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Auraiya News: फौजी ने किसान की आंखों में मिर्च झोंककर की थी हत्या
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फोटो-26 - हत्यारोपी भानू उर्फ दरपत सिंह। स्रोत पुलिस
औरैया। अजीतमल कोतवाली के गांव अमावता में हुई सनसनीखेज हत्या की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया है। पुलिस ने किसान की हत्या के आरोपी फाैजी भानू उर्फ दरपत सिंह को गिरफ्तार किया है। वारदात के पीछे की वजह प्रेम प्रसंग और रंजिश बताई गई है। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसकी दोस्ती किसान की बहन से थी। किसान को इसकी भनक लगी तो उसने इसका विरोध किया। किसान को रास्ते से हटाने की योजना तैयार की और उसकी हत्या कर दी थी।
अपर पुलिस अधीक्षक आलोक मिश्रा ने सदर कोतवाली में प्रेसवार्ता कर बताया कि 14 फरवरी की रात को जब अर्जुन अपने खेत में फसल की रखवाली करने गया था तभी अंधेरे का फायदा उठाकर भानू वहां पहुंचा। आहट पाकर किसान जैसे ही उठा आरोपी ने उसकी आंखों में लाल मिर्च का पाउडर झोंक दिया। आंख से न दिखने पर किसान ने भागने का प्रयास किया। इसी आरोपी भानू ने पास पड़ी ईंट से उस पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। किसान के जमीन पर गिरते ही आरोपी ने उसी की टॉर्च से उसका चेहरा और सिर कूच दिया जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
सोमवार रात अजीतमल कोतवाल ललितेश नारायन त्रिपाठी फोर्स के साथ गश्त पर थे। इसी दौरान मुखबिर की सूचना पर हत्यारोपी के कानपुर-इटावा हाईवे स्थित गांव प्रतापपुर पुल के पास से गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल ईंट, खून से सनी टॉर्च और दो मोबाइल फोन बरामद कर लिए। पूछताछ के बाद उसे कोर्ट में पेश किया गया। वहां से उसे इटावा जेल भेज दिया गया।
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कातिल की चालाकी, रची झूठी कहानी
आरोपी की साल 2017 में सेना में नौकरी लगी थी। वह सात फरवरी को ही छुट्टी पर घर आया था। पुलिस के अनुसार हत्या के बाद आरोपी ने शातिर दिमाग का इस्तेमाल किया। उसने किसान के ही फोन से उसके छोटे भाई को कॉल की और आवाज बदलकर कहा कि किसान को किसी जंगली जानवर ने टक्कर मार दी है वह मर गया है। गुमराह करने की इस कोशिश के बाद वह मोबाइल लेकर भाग गया था।
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अपर पुलिस अधीक्षक आलोक मिश्रा ने सदर कोतवाली में प्रेसवार्ता कर बताया कि 14 फरवरी की रात को जब अर्जुन अपने खेत में फसल की रखवाली करने गया था तभी अंधेरे का फायदा उठाकर भानू वहां पहुंचा। आहट पाकर किसान जैसे ही उठा आरोपी ने उसकी आंखों में लाल मिर्च का पाउडर झोंक दिया। आंख से न दिखने पर किसान ने भागने का प्रयास किया। इसी आरोपी भानू ने पास पड़ी ईंट से उस पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। किसान के जमीन पर गिरते ही आरोपी ने उसी की टॉर्च से उसका चेहरा और सिर कूच दिया जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
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सोमवार रात अजीतमल कोतवाल ललितेश नारायन त्रिपाठी फोर्स के साथ गश्त पर थे। इसी दौरान मुखबिर की सूचना पर हत्यारोपी के कानपुर-इटावा हाईवे स्थित गांव प्रतापपुर पुल के पास से गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल ईंट, खून से सनी टॉर्च और दो मोबाइल फोन बरामद कर लिए। पूछताछ के बाद उसे कोर्ट में पेश किया गया। वहां से उसे इटावा जेल भेज दिया गया।
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आरोपी की साल 2017 में सेना में नौकरी लगी थी। वह सात फरवरी को ही छुट्टी पर घर आया था। पुलिस के अनुसार हत्या के बाद आरोपी ने शातिर दिमाग का इस्तेमाल किया। उसने किसान के ही फोन से उसके छोटे भाई को कॉल की और आवाज बदलकर कहा कि किसान को किसी जंगली जानवर ने टक्कर मार दी है वह मर गया है। गुमराह करने की इस कोशिश के बाद वह मोबाइल लेकर भाग गया था।

फोटो-26 - हत्यारोपी भानू उर्फ दरपत सिंह। स्रोत पुलिस