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Auraiya News: जीवित को मृत दिखाकर दूसरे के नाम चढ़ा दी वरासत
Tue, 08 Jul 2025 11:28 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Tue, 08 Jul 2025 11:28 PM IST
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औरैया। सदर तहसील क्षेत्र में भूमि धोखाधड़ी के नए-नए मामले खुलकर सामने आ रहे हैं। एक मामला गांव शहब्दा का सामने आया है। यहां पर राजस्वकर्मियों ने एक जीवित शख्स को पहले कागजों में मृत दिखाया, बाद में उसके नाम की जमीन दूसरे के नाम वरासत कर दी। अब पीड़ित खुद के जीवित होने का सुबूत देने के लिए भटक रहा है। शिकायत के बाद तहसील महकमे में खलबली मच गई है।
गांव शहब्दा निवासी भारत सिंह का गांव ककराही में है। चार गाटा संख्या में करीब साढ़े नौ बीघा जमीन थी। वर्ष 2006 में लेखपाल ने प्रापर्टी डीलर से साठगांठ कर राजस्व दस्तावेजों में उसे मृत दिखा दिया। जमीन की वरासत सेवानिवृत्त लेखपाल के भाई के नाम अभिलेखों में दर्ज करा दी। यही नहीं राजस्व अभिलेखों में उसका नाम भी गायब कर दिया।
तहसील से खतौनी निकलवाने पर उसे इस फर्जीवाड़े का पता चला। अब वो खुद को जीवित दिखाने के लिए तहसील से जिला मुख्यालय तक दौड़ लगा रहा है। भारत सिंह का आरोप है कि वह अनुसूचित जाति के हैं तो वरासत पिछड़ी जाति यादव के नाम कैसे दर्ज हो सकती है। आरोपियों ने उनकी भूमि का फर्जीवाड़ा कर अपने नाम दर्ज कराने के बाद बिक्री भी कर दी। पीड़ित ने प्रकरण की गंभीरता से जांच कराकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई और झूठी वरासत को काटकर भूमि उनके नाम पर दर्ज कराने की मांग की।
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जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने एसडीएम सदर को प्रकरण की गंभीरता से जांच के आदेश दिए। साथ ही जांच कर रिपोर्ट भी मांगी है।
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पहले भी हो चुके ऐसे कारनामे
सदर तहसील में जमीन फर्जीवाड़े का इन दिनों काम चल रहा है। इस काम में कोई और नहीं राजस्व महकमे के ही लोग शामिल हैं, जो जीवित शख्स को सरकारी अभिलेखों में पहले मृत दिखाते हैं, बाद में उसकी जमीन दूसरे के नाम वरासत कर देते हैं। शहब्दा से पहले सदर तहसील क्षेत्र में बम्हौरी, समेत कई गांवों में ऐसे मामले सुर्खियों में चुके हैं।
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गांव शहब्दा निवासी भारत सिंह का गांव ककराही में है। चार गाटा संख्या में करीब साढ़े नौ बीघा जमीन थी। वर्ष 2006 में लेखपाल ने प्रापर्टी डीलर से साठगांठ कर राजस्व दस्तावेजों में उसे मृत दिखा दिया। जमीन की वरासत सेवानिवृत्त लेखपाल के भाई के नाम अभिलेखों में दर्ज करा दी। यही नहीं राजस्व अभिलेखों में उसका नाम भी गायब कर दिया।
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तहसील से खतौनी निकलवाने पर उसे इस फर्जीवाड़े का पता चला। अब वो खुद को जीवित दिखाने के लिए तहसील से जिला मुख्यालय तक दौड़ लगा रहा है। भारत सिंह का आरोप है कि वह अनुसूचित जाति के हैं तो वरासत पिछड़ी जाति यादव के नाम कैसे दर्ज हो सकती है। आरोपियों ने उनकी भूमि का फर्जीवाड़ा कर अपने नाम दर्ज कराने के बाद बिक्री भी कर दी। पीड़ित ने प्रकरण की गंभीरता से जांच कराकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई और झूठी वरासत को काटकर भूमि उनके नाम पर दर्ज कराने की मांग की।
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जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने एसडीएम सदर को प्रकरण की गंभीरता से जांच के आदेश दिए। साथ ही जांच कर रिपोर्ट भी मांगी है।
पहले भी हो चुके ऐसे कारनामे
सदर तहसील में जमीन फर्जीवाड़े का इन दिनों काम चल रहा है। इस काम में कोई और नहीं राजस्व महकमे के ही लोग शामिल हैं, जो जीवित शख्स को सरकारी अभिलेखों में पहले मृत दिखाते हैं, बाद में उसकी जमीन दूसरे के नाम वरासत कर देते हैं। शहब्दा से पहले सदर तहसील क्षेत्र में बम्हौरी, समेत कई गांवों में ऐसे मामले सुर्खियों में चुके हैं।