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फुंक रहे ट्रांसफार्मर, उपभोक्ताओं को रुला रही ट्रिपिंग
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फोटो-01एयूआरपी-02- बिजली वर्कशाप में ट्रांसफार्मर ठीक करते कर्मचारी। संवाद
- फोटो : AURAIYA
औरैया। भीषण गर्मी में लोगों को बिजली कटौती से राहत नहीं मिल रही है। शहर से लेकर गांवों तक ओवरलोड ट्रांसफार्मर फुंक रहे हैं और अन्य उपकरण भी हांफ रहे हैं। अघोषित कटौती और ट्रिपिंग से लोगों की दुश्वारियां कम नहीं हो रही हैं। उपभोक्ताओं की शिकायतों के बाद भी विभाग कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा है।
तय शेड्यूल के मुताबिक गांव और शहर के लोगों को बिजली मिले, इसके लिए शासन से निर्देश है। बावजूद इसके हालात नहीं सुधरे हैं, बल्कि और खराब होते जा रहे हैं। रात में अघोषित कटौती हो रही है तो दिन में फाल्ट के चलते उपभोक्ताओं को बिजली नहीं मिल रही है। सबसे ज्यादा परेशानी विद्युत उपकेंद्र केशमपुर, अछल्दा, अजीतमल, रूपपुर सहार से जुड़े गांव में है। ग्रामीण क्षेत्रों में बमुश्किल सात से आठ घंटे ही बिजली मिल रही है।
पिछले एक पखवाड़े से बिजली संकट से जिले के लाखों उपभोक्ता बेहाल है। किसान जहां खेतों की सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं, वहीं व्यापारियों का कारोबार प्रभावित है। शहर में उपभोक्ता ट्रिपिंग और फाल्ट से परेशान हैं। आए दिन किसी न किसी विद्युत उपकेंद्र में उपकरण फुंक रहे हैं। इस वजह से उपभोक्ताओं को 24 घंटे में बमुश्किल 12 से 14 घंटे बिजली मिल रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में अघोषित कटौती का कोई समय तय नहीं है।
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हर आधे घंटे में ट्रिप कर जाती बिजली
शहर में लगातार बढ़ रहे लोड के कारण विद्युत लाइन में फाल्ट हो रहे है। यही कारण है कि हर आधे घंटे में बिजली ट्रिप कर जाती है। फाल्ट ठीक करने व दोबारा से लाइन चालू करने में घंटों लग जाते है। फाल्ट होने पर कर्मचारी उपभोक्ताओं को सही जानकारी भी नहीं दे पा रहे हैं।
मई में फुंके 270 ट्रांसफार्मर
बिधूना वर्कशाप के प्रभारी जेई अखिलेश कुमार ने बताया कि मई माह में 270 ट्रांसफार्मर अलग अलग स्थानों से खराब होकर मरम्मत के लिए पहुंचे। ट्रांसफार्मर पर अधिक लोड होने के कारण प्रतिदिनि आठ से दस ट्रांसफार्मर खराब होकर ठीक होने आ रहे हैं। जिन्हें ठीक कर 24 घंटे के अंदर भिजवाया जा रहा है।
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तय शेड्यूल के मुताबिक गांव और शहर के लोगों को बिजली मिले, इसके लिए शासन से निर्देश है। बावजूद इसके हालात नहीं सुधरे हैं, बल्कि और खराब होते जा रहे हैं। रात में अघोषित कटौती हो रही है तो दिन में फाल्ट के चलते उपभोक्ताओं को बिजली नहीं मिल रही है। सबसे ज्यादा परेशानी विद्युत उपकेंद्र केशमपुर, अछल्दा, अजीतमल, रूपपुर सहार से जुड़े गांव में है। ग्रामीण क्षेत्रों में बमुश्किल सात से आठ घंटे ही बिजली मिल रही है।
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पिछले एक पखवाड़े से बिजली संकट से जिले के लाखों उपभोक्ता बेहाल है। किसान जहां खेतों की सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं, वहीं व्यापारियों का कारोबार प्रभावित है। शहर में उपभोक्ता ट्रिपिंग और फाल्ट से परेशान हैं। आए दिन किसी न किसी विद्युत उपकेंद्र में उपकरण फुंक रहे हैं। इस वजह से उपभोक्ताओं को 24 घंटे में बमुश्किल 12 से 14 घंटे बिजली मिल रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में अघोषित कटौती का कोई समय तय नहीं है।
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हर आधे घंटे में ट्रिप कर जाती बिजली
शहर में लगातार बढ़ रहे लोड के कारण विद्युत लाइन में फाल्ट हो रहे है। यही कारण है कि हर आधे घंटे में बिजली ट्रिप कर जाती है। फाल्ट ठीक करने व दोबारा से लाइन चालू करने में घंटों लग जाते है। फाल्ट होने पर कर्मचारी उपभोक्ताओं को सही जानकारी भी नहीं दे पा रहे हैं।
मई में फुंके 270 ट्रांसफार्मर
बिधूना वर्कशाप के प्रभारी जेई अखिलेश कुमार ने बताया कि मई माह में 270 ट्रांसफार्मर अलग अलग स्थानों से खराब होकर मरम्मत के लिए पहुंचे। ट्रांसफार्मर पर अधिक लोड होने के कारण प्रतिदिनि आठ से दस ट्रांसफार्मर खराब होकर ठीक होने आ रहे हैं। जिन्हें ठीक कर 24 घंटे के अंदर भिजवाया जा रहा है।