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Auraiya News: धान की फसल लहलहाई, नहीं हो पाई बाजरे की बोआई
Thu, 14 Aug 2025 12:22 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Thu, 14 Aug 2025 12:22 AM IST
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फोटो --13 एयूआरपी 20 खेत में लहलहाती धान फसल। संवाद
- फोटो : तिरंगा यात्रा निकालतीं छात्राएं।
बिधूना। कई दिनों से हो रही बूंदाबांदी और बारिश ने धान बोने वाले किसानों के चेहरे पर तो मुस्कान ला दी है, लेकिन बाजरे की बोआई न होने से उनके चेहरे से खुशी गायब है।
बारिश से बाजरा की बोआई पिछड़ रही है, हालांकि धान फसल खेतों में लहलहा रही है। इससे धान किसानों को अच्छे उत्पादन की उम्मीद है। किसान धप्पी यादव, रामवीर, सुधीर कुशवाह, संजय सिंह व अजय सिंह का कहना है कि बारिश धान के लिए वरदान से कम नहीं है। खेतों में पर्याप्त नमी से फसल तेजी से बढ़ रही हैं।
किसान बताते हैं कि हर साल की तुलना में इस वर्ष धान की फसल की स्थिति बेहतर है। किसानों का कहना है कि यह बारिश बाजरे की फसल के लिए नुकसानदेह साबित हो रही है। क्षेत्र के कई किसान बाजरे की बोआई का इंतजार करते रह गए।
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खेतों में पानी भरे रहने के कारण वह समय पर बोआई नहीं कर पाए। इससे इस बार बाजरे का रकबा कम हो गया है। जिन किसानों ने बारिश से पहले बोआई कर दी थी। उन्हें कुछ लाभ जरूर मिल रहा है।
कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आने वाले दिनों में बारिश कम हो और धूप निकलने लगे तो किसान देर से भी बोआई कर सकते हैं।
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बारिश से बाजरा की बोआई पिछड़ रही है, हालांकि धान फसल खेतों में लहलहा रही है। इससे धान किसानों को अच्छे उत्पादन की उम्मीद है। किसान धप्पी यादव, रामवीर, सुधीर कुशवाह, संजय सिंह व अजय सिंह का कहना है कि बारिश धान के लिए वरदान से कम नहीं है। खेतों में पर्याप्त नमी से फसल तेजी से बढ़ रही हैं।
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किसान बताते हैं कि हर साल की तुलना में इस वर्ष धान की फसल की स्थिति बेहतर है। किसानों का कहना है कि यह बारिश बाजरे की फसल के लिए नुकसानदेह साबित हो रही है। क्षेत्र के कई किसान बाजरे की बोआई का इंतजार करते रह गए।
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खेतों में पानी भरे रहने के कारण वह समय पर बोआई नहीं कर पाए। इससे इस बार बाजरे का रकबा कम हो गया है। जिन किसानों ने बारिश से पहले बोआई कर दी थी। उन्हें कुछ लाभ जरूर मिल रहा है।
कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आने वाले दिनों में बारिश कम हो और धूप निकलने लगे तो किसान देर से भी बोआई कर सकते हैं।