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चोरी से परेशान युवक ने खाया जहर, इलाज के मौत
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फोटो22एयूआरपी 29- मृतक पंछी फाइल फोटो
- फोटो : AURAIYA
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औरैया। सदर कोतवाली क्षेत्र के गांव पढ़ीन निवासी युवक ने जहर खा लिया। हालत बिगड़ने पर परिजन उसे सैफई ले गए। इलाज के दौरान मौत हो गई। भाई का आरोप है कि चार दिन पहले मृतक के घर से परिवार के एक व्यक्ति ने नकदी और आभूषण पार कर दिए थे। उसने इसकी रिपोर्ट भी दर्ज कराई थी, लेकिन पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। इसी से परेशान होकर जान दी है।
पढ़ीन निवासी पंछी (35) के घर 18 जून की रात चोरी हो गई थी। उसका आरोप था कि परिवार के एक व्यक्ति ने चोरी की घटना को अंजाम दिया है। इसकी उसने कोतवाली में रिपोर्ट भी दर्ज कराई थी। घर में हुई लगभग तीन लाख की संपत्ति की चोरी से पंछी परेशान था।
भाई गिरिजेश ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कराने के बाद भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। इसी बात से आहत होकर उसने सोमवार की देर रात जहर खा लिया। परिजन उसे लेकर 50 शैया जिला अस्पताल ले गए। डॉक्टरों ने देर रात युवक की हालत गंभीर देखकर सैफई रेफर कर दिया था। मंगलवार की दोपहर उसने दम तोड़ दिया। पोस्टमार्टम के बाद देर रात परिजनों को शव सुपुर्द कर दिया गया। बुधवार को उसका अंतिम संस्कार किया गया।
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कोतवाली प्रभारी निरीक्षक रवि श्रीवास्तव के मुताबिक चोरी की रिपोर्ट दर्ज करने के बाद आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस गांव गई थी। वहां प्रधान के अलावा पंछी के परिजनों ने पारिवारिक व्यक्ति द्वारा चोरी की बात कहते हुए आपस में बैठकर मामला निपटा लेने की बात कही थी। इस वजह से पुलिस ने पीड़ित से बात कर उन्हें दो-तीन दिन का समय दिया था। इसके अलावा चोरी की घटना से आहत होकर आत्महत्या करने की मृतक के परिजनों की ओर से कोई लिखित शिकायत न तो मुझे दी गई और न ही उच्चाधिकारियों को। पुलिस द्वारा कार्रवाई न किए जाने से आत्महत्या के आरोप गलत हैं।
पंछी गांव में रेहड़ी लगाकर चाट और पानी के बताशे बेचता था। पत्नी प्राइवेट अस्पताल में काम कर परिवार का भरण-पोषण करती है। घटना के संबंध में पीड़ित भाई गिरजेश ने बताया कि चोरी की घटना के बाद पीड़ित ने कोतवाली पुलिस को तहरीर दी थी।
पुलिस का कहना है कि रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी की तलाश की, जबकि उन्हें अभी तक दर्ज की गई रिपोर्ट की कापी तक नहीं दी गई और न ही पुलिस ने चोरी की घटना का खुलासा करने का प्रयास किया। पीड़ित भाई ने बताया कि पंछी के तीन बच्चे हैं। दो लड़के व एक लड़की हैं। सभी नाबालिग हैं। भाई की मौत से पूरा परिवार सदमे में है।
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पढ़ीन निवासी पंछी (35) के घर 18 जून की रात चोरी हो गई थी। उसका आरोप था कि परिवार के एक व्यक्ति ने चोरी की घटना को अंजाम दिया है। इसकी उसने कोतवाली में रिपोर्ट भी दर्ज कराई थी। घर में हुई लगभग तीन लाख की संपत्ति की चोरी से पंछी परेशान था।
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भाई गिरिजेश ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कराने के बाद भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। इसी बात से आहत होकर उसने सोमवार की देर रात जहर खा लिया। परिजन उसे लेकर 50 शैया जिला अस्पताल ले गए। डॉक्टरों ने देर रात युवक की हालत गंभीर देखकर सैफई रेफर कर दिया था। मंगलवार की दोपहर उसने दम तोड़ दिया। पोस्टमार्टम के बाद देर रात परिजनों को शव सुपुर्द कर दिया गया। बुधवार को उसका अंतिम संस्कार किया गया।
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कोतवाली प्रभारी निरीक्षक रवि श्रीवास्तव के मुताबिक चोरी की रिपोर्ट दर्ज करने के बाद आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस गांव गई थी। वहां प्रधान के अलावा पंछी के परिजनों ने पारिवारिक व्यक्ति द्वारा चोरी की बात कहते हुए आपस में बैठकर मामला निपटा लेने की बात कही थी। इस वजह से पुलिस ने पीड़ित से बात कर उन्हें दो-तीन दिन का समय दिया था। इसके अलावा चोरी की घटना से आहत होकर आत्महत्या करने की मृतक के परिजनों की ओर से कोई लिखित शिकायत न तो मुझे दी गई और न ही उच्चाधिकारियों को। पुलिस द्वारा कार्रवाई न किए जाने से आत्महत्या के आरोप गलत हैं।
पंछी गांव में रेहड़ी लगाकर चाट और पानी के बताशे बेचता था। पत्नी प्राइवेट अस्पताल में काम कर परिवार का भरण-पोषण करती है। घटना के संबंध में पीड़ित भाई गिरजेश ने बताया कि चोरी की घटना के बाद पीड़ित ने कोतवाली पुलिस को तहरीर दी थी।
पुलिस का कहना है कि रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी की तलाश की, जबकि उन्हें अभी तक दर्ज की गई रिपोर्ट की कापी तक नहीं दी गई और न ही पुलिस ने चोरी की घटना का खुलासा करने का प्रयास किया। पीड़ित भाई ने बताया कि पंछी के तीन बच्चे हैं। दो लड़के व एक लड़की हैं। सभी नाबालिग हैं। भाई की मौत से पूरा परिवार सदमे में है।