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स्कूलों में वाहनों की फिटनेस देखेगा परिवहन विभाग
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एआरटीओ दफ्तर में स्कूली बस की फिटनेस चेक करते आरआई बलवंत यादव। संवाद
- फोटो : AURAIYA
औरैया। जिला परिवहन विभाग अब स्कूलों में जाकर बसों की फिटनेस की जांच करने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए आरआई को एआरटीओ ने सूची तैयार करने के लिए कहा है। आने वाले दिनों में गर्मियों की छुट्टियों के दौरान स्कूली बसें सड़कों पर नहीं चलेंगी। इसके लिए अब परिवहन विभाग सूची तैयार कर स्कूल में ही अब जांच करने की तैयारी में है।
एआरटीओ अशोक कुमार ने बताया कि स्कूलों में जाकर जांच करने का मकसद व्यवस्था में सुधार करना है। यदि सहमति बनती है तो बसों की सघनता से जांच करने के बाद ही फिटनेस प्रमाणपत्र जारी किया जाएगा। बिना फिटनेस के चल रहीं बसों के खिलाफ अब सख्ती से अभियान चलाया जाएगा।
खासतौर से अनुबंध पर चल रहीं बसों में ज्यादा गड़बड़ी मिल रही है। गड़बड़ी मिलने पर संबंधित स्कूल से भी स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। स्कूलों को एक सप्ताह के अंदर सभी व्यवस्थाओं में सुधार करने का निर्देश जारी किया जा चुका है। इसके बाद जिन बसों में लापरवाही मिलेगी, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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उन्होंने बताया कि कार्यालय स्तर पर फिटनेस के लिए आने वाले व्यावसायिक वाहन चालकों की ड्राइविंग को परखा जाता है। इसके साथ चालकों को वाहन चलाने से लेकर सवारियों से बेहतर व्यवहार के बारे में जानकारी दी जाती है। इसके अलावा बीते सप्ताह से स्कूलों में कार्यक्रम के दौरान पुलिस प्रशासन की ओर से स्कूली बस के चालकों को नियमों के प्रति जागरूक किया जा रहा है। चालकों को तय रफ्तार से वाहन चलाने सहित कई मुख्य नियमों की जानकारी दी जा रही है।
15 वाहन सीज और 55 का चालान
परिवहन विभाग ने सोमवार तक आधा दर्जन स्थानों पर पिछले एक सप्ताह से स्कूल वाहनों की जांच का अभियान चलाया। एआरटीओ अशोक कुमार ने बताया कि बिना फिटनेस चलने पर 15 स्कूली वाहन सीज किए गए हैं। उन्होंने बताया कि इसके अलावा बस पर जरूरी जानकारी न लिखे होने व अन्य कमियां मिलने पर 55 स्कूली वाहनों के चालान किए गए। अब एक विशेष अभियान चलाकर बसों की जांच की जाएगी।
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एआरटीओ अशोक कुमार ने बताया कि स्कूलों में जाकर जांच करने का मकसद व्यवस्था में सुधार करना है। यदि सहमति बनती है तो बसों की सघनता से जांच करने के बाद ही फिटनेस प्रमाणपत्र जारी किया जाएगा। बिना फिटनेस के चल रहीं बसों के खिलाफ अब सख्ती से अभियान चलाया जाएगा।
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खासतौर से अनुबंध पर चल रहीं बसों में ज्यादा गड़बड़ी मिल रही है। गड़बड़ी मिलने पर संबंधित स्कूल से भी स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। स्कूलों को एक सप्ताह के अंदर सभी व्यवस्थाओं में सुधार करने का निर्देश जारी किया जा चुका है। इसके बाद जिन बसों में लापरवाही मिलेगी, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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उन्होंने बताया कि कार्यालय स्तर पर फिटनेस के लिए आने वाले व्यावसायिक वाहन चालकों की ड्राइविंग को परखा जाता है। इसके साथ चालकों को वाहन चलाने से लेकर सवारियों से बेहतर व्यवहार के बारे में जानकारी दी जाती है। इसके अलावा बीते सप्ताह से स्कूलों में कार्यक्रम के दौरान पुलिस प्रशासन की ओर से स्कूली बस के चालकों को नियमों के प्रति जागरूक किया जा रहा है। चालकों को तय रफ्तार से वाहन चलाने सहित कई मुख्य नियमों की जानकारी दी जा रही है।
15 वाहन सीज और 55 का चालान
परिवहन विभाग ने सोमवार तक आधा दर्जन स्थानों पर पिछले एक सप्ताह से स्कूल वाहनों की जांच का अभियान चलाया। एआरटीओ अशोक कुमार ने बताया कि बिना फिटनेस चलने पर 15 स्कूली वाहन सीज किए गए हैं। उन्होंने बताया कि इसके अलावा बस पर जरूरी जानकारी न लिखे होने व अन्य कमियां मिलने पर 55 स्कूली वाहनों के चालान किए गए। अब एक विशेष अभियान चलाकर बसों की जांच की जाएगी।