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Auraiya News: एक स्टेशन के संसाधनों से चल रहे तीन फायर स्टेशन

Mon, 08 Apr 2024 11:23 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Mon, 08 Apr 2024 11:23 PM IST
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Three fire stations running from the resources of one station
संवाद न्यूज एजेंसी
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औरैया। गर्मी आते ही आग की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं यदि नहीं बढ़ रहा है तो वह है फायर स्टेशन के लिए स्टाफ व संसाधन। ऐसे में औरैया के अलावा अजीतमल व बिधूना में स्टाफ से लेकर संसाधन तक के मामले में औरैया फायर स्टेशन पर निर्भर हैं। खास बात यह है कि जिले में कई सालों से स्टाफ व संसाधनों का अभाव आग लगाने की घटनाओं पर भारी पड़ता है। इसका खामियाजा पीड़ित को झेलना पड़ता है।
गर्मी में तापमान बढ़ने के साथ ही आग की घटनाएं बढ़ जाती हैं। फसलों से लेकर घरों में बिजली के तारों में लोड बढ़ने के साथ ही स्पार्किंग व शार्ट सर्किट आग की वजह बनती है। लू चलने की वजह से आग थोड़े समय में ही उग्र रूप धारण कर अपनी रौद्र रूप दिखाती है। स्थानीय लोग तो इस आपात स्थिति से निपटने में जुटते हैं, लेकिन दमकल विभाग पर इससे निपटने का दारोमदार होता है।
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औरैया फायर स्टेशन के अलावा अजीतमल व बिधूना में भी यह व्यवस्था है। औरैया फायर स्टेशन में दो बड़ी गाड़ी (फायर टेंडर पांच हजार लीटर) व एक छोटी हाई प्रेशर गाड़ी (400 लीटर) है। वहीं बिधूना व अजीतमल में एक-एक बड़ी गाड़ी है। जिले में कुल पांच वाहन है, जबकि चार चालक हैं। लाइसेंस वाले दमकल के अन्य कर्मचारियों के सहारे एक साथ वाहन सड़कों पर जा पाते हैं। जिले में मुख्य अग्निशमन अधिकारी के अलावा 26 फायरमैन, तीन लीडिंग फायर मैन व चार ड्राइवर हैं।
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औरैया फायर स्टेशन के इसी स्टाफ से अजीतमल व बिधूना स्थित फायर स्टेशनों का संचालन कराया जा रहा है। जिले के दायरे के लिहाज से अजीतमल व बिधूना में एक-एक दो हजार क्षमता वाला बड़ा दमकल वाहन हो व एक-एक हाई प्रेशर गाड़ी हो इसे लेकर सीएफओ स्तर से पिछले दिनों शासन को पत्राचार किया गया था। वहीं दमकल की आदर्श स्थिति के लिहाज से जिले में दो अग्निशमन अधिकारी व दो अग्निशमन द्वितीय अधिकारी का भी अभाव है। स्टाफ बढ़ाने को लेकर भी शासन को पत्राचार किया गया है। भेजी गई यह डिमांड फिलहाल पूरी होती नजर नहीं आ रही है।
दमकल विभाग की ओर से आग की घटनाओं से निपटने के लिए प्राथमिकता से लोगों को जागरूक किया जा रहा है। इस कड़ी में आग की घटना होने पर क्या क्या अहम कदम होने चाहिए इसके अलावा पुलिस व दमकल को सूचना संबंधी जानकारी शामिल है।
स्टाफ की जरूरत
एक अग्निशमन अधिकारी, एक अग्निशमन द्वितीय अधिकारी, दो फायर मैन, दो लीडिंग फायर मैन, दो चालक व 16 फायरमैन की जरूरत है जबकि औरैया में मौजूद स्टाफ से ही अजीतमल व बिधूना के अग्निशमन केंद्रों का संचालन कराया जा रहा है।
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बिधूना के फायर स्टेशन से एरवाकटरा तक का लंबा सफर
आग की घटनाओं के मामले में एरवाकटरा क्षेत्र जिले के सीमावर्ती दायरे में है। यहां पर बिधूना के हरदू स्थित फायर स्टेशन से दमकल के वाहन आग की घटनाओं में भेजे जाते हैं। खास बात यह है कि लगभग इन वाहनों को 40 किमी का सफर तय करना होता है। सीमावर्ती गांव ईश्वरपुर, जयसिंहपुर कनक, सेखूपुर, उमरैन व बरौनाकला कई गांवों की दूरी ज्यादा है। आग की घटना होने व सूचना के बाद दमकल के पहुंचने में काफी कुछ समय लगता है। ऐसे में आ लगने पर राहत व बचाव कार्य में देरी की आशंका बनी रहती है।


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वर्जन
फोटो-08एयूआरपी 04- सीएफओ तेजवीर सिंह। स्रोत: स्वयं
एक-एक हाईप्रेशर वाहन व एक 2000 लीटर की बड़ी गाड़ी को लेकर विभाग के उच्चाधिकारियों को मांग भेजी जा चुकी है। वहीं कर्मचारियों का स्टाफ बढ़ाने की मांग की गई है। फिलहाल मौजूदा संसाधनों से आपात स्थिति से निपटा जा रहा है। लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है।
-तेजवीर सिंह, मुख्य अग्निशमन अधिकारी
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