटी और एडवेंचर की ओर ज्यादा आकर्षित हो रहे हैं।
चार करोड़ से साइन हुए इस एमओयू को रफ्तार मिली तो यहां आसपास बसे गांवों के दिन भी बहुर जाएंगे। बीहड़ की पहचान जहां पहले डाकुओं की बंदूक से निकली गोलियों की आवाज से जानी जाती थी, वही अब एडवेंचर स्पोर्ट्स के लिए भी जानी जाएगी। यहां महज भीखेपुर-जुहीखा रोड से 500 मीटर कच्चे रास्ते से लोगों का पहुंचना होता है। इसे पक्का कराने से लोगों को पहुंचने में आसानी होगी।
विज्ञापन
इस प्रोजेक्ट के आधिकारिक मालिक अजय कुमार बताते हैं कि उत्तराखंड में उन्होंने एडवेंचर स्पोर्ट्स का काम चार साल पहले शुरू किया था। बीहड़ से लगाव व मूल निवासी होने के चलते इस उपक्रम को जुहीखा में शुरू कराया। यहां महज रास्ते की समस्या आने वाले लोगों को परेशान करती है। जिले के प्रशासनिक अधिकारी यहां आकर मनोरंजन का हिस्सा बन चुके हैं। इससे काफी मदद मिली है।
जुहीखा नदी के पुल से नहीं है रास्ता
झूमके कैंपिंग प्रोजेक्ट से 50 मीटर की दूरी पर जुहीखा नदी का पुल है। यहां से रास्ता मिल जाए तो प्रोजेक्ट को काफी रफ्तार मिलेगी। इसे लेकर पर्यटन विभाग के प्रमुख सचिव को भी पत्र लिखा गया था। गांवों से होकर आने वाली कच्ची सड़क को पक्का कराया जाए। इससे वाहन आसानी से आ जा सकें। लोगों का रुझान यहां काफी बढ़ा है। महज इस समस्या के दूर हो जाने से उपक्रम को सहूलियत मिल जाएगी।
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -
झूमके प्रोजेक्ट में ये होती हैं एक्टीविटी (प्रदेश में एक मात्र जगह जुहीखा जहां पनपी यह व्यवस्था)
कैंपिंग- राजस्थान की तर्ज पर डोम कैंप, नाइट स्टे, पार्टी करें, खास कर बच्चों की छुट्टी होने पर यहां आनंद उठाया जा सकता है।
सेंड एक्टीविटी- सेंड आर्ट, सेंड बाथ, सेंड मसाज
एटीवी बाइकिंग- रेत में बाइकिंग
माइक्रो राफ्टिंग पानी
सेंड जोर्विंग वाल
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -
यमुना नदी के किनारा, अद्भुत छटा के बीच संवरता बीहड़
पर्यटन विभाग के जानकारों के मुताबिक जुहीखा से लेकर पचनद तक इस तरह के एडवेंचर एक्टीविटी आगामी दिनों में बढ़ेगी। अभी पांच एकड़ की जमीन पर यह प्रोजेक्ट चल रहा है। बीहड़ के गांवों में इस उद्योग के संचालन से गांवों के दिन भी बहुरेंगे। संबंधित व्यवसायों को भी रफ्तार मिलेगी। खास बात यह है कि इस प्रोजेक्ट में रोजगार भी मिलेगा। फिलहाल ग्रामीण क्षेत्र के 10 लोगों को यहां रोजगार मिला है।
-- -- -- -- -- -- -- -- --
जल्द दूर होगी खामी
जुहीखा यमुना नदी पुल समीप संचालित एडवेंचर प्रोजेक्ट जिले के लिए अच्छी पहल है। यहां पहुंचने के लिए रास्ते की समस्या संज्ञान में है। जिसका निराकरण जल्द कराया जाएगा। ग्राम पंचायत स्तर से इस खामी को दूर कराने का प्रयास है।
-नेहा प्रकाश, जिलाधिकारी औरैया।
विज्ञापन
औरैया। ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी-4 के लिए 112 एमओयू में पर्यटन विभाग की ओर से एकमात्र प्रोजेक्ट ‘झूमके कैंपिंग एंड वाॅटर स्पोर्ट्स एडवेंचर’ लांच किया गया है। अभी इस प्रोजेक्ट को सफल होने में यहां जाने वाले कच्चे रास्ते को पक्का कराने का रोड़ा है। इसके लिए प्रशासन से आस है।
सूब में एक मात्र स्थान जुहीखा है जहां झूमके कैंपिंग की ओर से यमुना के पानी व रेत से जुड़ी एक्टीविटी को कराया जा रहा है। यहां सेंड एक्टीविटी व एटीवी बाइकिंग भी कराई जा रही है। ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी में पर्यटन विभाग के इस प्रोजेक्ट को भी लांच किया जाएगा। धीरे-धीरे यह स्पोर्ट्स प्रसिद्ध हो रहा है। खासतौर पर युवा पानी व रेत से जुड़ी एक्टीविटी और एडवेंचर की ओर ज्यादा आकर्षित हो रहे हैं।
विज्ञापन
चार करोड़ से साइन हुए इस एमओयू को रफ्तार मिली तो यहां आसपास बसे गांवों के दिन भी बहुर जाएंगे। बीहड़ की पहचान जहां पहले डाकुओं की बंदूक से निकली गोलियों की आवाज से जानी जाती थी, वही अब एडवेंचर स्पोर्ट्स के लिए भी जानी जाएगी। यहां महज भीखेपुर-जुहीखा रोड से 500 मीटर कच्चे रास्ते से लोगों का पहुंचना होता है। इसे पक्का कराने से लोगों को पहुंचने में आसानी होगी।
विज्ञापन
इस प्रोजेक्ट के आधिकारिक मालिक अजय कुमार बताते हैं कि उत्तराखंड में उन्होंने एडवेंचर स्पोर्ट्स का काम चार साल पहले शुरू किया था। बीहड़ से लगाव व मूल निवासी होने के चलते इस उपक्रम को जुहीखा में शुरू कराया। यहां महज रास्ते की समस्या आने वाले लोगों को परेशान करती है। जिले के प्रशासनिक अधिकारी यहां आकर मनोरंजन का हिस्सा बन चुके हैं। इससे काफी मदद मिली है।
जुहीखा नदी के पुल से नहीं है रास्ता
झूमके कैंपिंग प्रोजेक्ट से 50 मीटर की दूरी पर जुहीखा नदी का पुल है। यहां से रास्ता मिल जाए तो प्रोजेक्ट को काफी रफ्तार मिलेगी। इसे लेकर पर्यटन विभाग के प्रमुख सचिव को भी पत्र लिखा गया था। गांवों से होकर आने वाली कच्ची सड़क को पक्का कराया जाए। इससे वाहन आसानी से आ जा सकें। लोगों का रुझान यहां काफी बढ़ा है। महज इस समस्या के दूर हो जाने से उपक्रम को सहूलियत मिल जाएगी।
झूमके प्रोजेक्ट में ये होती हैं एक्टीविटी (प्रदेश में एक मात्र जगह जुहीखा जहां पनपी यह व्यवस्था)
कैंपिंग- राजस्थान की तर्ज पर डोम कैंप, नाइट स्टे, पार्टी करें, खास कर बच्चों की छुट्टी होने पर यहां आनंद उठाया जा सकता है।
सेंड एक्टीविटी- सेंड आर्ट, सेंड बाथ, सेंड मसाज
एटीवी बाइकिंग- रेत में बाइकिंग
माइक्रो राफ्टिंग पानी
सेंड जोर्विंग वाल
यमुना नदी के किनारा, अद्भुत छटा के बीच संवरता बीहड़
पर्यटन विभाग के जानकारों के मुताबिक जुहीखा से लेकर पचनद तक इस तरह के एडवेंचर एक्टीविटी आगामी दिनों में बढ़ेगी। अभी पांच एकड़ की जमीन पर यह प्रोजेक्ट चल रहा है। बीहड़ के गांवों में इस उद्योग के संचालन से गांवों के दिन भी बहुरेंगे। संबंधित व्यवसायों को भी रफ्तार मिलेगी। खास बात यह है कि इस प्रोजेक्ट में रोजगार भी मिलेगा। फिलहाल ग्रामीण क्षेत्र के 10 लोगों को यहां रोजगार मिला है।
जल्द दूर होगी खामी
जुहीखा यमुना नदी पुल समीप संचालित एडवेंचर प्रोजेक्ट जिले के लिए अच्छी पहल है। यहां पहुंचने के लिए रास्ते की समस्या संज्ञान में है। जिसका निराकरण जल्द कराया जाएगा। ग्राम पंचायत स्तर से इस खामी को दूर कराने का प्रयास है।
-नेहा प्रकाश, जिलाधिकारी औरैया।