{"_id":"58499f604f1c1b5a5c447dea","slug":"the-panic-in-the-rugged-blue-bull","type":"story","status":"publish","title_hn":"बीहड़ में नील गाय की दहशत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बीहड़ में नील गाय की दहशत
औरैया
Updated Thu, 08 Dec 2016 11:28 PM IST
विज्ञापन
खेत के चारो तरफ कटीले तार लगाते किसान सरनाम सिंह।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
डकैतों के बाद अब बीहड़ इलाके में नील गायों की दहशत है। नील गायों से फसलों को बचाने के लिए किसान सर्दी में रतजगा कर रहे हैं। वहीं जंगली सुअर आलू के दुश्मन बन रहे हैं। पिछले दिनों खेत की रखवाली के दौरान सर्दी लगने से एक किसान की जान चली गई थी।
बीहड़ी क्षेत्र के गांव अयाना, बीजलपुर, फरहा, भरसौल, सिखरना पाकर, गुंठी का पुर्वा, तिवरलालपुर, नवादा ज्वाला प्रसाद समेत आसपास के एक सैकड़ा गांवों में नील गायों व जंगली सुअरों की दहशत है। बीहड़ क्षेत्र में तकरीबन आठ से दस हजार नील गाय हैं। जंगली सुअरों की भी हजारों में संख्या है। नीलगाय फसलों को नष्ट कर रही हैं। बीहड़ के आलू किसान भी संकट में हैं। सुअरों का झुंड खेत में घुसकर आलू खोद डालता है। जंगली सुअर किसान को अकेला देखकर हमलावर हो जाते हैं।
इलाकाई किसानों के सामने फसल बचाने का संकट है। किसान सर्दी के मौसम में रात भर खेतों में जागकर रखवाली करते हैं। किसान सतनाम सिंह, वीर भान, हरपाल सिंह तथा सोनेलाल ने बताया कि वह सर्दी में फूस की मढ़ैया बनाकर फसलों की रखवाली करते हैं। जान का खतरा भी रहता है। बीजलपुर निवासी रामऔतार(65) पिछले दिनों सर्दी में फसल की रखवाली कर रहे थे। सर्दी लगने से इनकी रात में मौत हो गई थी। जंगली जानवरों से फसलों को बचाने के लिए किसान कटीले तारों की बाड़ लगा रहे हैं। यह उपाय नाकाफी हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
बीहड़ी क्षेत्र के गांव अयाना, बीजलपुर, फरहा, भरसौल, सिखरना पाकर, गुंठी का पुर्वा, तिवरलालपुर, नवादा ज्वाला प्रसाद समेत आसपास के एक सैकड़ा गांवों में नील गायों व जंगली सुअरों की दहशत है। बीहड़ क्षेत्र में तकरीबन आठ से दस हजार नील गाय हैं। जंगली सुअरों की भी हजारों में संख्या है। नीलगाय फसलों को नष्ट कर रही हैं। बीहड़ के आलू किसान भी संकट में हैं। सुअरों का झुंड खेत में घुसकर आलू खोद डालता है। जंगली सुअर किसान को अकेला देखकर हमलावर हो जाते हैं।
विज्ञापन
इलाकाई किसानों के सामने फसल बचाने का संकट है। किसान सर्दी के मौसम में रात भर खेतों में जागकर रखवाली करते हैं। किसान सतनाम सिंह, वीर भान, हरपाल सिंह तथा सोनेलाल ने बताया कि वह सर्दी में फूस की मढ़ैया बनाकर फसलों की रखवाली करते हैं। जान का खतरा भी रहता है। बीजलपुर निवासी रामऔतार(65) पिछले दिनों सर्दी में फसल की रखवाली कर रहे थे। सर्दी लगने से इनकी रात में मौत हो गई थी। जंगली जानवरों से फसलों को बचाने के लिए किसान कटीले तारों की बाड़ लगा रहे हैं। यह उपाय नाकाफी हैं।
विज्ञापन