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Auraiya News: अधूरी सीवरेज लाइन से फंसा आवास विकास कॉलोनी का हस्तांतरण
Wed, 20 Aug 2025 12:08 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Wed, 20 Aug 2025 12:08 AM IST
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फोटो-19एयूआरपी -11आवास विकास कालोनी का खुला नाला। संवाद
औरैया। शहर में पॉश कॉलोनी आवास विकास को संवरते हुए तीन दशक हो चुके हैं, फिर भी यह कॉलोनी पूरी तरह से तैयार नहीं हो सकी है। यहां पर सीवरेज कार्य आज भी अधूरा है। इसी के चलते नगर पालिका ने इसे लेने से मना कर दिया है।
यही वजह है कि कॉलोनी में विकास के काम नहीं हो पा रहे हैं। इसका खामियाजा यहां की पांच हजार आबादी को झेलना पड़ रहा। आवास विकास कॉलोनी के दो ब्लॉकों का हस्तातंरण हो चुका है, लेकिन पांच ब्लॉक अभी तक नगर पालिका हैंडओवर नहीं हो पाए हैं।
आवास विकास परिषद ने औरैया में कानपुर रोड पर वर्ष 1996 में आवासीय प्लाॅट व आवासों की योजना शुरू की थी। यहां चार श्रेणियों में प्लॉटों व कॉलोनियों की भूमि का आवंटन हुआ। आवास विकास जन कल्याण समिति के अध्यक्ष डॉ. एसएसएस परिहार के मुताबिक सबसे छोटी श्रेणी के प्लॉट 16 बाई 28 व सबसे बड़ी श्रेणी में 33 बाई 90 वर्ग गज के प्लॉट हैं। सभी श्रेणियों में यहां लगभग चार हजार कॉलोनियों की भूमि आवंटित हुई है। आवास विकास ने सबसे पहले यहां 16 बाई 28 की कॉलोनियों का निर्माण कराया था।
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शुरूआत में इन कॉलोनियों का आवंटन नहीं हो सका। जिला घोषित होने के बाद यहां निर्मित काॅलोनियों का रिजर्व पुलिस लाइन के लिए अधिग्रहण किया गया। पुलिस लाइन आज भी इन्हीं कॉलोनियों में संचालित है। पुलिस लाइन के बाद यहां लोगों ने प्लॉट आवंटन कराने में रुचि दिखाई। इसे पॉश कॉलोनी विकसित होने की संभावना के साथ डॉक्टर, वकील, शिक्षक, व्यापारी व नेताओं ने यहां शानदार मकानों का निर्माण कराया।
आवास विकास की तरफ से आधा दर्जन पार्क, करीब पांच किमी. के दायरे में सड़कों, नालों व नालियों का निर्माण कराया गया, लेकिन सीवरेज का कार्य पूरा नहीं कराया गया। अब यहां बनीं सड़कें व नाले जर्जर हो चुके हैं। हैरानी की बात यह है कि करीब 29 सालों के अंतराल में यहां सीवरेज लाइन ही तैयार नहीं हो सकी। इससे यहां मूलभूत सुविधाओं को लेकर हायतौबा मची है।
समस्याओं के समाधान के लिए नगर पालिका जाते हैं तो उन्हें कॉलोनी हस्तांतरण न होने की बात कहकर टरका दिया जाता है। लोगों का कहना है कि यहां आवास विकास का दफ्तर नहीं है। इससे लोग अपनी समस्या का समाधान नहीं करा पाते। मजबूरन सोसायटी के लोग नारकीय जीवन जीने को विवश हैं। सड़कें जर्जर पड़ी हैं, इनमें बड़े-बड़े गड्ढे हो चुके हैं। कई जगह नाले-नालियां चोक होने से पानी सड़क पर बहता है।
आवास विकास योजना के अधिशासी अभियंता अभिषेक कुमार ने बताया कि उन्होंने आवास विकास के हस्तांतरण के लिए नगर पालिका से आग्रह किया था, लेकिन नगर पालिका ने सीवरेज लाइन के बिना हस्तांतरण से मना कर दिया।
जल निगम ने बनाया बजट से ज्यादा एस्टीमेट
आवास विकास परिषद के अधिशासी अभियंता अभिषेक कुमार ने बताया कि सीवरेज लाइन कंपलीट कराने का काम सीएडंडीएस व जल निगम कराता है। जब उन्होंने जल निगम से इसे कंपलीट करने के लिए कहा तो उन्होंने करोड़ों रुपये का एस्टीमेट बना दिया। यह उनके बजट से बहुत ज्यादा है। इससे अब सीवरेज का कार्य पूरा कराने के लिए अवस्थापना मद से जल्द काम शुरू कराया जाएगा।
सीवरेज निर्माण का पहला प्रस्ताव रद्द, दोबारा भेजा
आवास विकास के सहायक अभियंता वैभव कुमार ने बताया कि अवस्थापना मद में सीवरेज के लिए प्रस्ताव बनाकर भेजा गया था। इसमें सड़क व नाला निर्माण का बजट स्वीकृत हो गया, लेकिन सीवरेज का प्रस्ताव रद्द कर दिया गया था। अब दोबारा इसका प्रस्ताव भेजा गया है। इसको जल्द मंजूरी मिलने की उम्मीद है। सीवरेज लाइन पूरी होने के बाद ही सड़कों का निर्माण व मरम्मत कराई जाएगी।
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यही वजह है कि कॉलोनी में विकास के काम नहीं हो पा रहे हैं। इसका खामियाजा यहां की पांच हजार आबादी को झेलना पड़ रहा। आवास विकास कॉलोनी के दो ब्लॉकों का हस्तातंरण हो चुका है, लेकिन पांच ब्लॉक अभी तक नगर पालिका हैंडओवर नहीं हो पाए हैं।
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आवास विकास परिषद ने औरैया में कानपुर रोड पर वर्ष 1996 में आवासीय प्लाॅट व आवासों की योजना शुरू की थी। यहां चार श्रेणियों में प्लॉटों व कॉलोनियों की भूमि का आवंटन हुआ। आवास विकास जन कल्याण समिति के अध्यक्ष डॉ. एसएसएस परिहार के मुताबिक सबसे छोटी श्रेणी के प्लॉट 16 बाई 28 व सबसे बड़ी श्रेणी में 33 बाई 90 वर्ग गज के प्लॉट हैं। सभी श्रेणियों में यहां लगभग चार हजार कॉलोनियों की भूमि आवंटित हुई है। आवास विकास ने सबसे पहले यहां 16 बाई 28 की कॉलोनियों का निर्माण कराया था।
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शुरूआत में इन कॉलोनियों का आवंटन नहीं हो सका। जिला घोषित होने के बाद यहां निर्मित काॅलोनियों का रिजर्व पुलिस लाइन के लिए अधिग्रहण किया गया। पुलिस लाइन आज भी इन्हीं कॉलोनियों में संचालित है। पुलिस लाइन के बाद यहां लोगों ने प्लॉट आवंटन कराने में रुचि दिखाई। इसे पॉश कॉलोनी विकसित होने की संभावना के साथ डॉक्टर, वकील, शिक्षक, व्यापारी व नेताओं ने यहां शानदार मकानों का निर्माण कराया।
आवास विकास की तरफ से आधा दर्जन पार्क, करीब पांच किमी. के दायरे में सड़कों, नालों व नालियों का निर्माण कराया गया, लेकिन सीवरेज का कार्य पूरा नहीं कराया गया। अब यहां बनीं सड़कें व नाले जर्जर हो चुके हैं। हैरानी की बात यह है कि करीब 29 सालों के अंतराल में यहां सीवरेज लाइन ही तैयार नहीं हो सकी। इससे यहां मूलभूत सुविधाओं को लेकर हायतौबा मची है।
समस्याओं के समाधान के लिए नगर पालिका जाते हैं तो उन्हें कॉलोनी हस्तांतरण न होने की बात कहकर टरका दिया जाता है। लोगों का कहना है कि यहां आवास विकास का दफ्तर नहीं है। इससे लोग अपनी समस्या का समाधान नहीं करा पाते। मजबूरन सोसायटी के लोग नारकीय जीवन जीने को विवश हैं। सड़कें जर्जर पड़ी हैं, इनमें बड़े-बड़े गड्ढे हो चुके हैं। कई जगह नाले-नालियां चोक होने से पानी सड़क पर बहता है।
आवास विकास योजना के अधिशासी अभियंता अभिषेक कुमार ने बताया कि उन्होंने आवास विकास के हस्तांतरण के लिए नगर पालिका से आग्रह किया था, लेकिन नगर पालिका ने सीवरेज लाइन के बिना हस्तांतरण से मना कर दिया।
जल निगम ने बनाया बजट से ज्यादा एस्टीमेट
आवास विकास परिषद के अधिशासी अभियंता अभिषेक कुमार ने बताया कि सीवरेज लाइन कंपलीट कराने का काम सीएडंडीएस व जल निगम कराता है। जब उन्होंने जल निगम से इसे कंपलीट करने के लिए कहा तो उन्होंने करोड़ों रुपये का एस्टीमेट बना दिया। यह उनके बजट से बहुत ज्यादा है। इससे अब सीवरेज का कार्य पूरा कराने के लिए अवस्थापना मद से जल्द काम शुरू कराया जाएगा।
सीवरेज निर्माण का पहला प्रस्ताव रद्द, दोबारा भेजा
आवास विकास के सहायक अभियंता वैभव कुमार ने बताया कि अवस्थापना मद में सीवरेज के लिए प्रस्ताव बनाकर भेजा गया था। इसमें सड़क व नाला निर्माण का बजट स्वीकृत हो गया, लेकिन सीवरेज का प्रस्ताव रद्द कर दिया गया था। अब दोबारा इसका प्रस्ताव भेजा गया है। इसको जल्द मंजूरी मिलने की उम्मीद है। सीवरेज लाइन पूरी होने के बाद ही सड़कों का निर्माण व मरम्मत कराई जाएगी।