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Auraiya News: इस बार थान की फसल का लक्ष्य 2759 हेक्टेयर कम
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औरैया। खरीफ की फसलों को लेकर तैयारी शुरू हो गई है। इस बार धान का रकबा घटाया गया है, तो दूसरी ओर मोटे अनाज को लेकर रकबा बढ़ाने पर फोकस किया गया है। खास बात यह है कि धान के पिछले साल मिले लक्ष्य के मुकाबले इस बार का लक्ष्य 2759 हेक्टेयर घटा है।
साल 2023 में धान की फसल को लेकर शासन स्तर से 51363 हेक्टयर में फसल तैयार करने का लक्ष्य जिले को मिला था। इसके लिए कृषि विभाग की ओर से जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। वहीं ज्वार का 1249 हेक्टयर, मक्का का 11122 हेक्टेयर व बाजरा का 34097 हेक्टेयर लक्ष्य मिला था। इसकी पूर्ति भी हुई थी।
इस बार शासन स्तर से जारी हुए लक्ष्य में धान को घटाया गया है जबकि मोटे अनाज की फसलों को बढ़ावा देने के लिए उनके लक्ष्य में बढ़ोतरी की गई है। इस बार धान की फसल को लेकर महज 48604 हेक्टेयर का लक्ष्य मिला है जो पिछले साल के मुकाबले 2759 हेक्टेयर कम है। इसके पीछे कहीं न कहीं धान के रकबे को कम करने की मंशा देखी जा रही है।
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वहीं इस बार के जारी हुए लक्ष्यों में मक्का का 13642 हेक्टेयर, ज्वार का 1758 हेक्टेयर व बाजरा 36599 हेक्टेयर रखा गया है। जोकि पिछले साल के मुकाबले ज्यादा है। मोटे अनाज के रकबे में बढ़ोतरी को लेकर कृषि विभाग की ओर से किसानों को जागरूक करने की कवायद भी शुरू की गई है। वहीं धान को लेकर ज्यादा लागत व पानी की खपत में गिरावट देखने को मिलेगी।
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पिछले साल से फसलों के मिले लक्ष्य की साल 2024 से तुलना करते आंकड़े-- --
फसल वर्ष 2023 का लक्ष्य (हेक्ट. में) वर्ष 2024 का लक्ष्य (हेक्ट. में)
धान 51363 48604
ज्वार 1249 1758
मक्का 11122 13642
बाजरा 34097 36599
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वर्जन
‘खरीफ की फसलों को लेकर शासन से लक्ष्य आ गया है। धान के रकबे में लगभग तीन हजार हेक्टेयर की गिरावट करने का सीधा लक्ष्य नजर आ रहा है। वहीं मोटे अनाज में बढ़ोतरी की जानी है। इस लिए किसान केंद्रों से लेकर ब्लाक स्तर पर जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।’
-शैलेंद्र कुमार वर्मा, जिला कृषि अधिकारी
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साल 2023 में धान की फसल को लेकर शासन स्तर से 51363 हेक्टयर में फसल तैयार करने का लक्ष्य जिले को मिला था। इसके लिए कृषि विभाग की ओर से जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। वहीं ज्वार का 1249 हेक्टयर, मक्का का 11122 हेक्टेयर व बाजरा का 34097 हेक्टेयर लक्ष्य मिला था। इसकी पूर्ति भी हुई थी।
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इस बार शासन स्तर से जारी हुए लक्ष्य में धान को घटाया गया है जबकि मोटे अनाज की फसलों को बढ़ावा देने के लिए उनके लक्ष्य में बढ़ोतरी की गई है। इस बार धान की फसल को लेकर महज 48604 हेक्टेयर का लक्ष्य मिला है जो पिछले साल के मुकाबले 2759 हेक्टेयर कम है। इसके पीछे कहीं न कहीं धान के रकबे को कम करने की मंशा देखी जा रही है।
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वहीं इस बार के जारी हुए लक्ष्यों में मक्का का 13642 हेक्टेयर, ज्वार का 1758 हेक्टेयर व बाजरा 36599 हेक्टेयर रखा गया है। जोकि पिछले साल के मुकाबले ज्यादा है। मोटे अनाज के रकबे में बढ़ोतरी को लेकर कृषि विभाग की ओर से किसानों को जागरूक करने की कवायद भी शुरू की गई है। वहीं धान को लेकर ज्यादा लागत व पानी की खपत में गिरावट देखने को मिलेगी।
पिछले साल से फसलों के मिले लक्ष्य की साल 2024 से तुलना करते आंकड़े
फसल वर्ष 2023 का लक्ष्य (हेक्ट. में) वर्ष 2024 का लक्ष्य (हेक्ट. में)
धान 51363 48604
ज्वार 1249 1758
मक्का 11122 13642
बाजरा 34097 36599
वर्जन
‘खरीफ की फसलों को लेकर शासन से लक्ष्य आ गया है। धान के रकबे में लगभग तीन हजार हेक्टेयर की गिरावट करने का सीधा लक्ष्य नजर आ रहा है। वहीं मोटे अनाज में बढ़ोतरी की जानी है। इस लिए किसान केंद्रों से लेकर ब्लाक स्तर पर जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।’
-शैलेंद्र कुमार वर्मा, जिला कृषि अधिकारी