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उन्नतशील किसान को मिला सम्मान
अमर उजाला ब्यूरो औरैया
Updated Wed, 23 Dec 2015 10:40 PM IST
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भारत के पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की जयंती पर बुधवार को तहसील सभागार में कृषक मेला, गोष्ठी व सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इसमें अधिक उत्पादन करने वाले किसानों को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ डीएम माला श्रीवास्तव ने किया। इससे पूर्व डीएम ने कृषक मेले का अवलोकन कर किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड, गेहूं बीज व कीटनाशक बांटे। इस मौके पर उन्होंने कहा कि किसान देश के विकास की रीढ़ हैं। सभी किसानों को शासन की ओर से संचालित कृषक योजनाओं का लाभ लेने के लिए आगे निकलकर आना चाहिए।
उप कृषि निदेशक डा. बनारसी यादव ने कहा कि आधुनिकीकरण की बयार में आज आबादी के साथ ही देश में कई गुना फसलों का उत्पादन बढ़ा है। उन्होंने आयोजित गोष्ठी में जनपद में संचालित कृषक योजनाओं की किसानों का विस्तार से जानकारी दी।
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समारोह में डीएम ने जिला स्तर पर खरीफ फसल में धान, उर्द एवं रबी फसल में गेहूं, राई का सर्वाधिक उत्पादन करने वाले आठ किसानों को सम्मानित किया। पशुपालन विभाग से दुग्ध उत्पादन, बकरी पालन व मुर्गी पालन से जुड़े आठ प्रगतिशील पशुपालकों का भी सम्मान किया गया।
वहीं उद्यान विभाग की ओर से 15 एवं कृषि विज्ञान केंद्र, परवाहा की ओर से हाईटेक तकनीकि अपनाकर बेहतर उत्पादन करने वाले 12 किसानों को पुरस्कृत किया गया। डीडी कृषि डा. यादव ने बताया कि आज के समारोह में कृषि विभाग से जुड़े विभिन्न विभागों की ओर से कुल 42 किसानों को सम्मानित किया गया है।
उन्होंने बताया कि प्रथम घोषित कृषक को 7000 तथा दूसरे स्थान पर रहे किसानों को 5000 रुपये की धनराशि दी जाएगी। विजेता किसानों को पुरस्कार की राशि आरटीजीएस के माध्यम से उनके खातों में हस्तांतरित की जाएगी। इस मौके पर सीडीओ सत्येंद्र नाथ चौधरी, सीवीओ, प्रभारी जिला कृषि अधिकारी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
पुरस्कार के लिए भटक रहा शत्रुघ्न
औरैया। तहसील परिसर में जहां एक ओर अधिक उत्पादन उत्पादन करने वाले जिले भर के किसान सम्मान कराने के लिए उतावले दिखाई दिए। वहीं बुधवार के समारोह की भीड़ में अजीतमल ब्लाक के शत्रुघ्न सिंह यादव सम्मान राशि पाने के लिए धक्कों के बीच भटकते हुए नजर आए।
हाथों में प्रशस्ति पत्र पकड़े शत्रुघ्न सिंह ने बताया कि आज से ठीक एक साल पहले 2014 में इसी स्थान पर धान के सर्वाधिक उत्पादन में प्रथम स्थान देकर इन्हीं डीएम ने हमें सम्मानित किया था। प्रशस्ति पत्र फटने की कगार पर आ गया है, लेकिन पुरस्कार राशि अब तक उनके बैंक खाते में नहीं भेजी गई है।
बताया कि पुरस्कार राशि के सवाल पर एडीओ कृषि राधेश्याम यादव और अजीतमल बीज गोदाम के इंचार्ज सुरेश कुमार विभाग में पैसा न होने की बात कहकर साल से टरका रहे हैं।
इन किसानों को मिला सम्मान
महेंद्र पाल, रहमत खां, रामबहादुर, राजेश कांत, बदन सिंह, देवेंद्र कुमार, हरी सिंह, अयोध्या प्रसाद, प्रताप सिंह, वीरेंद्रनाथ पाठक, सुमित नारायण, रामरतन, मवाराम, रामरतन, बेटालाल, रामसिंह। ब्लाक स्तर पर श्रीमती शबनम, जफर अहमद, अनुज कुमार, शेर सिंह, राधा देवी, गंधर्व सिंह, मुंशीलाल।
अनुराग तिवारी, रमेश चंद्र, रणजीत सिंह, असगर नवाज खां, सोबरन सिंह, सरोजनी देवी, अजय कुमार, दुर्गेश त्रिपाठी, मयंक, प्रेम कुमार, श्याम सिंह, अनिल कुमार, चेतन सिंह, शैलेंद्र, ज्ञानसिंह, मूलचंद्र, उमादेवी, सुनीता, आशा देवी व बांकेलाल।
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कार्यक्रम का शुभारंभ डीएम माला श्रीवास्तव ने किया। इससे पूर्व डीएम ने कृषक मेले का अवलोकन कर किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड, गेहूं बीज व कीटनाशक बांटे। इस मौके पर उन्होंने कहा कि किसान देश के विकास की रीढ़ हैं। सभी किसानों को शासन की ओर से संचालित कृषक योजनाओं का लाभ लेने के लिए आगे निकलकर आना चाहिए।
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उप कृषि निदेशक डा. बनारसी यादव ने कहा कि आधुनिकीकरण की बयार में आज आबादी के साथ ही देश में कई गुना फसलों का उत्पादन बढ़ा है। उन्होंने आयोजित गोष्ठी में जनपद में संचालित कृषक योजनाओं की किसानों का विस्तार से जानकारी दी।
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समारोह में डीएम ने जिला स्तर पर खरीफ फसल में धान, उर्द एवं रबी फसल में गेहूं, राई का सर्वाधिक उत्पादन करने वाले आठ किसानों को सम्मानित किया। पशुपालन विभाग से दुग्ध उत्पादन, बकरी पालन व मुर्गी पालन से जुड़े आठ प्रगतिशील पशुपालकों का भी सम्मान किया गया।
वहीं उद्यान विभाग की ओर से 15 एवं कृषि विज्ञान केंद्र, परवाहा की ओर से हाईटेक तकनीकि अपनाकर बेहतर उत्पादन करने वाले 12 किसानों को पुरस्कृत किया गया। डीडी कृषि डा. यादव ने बताया कि आज के समारोह में कृषि विभाग से जुड़े विभिन्न विभागों की ओर से कुल 42 किसानों को सम्मानित किया गया है।
उन्होंने बताया कि प्रथम घोषित कृषक को 7000 तथा दूसरे स्थान पर रहे किसानों को 5000 रुपये की धनराशि दी जाएगी। विजेता किसानों को पुरस्कार की राशि आरटीजीएस के माध्यम से उनके खातों में हस्तांतरित की जाएगी। इस मौके पर सीडीओ सत्येंद्र नाथ चौधरी, सीवीओ, प्रभारी जिला कृषि अधिकारी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
पुरस्कार के लिए भटक रहा शत्रुघ्न
औरैया। तहसील परिसर में जहां एक ओर अधिक उत्पादन उत्पादन करने वाले जिले भर के किसान सम्मान कराने के लिए उतावले दिखाई दिए। वहीं बुधवार के समारोह की भीड़ में अजीतमल ब्लाक के शत्रुघ्न सिंह यादव सम्मान राशि पाने के लिए धक्कों के बीच भटकते हुए नजर आए।
हाथों में प्रशस्ति पत्र पकड़े शत्रुघ्न सिंह ने बताया कि आज से ठीक एक साल पहले 2014 में इसी स्थान पर धान के सर्वाधिक उत्पादन में प्रथम स्थान देकर इन्हीं डीएम ने हमें सम्मानित किया था। प्रशस्ति पत्र फटने की कगार पर आ गया है, लेकिन पुरस्कार राशि अब तक उनके बैंक खाते में नहीं भेजी गई है।
बताया कि पुरस्कार राशि के सवाल पर एडीओ कृषि राधेश्याम यादव और अजीतमल बीज गोदाम के इंचार्ज सुरेश कुमार विभाग में पैसा न होने की बात कहकर साल से टरका रहे हैं।
इन किसानों को मिला सम्मान
महेंद्र पाल, रहमत खां, रामबहादुर, राजेश कांत, बदन सिंह, देवेंद्र कुमार, हरी सिंह, अयोध्या प्रसाद, प्रताप सिंह, वीरेंद्रनाथ पाठक, सुमित नारायण, रामरतन, मवाराम, रामरतन, बेटालाल, रामसिंह। ब्लाक स्तर पर श्रीमती शबनम, जफर अहमद, अनुज कुमार, शेर सिंह, राधा देवी, गंधर्व सिंह, मुंशीलाल।
अनुराग तिवारी, रमेश चंद्र, रणजीत सिंह, असगर नवाज खां, सोबरन सिंह, सरोजनी देवी, अजय कुमार, दुर्गेश त्रिपाठी, मयंक, प्रेम कुमार, श्याम सिंह, अनिल कुमार, चेतन सिंह, शैलेंद्र, ज्ञानसिंह, मूलचंद्र, उमादेवी, सुनीता, आशा देवी व बांकेलाल।