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Auraiya News: पहली बार जिला अस्पताल में गले का ऑपरेशन
Tue, 30 Jan 2024 01:09 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Tue, 30 Jan 2024 01:09 AM IST
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औरैया। चिचौली जिला अस्पताल में सर्जन चिकित्सकों की तैनाती हो जाने से ऑपरेशन होने शुरू हो गए हैं। 100 शैया के चिकित्सकों ने एक घायल युवक की गर्दन पर हुए घाव का सफल ऑपरेशन करते हुए श्वांस नली व नसों को व्यवस्थित करने में सफलता पाई है।
जिले में अभी तक गंभीर घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद सैफई व कानपुर भेज दिया जाता था। यह मजबूरी अब नहीं रही है। जिला अस्पताल में पर्याप्त चिकित्सकों की मौजूदगी से घायलों के ऑपरेशन होने शुरू हो गए हैं। आरा मशीन की चपेट में आकर घायल हुए औरैया निवासी विक्रम सिंह (45) को शनिवार को परिजन चिचौली 100 शैया अस्पताल ले गए। प्राथमिक उपचार करने के बाद चिकित्सकों ने पाया कि गले के पीछे का घाव दिक्कत बढ़ा रहा है। साथ ही नसें अव्यवस्थित पाई गईं। ऐसे में ऑपरेशन की तैयारी बनाई गई।
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य समेत सभी डॉक्टरों ने ऑपरेशन की तैयारी की। लगभग एक घंटे तक चले ऑपरेशन में डॉक्टरों को सफलता हासिल हुई। प्राचार्य डॉ. अरविंद कुशवाहा ने बताया कि आरा मशीन की चपेट में आकर घायल युवक को अस्पताल लाया गया था।
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गर्दन में घाव को देखते हुए आंतरिक हिस्से में गहरी चोट लग गई थी, बड़ा घाव हो गया था। जिसे ऑपरेशन के जरिये ठीक किया गया है। अस्पताल में यह पहली बार हो रहा है। इस ऑपरेशन के सफल होने से गर्दन में गंभीर चोट लगने से पीड़ित मरीजों को ऑपरेशन के लिए इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा।
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जिले में अभी तक गंभीर घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद सैफई व कानपुर भेज दिया जाता था। यह मजबूरी अब नहीं रही है। जिला अस्पताल में पर्याप्त चिकित्सकों की मौजूदगी से घायलों के ऑपरेशन होने शुरू हो गए हैं। आरा मशीन की चपेट में आकर घायल हुए औरैया निवासी विक्रम सिंह (45) को शनिवार को परिजन चिचौली 100 शैया अस्पताल ले गए। प्राथमिक उपचार करने के बाद चिकित्सकों ने पाया कि गले के पीछे का घाव दिक्कत बढ़ा रहा है। साथ ही नसें अव्यवस्थित पाई गईं। ऐसे में ऑपरेशन की तैयारी बनाई गई।
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मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य समेत सभी डॉक्टरों ने ऑपरेशन की तैयारी की। लगभग एक घंटे तक चले ऑपरेशन में डॉक्टरों को सफलता हासिल हुई। प्राचार्य डॉ. अरविंद कुशवाहा ने बताया कि आरा मशीन की चपेट में आकर घायल युवक को अस्पताल लाया गया था।
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गर्दन में घाव को देखते हुए आंतरिक हिस्से में गहरी चोट लग गई थी, बड़ा घाव हो गया था। जिसे ऑपरेशन के जरिये ठीक किया गया है। अस्पताल में यह पहली बार हो रहा है। इस ऑपरेशन के सफल होने से गर्दन में गंभीर चोट लगने से पीड़ित मरीजों को ऑपरेशन के लिए इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा।