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Auraiya News: साल बीता दो अमृत सरोवर नहीं हो सके पूरे
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संवाद न्यूज एजेंसी
औरैया। वर्ष 2022 में जल संरक्षण की मुहिम के तहत अमृत सरोवर योजना को धरातल पर उतारने की कवायद शुरू की गई। आलम यह है कि वर्ष 2023 बीत चुका है। बारिश शुरू होने में दो माह का समय शेष बचा है, लेकिन जिला पंचायत को मिले छह तालाबों का लक्ष्य पूरा नहीं हो सका है। दो तालाब अभी भी अधूरे हैं।
खोदाई के साथ ही सुंदरीकरण के बिंदु पुख्ता नहीं हुए हैं। बता दें कि अमृत सरोवर योजना के तहत जिला पंचायत की ओर से 20 करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम से छह तालाबों को तैयार करने में खपाई गई है। यहां पर पहले से वृक्ष पहले लगे हैं नए पौधों को वजूद में नहीं लाया जा सका है।
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65.35 लाख से बनना था अमृत सरोवर
सीन-1
फोटो-04 एयूआरपी 02- ऐमा सेंगनपुर में अधूरे पड़े अमृत सरोवर का दृश्य। संवाद
सदर विकास खंड की ग्राम पंचायत ऐमा सेंगनपुर में जिला पंचायत की ओर से 65.35 लाख की धनराशि से अमृत सरोवर बनाने की कवायद शुरू की गई। तालाब खोदाई के साथ दो जगह पर तली में जाने के लिए पक्की सीढ़ी व तालाब के चारों ओर इंटरलाॅकिंग महज सुंदरीकरण के लिए हो सकी है। न ही यहां बैठने के इंतजाम है, और न ही पानी है। हरियाली को पनपाया नहीं जा सका है। अभी यहां पर 10 फीसदी तक काम शेष है।
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बैठने से लेकर अन्य काम अधूरे
फोटो-04एयूआरपी 03- जगन्नाथपुर में अधूरे पड़े अमृत सरोवर का दृश्य। संवाद
सीन-2
अजीतमल ब्लाॅक की ग्राम पंचायत जगन्नाथपुर में अमृत सरोवर योजना के तहत 61.61 लाख रुपये की धनराशि जारी की गई। इसके मुकाबले 32.29 लाख रुपये की धनराशि से यहां तालाब खोदाई व चारों ओर इंटरलाॅकिंग व फैंसिंग का काम किया जा सका है। लोगों के बैठने से लेकर मानक के तहत अन्य कार्य अभी भी अधूरे हैं। बारिश के दिन आने वाले हैं। ऐसे में प्राकृतिक छटा व अन्य इंतजाम अधूरे होने से मंशा पूरी होती नजर नहीं आ रही है।
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वर्जन
बारिश शुरू होने से पहले अमृत सरोवर के इर्द गिर्द अधूरे पड़े कार्यों को पूरा कर लिया जाएगा। इस संबंध में दिशा-निर्देश दे दिए गए हैं। हीलाहवाली न हो इसे लेकर चेताया भी गया है।
-राम निहुर, अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत
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औरैया। वर्ष 2022 में जल संरक्षण की मुहिम के तहत अमृत सरोवर योजना को धरातल पर उतारने की कवायद शुरू की गई। आलम यह है कि वर्ष 2023 बीत चुका है। बारिश शुरू होने में दो माह का समय शेष बचा है, लेकिन जिला पंचायत को मिले छह तालाबों का लक्ष्य पूरा नहीं हो सका है। दो तालाब अभी भी अधूरे हैं।
खोदाई के साथ ही सुंदरीकरण के बिंदु पुख्ता नहीं हुए हैं। बता दें कि अमृत सरोवर योजना के तहत जिला पंचायत की ओर से 20 करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम से छह तालाबों को तैयार करने में खपाई गई है। यहां पर पहले से वृक्ष पहले लगे हैं नए पौधों को वजूद में नहीं लाया जा सका है।
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65.35 लाख से बनना था अमृत सरोवर
सीन-1
फोटो-04 एयूआरपी 02- ऐमा सेंगनपुर में अधूरे पड़े अमृत सरोवर का दृश्य। संवाद
सदर विकास खंड की ग्राम पंचायत ऐमा सेंगनपुर में जिला पंचायत की ओर से 65.35 लाख की धनराशि से अमृत सरोवर बनाने की कवायद शुरू की गई। तालाब खोदाई के साथ दो जगह पर तली में जाने के लिए पक्की सीढ़ी व तालाब के चारों ओर इंटरलाॅकिंग महज सुंदरीकरण के लिए हो सकी है। न ही यहां बैठने के इंतजाम है, और न ही पानी है। हरियाली को पनपाया नहीं जा सका है। अभी यहां पर 10 फीसदी तक काम शेष है।
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बैठने से लेकर अन्य काम अधूरे
फोटो-04एयूआरपी 03- जगन्नाथपुर में अधूरे पड़े अमृत सरोवर का दृश्य। संवाद
सीन-2
अजीतमल ब्लाॅक की ग्राम पंचायत जगन्नाथपुर में अमृत सरोवर योजना के तहत 61.61 लाख रुपये की धनराशि जारी की गई। इसके मुकाबले 32.29 लाख रुपये की धनराशि से यहां तालाब खोदाई व चारों ओर इंटरलाॅकिंग व फैंसिंग का काम किया जा सका है। लोगों के बैठने से लेकर मानक के तहत अन्य कार्य अभी भी अधूरे हैं। बारिश के दिन आने वाले हैं। ऐसे में प्राकृतिक छटा व अन्य इंतजाम अधूरे होने से मंशा पूरी होती नजर नहीं आ रही है।
वर्जन
बारिश शुरू होने से पहले अमृत सरोवर के इर्द गिर्द अधूरे पड़े कार्यों को पूरा कर लिया जाएगा। इस संबंध में दिशा-निर्देश दे दिए गए हैं। हीलाहवाली न हो इसे लेकर चेताया भी गया है।
-राम निहुर, अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत