{"_id":"65b167ebacfd6459d80d53e7","slug":"there-is-no-water-in-rajbaha-how-to-irrigate-crops-auraiya-news-c-211-1-aur1002-7871-2024-01-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Auraiya News: रजबहा में नहीं है पानी, कैसे हो फसलों की सिंचाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Auraiya News: रजबहा में नहीं है पानी, कैसे हो फसलों की सिंचाई
Thu, 25 Jan 2024 01:11 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Thu, 25 Jan 2024 01:11 AM IST
विज्ञापन
ककोर। जिला मुख्यालय के निकट ककोर बूढ़ादाना रजबहा में पिछले एक माह से पानी का अभाव चल रहा है। तली तक ही पानी का बहाव सीमित है। टेल तक पानी पहुंचना भी मुश्किल दिखाई दे रहा है। ऐसे में रजबहा से सिंचाई करने वाले किसानों की चिंता बढ़ी है। क्षेत्र के 10 से ज्यादा गांवों के किसान इसे लेकर चिंतित है।
बूढ़ादाना रजबहा से गांव मकू पुर्वा, कैथा पुर्वा, माखनपुर, ककोर, बूढ़ादाना, आजादपुर, गोरी, असवी, चपौली, गाजीपुर, बलवंतपुर समेत कई गांवों के किसान फसलों की सिंचाई करते हैं। किसानों का आरोप है कि रजवाहा में पानी तो है, लेकिन तली तक सीमित है। खेत जाने वाली नाली तक पानी नहीं पहुंच रहा है। वहीं दूसरी ओर टेल तक पानी पहुंचना भी मुश्किल है। पिछले एक माह से यह समस्या बनी हुई है।
कोहरे को देखते हुए आलू व गेहूं में सिंचाई की जरूरत है। देरी होने पर फसल में नुकसान की संभावना भी बढ़ी है। डीजल आधारित पंपसेट के प्रयोग से फसल की लागत बढ़ेगी। इस चिंता ने किसानों का सरदर्द बढ़ा दिया है। वहीं ग्रामीण रामशंकर, पिंटू, नरेश, रामप्रसाद, राजेंद्र, पप्पू पाल, राम सिंह, होरीलाल, टिंकू, नवाब सिंह, दीपक कुमार ने टेल तक पानी जाने की मांग जिला प्रशासन से की है। नहर से पर्याप्त पानी रजवाहा में छोड़े जाने पर ही ऐसा हो पाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
बूढ़ादाना रजबहा से गांव मकू पुर्वा, कैथा पुर्वा, माखनपुर, ककोर, बूढ़ादाना, आजादपुर, गोरी, असवी, चपौली, गाजीपुर, बलवंतपुर समेत कई गांवों के किसान फसलों की सिंचाई करते हैं। किसानों का आरोप है कि रजवाहा में पानी तो है, लेकिन तली तक सीमित है। खेत जाने वाली नाली तक पानी नहीं पहुंच रहा है। वहीं दूसरी ओर टेल तक पानी पहुंचना भी मुश्किल है। पिछले एक माह से यह समस्या बनी हुई है।
विज्ञापन
कोहरे को देखते हुए आलू व गेहूं में सिंचाई की जरूरत है। देरी होने पर फसल में नुकसान की संभावना भी बढ़ी है। डीजल आधारित पंपसेट के प्रयोग से फसल की लागत बढ़ेगी। इस चिंता ने किसानों का सरदर्द बढ़ा दिया है। वहीं ग्रामीण रामशंकर, पिंटू, नरेश, रामप्रसाद, राजेंद्र, पप्पू पाल, राम सिंह, होरीलाल, टिंकू, नवाब सिंह, दीपक कुमार ने टेल तक पानी जाने की मांग जिला प्रशासन से की है। नहर से पर्याप्त पानी रजवाहा में छोड़े जाने पर ही ऐसा हो पाएगा।
विज्ञापन