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Auraiya News: यमुना का जलस्तर बढ़ा, पुलिया के नीचे तक आया पानी
Mon, 21 Jul 2025 12:09 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Mon, 21 Jul 2025 12:09 AM IST
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उफनाई यमुना नदी।
- फोटो : उफनाई यमुना नदी।
अजीतमल। यमुना नदी का जलस्तर रविवार को फिर से बढ़ना शुरू हो गया है। इससे यमुना नदी के किनारे स्थित कई गांवों के लोग परेशान हैं।
लोगों का कहना है कि यदि जलस्तर बढ़ता रहा तो सोमवार तक गौहानी कलां गांव के लिए जाने वाला संपर्क मार्ग जलमग्न हो सकता है। हालांकि अभी तक जलस्तर इस मार्ग पर पड़ने वाली रपटा पुलिया के नीचे है।
चंबल नदी में पानी छोड़े जाने से भरेह गांव के पास मिले यमुना नदी में जलस्तर को बढ़ा देता है। इससे गौहानी कलां को जाने वाले संपर्क मार्ग पर बनी रपटा पुलिया काफी नीची होने के बाद भी वहां पानी भर जाता है। इससे संपर्क मार्ग बाधित हो जाता है। हालांकि प्रशासन ने आपात स्थित से निपटने के लिए लोगों के आने जाने के लिए नाव का इंतजाम कर लिया है।
बाढ़ का सबसे ज्यादा खतरा गांव सिकरोड़ी, गौहानी कलां, गौहानी खुर्द, जाजपुर, असेवटा, असेबा, जुहीखा, बडेरा, गूंज ततारपुर, बबाईन आदि में होता है। एसडीएम अजीतमल निखिल राजपूत ने बताया कि बाढ़ क्षेत्र में ड्यूटी पर लगाए गए कर्मचारियों को सतर्क रहने के लिए कहा गया है। लगातार जलस्तर पर निगाह रखी जा रही है। अभी बाढ़ का पानी गांव के पास तक नहीं पहुंचा है।
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लोगों का कहना है कि यदि जलस्तर बढ़ता रहा तो सोमवार तक गौहानी कलां गांव के लिए जाने वाला संपर्क मार्ग जलमग्न हो सकता है। हालांकि अभी तक जलस्तर इस मार्ग पर पड़ने वाली रपटा पुलिया के नीचे है।
चंबल नदी में पानी छोड़े जाने से भरेह गांव के पास मिले यमुना नदी में जलस्तर को बढ़ा देता है। इससे गौहानी कलां को जाने वाले संपर्क मार्ग पर बनी रपटा पुलिया काफी नीची होने के बाद भी वहां पानी भर जाता है। इससे संपर्क मार्ग बाधित हो जाता है। हालांकि प्रशासन ने आपात स्थित से निपटने के लिए लोगों के आने जाने के लिए नाव का इंतजाम कर लिया है।
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बाढ़ का सबसे ज्यादा खतरा गांव सिकरोड़ी, गौहानी कलां, गौहानी खुर्द, जाजपुर, असेवटा, असेबा, जुहीखा, बडेरा, गूंज ततारपुर, बबाईन आदि में होता है। एसडीएम अजीतमल निखिल राजपूत ने बताया कि बाढ़ क्षेत्र में ड्यूटी पर लगाए गए कर्मचारियों को सतर्क रहने के लिए कहा गया है। लगातार जलस्तर पर निगाह रखी जा रही है। अभी बाढ़ का पानी गांव के पास तक नहीं पहुंचा है।
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