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पेन डाउन हड़ताल, बिधूना में कामकाज ठप
अमर उजाला ब्यूरो औरैया
Updated Tue, 22 Dec 2015 10:47 PM IST
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राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद उप्र के आह्वान पर कस्बे की तहसील, ब्लाक, अस्पताल सहित विभिन्न विभाग के कर्मचारी कलम बंद हड़ताल पर रहे। इस दौरान राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्याम नरेश दुबे ने कहा कि वर्तमान सरकार के गठन को लगभग चार साल पूरे हो चुके हैं।
र्कई बार आंदोलन के बाद भी कर्मचारियों की समस्याओं का निराकरण नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य कर्मचारियों को केन्द्रीय कर्मचारियों की भांति सभी भत्ते, पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करने, नकदीकरण व्यवस्था को बहाल करने, ग्रुप डी की भर्तियों से रोक हटाने, रिक्त पदों पर तत्काल नियुक्तियां करने, फील्ड कर्मचारियों को बाइक भत्ता देने आदि मांगो के प्रति सरकार उदासीन है। इसके साथ ही माननीय उच्च न्यायालय के1 निर्देशित चार मांगो का भी निस्तारण नहीं किया गया है।
उन्हाेंने चेतावनी दी है कि यदि इसके बाद भी सरकार ने कर्मचारियों की समस्याओं का निराकरण नहीं किया गया तो 23 फरवरी 2016 से अनिश्चित कालीन पूर्ण हड़ताल कर दी जायेगी। इस मौके पर मु.लहीकुर रहमान, राजेश त्रिपाठी, कुलदीप कुमार, अनूप बाजपेयी, अजय कुमार, रंजीत सिंह, विमल सिंह, पिंकल दुवे, डा.के.वी शाक्य, दिनेश सिंह भदौरिया, भूरे लाल, अनिल कुमार, रामलखन, बृजेंद्र कुमार, राजबहादुर आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे।
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र्कई बार आंदोलन के बाद भी कर्मचारियों की समस्याओं का निराकरण नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य कर्मचारियों को केन्द्रीय कर्मचारियों की भांति सभी भत्ते, पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करने, नकदीकरण व्यवस्था को बहाल करने, ग्रुप डी की भर्तियों से रोक हटाने, रिक्त पदों पर तत्काल नियुक्तियां करने, फील्ड कर्मचारियों को बाइक भत्ता देने आदि मांगो के प्रति सरकार उदासीन है। इसके साथ ही माननीय उच्च न्यायालय के1 निर्देशित चार मांगो का भी निस्तारण नहीं किया गया है।
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उन्हाेंने चेतावनी दी है कि यदि इसके बाद भी सरकार ने कर्मचारियों की समस्याओं का निराकरण नहीं किया गया तो 23 फरवरी 2016 से अनिश्चित कालीन पूर्ण हड़ताल कर दी जायेगी। इस मौके पर मु.लहीकुर रहमान, राजेश त्रिपाठी, कुलदीप कुमार, अनूप बाजपेयी, अजय कुमार, रंजीत सिंह, विमल सिंह, पिंकल दुवे, डा.के.वी शाक्य, दिनेश सिंह भदौरिया, भूरे लाल, अनिल कुमार, रामलखन, बृजेंद्र कुमार, राजबहादुर आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे।
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