{"_id":"6ab963e2d1f33119b00b5d54","slug":"the-200-year-old-ram-janaki-temple-in-sikrodi-will-undergo-renovation-auraiya-news-c-211-1-akb1003-152293-2026-09-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Auraiya News: 200 साल पुराने सिकरोड़ी के रामजानकी मंदिर का होगा जीर्णोद्धार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Auraiya News: 200 साल पुराने सिकरोड़ी के रामजानकी मंदिर का होगा जीर्णोद्धार
विज्ञापन
औरैया। अजीतमल क्षेत्र के सिकरोड़ी गांव में स्थित 200 साल पुराने राम-जानकी मंदिर का जीर्णोद्धार होगा। पर्यटन विभाग ने इसके संरक्षण और सुंदरीकरण के लिए एक करोड़ रुपये की कार्ययोजना तैयार की है। शासन स्तर से इस कार्य के लिए बजट भी स्वीकृत कर दिया गया है।
सदर विधायक गुड़िया कठेरिया ने मंदिर के जीर्णोद्धार का प्रस्ताव दिया था। ग्रामीणों के अनुसार, यह मंदिर 200 वर्ष पुराना है। इसका निर्माण किले और आसपास के प्राचीन मंदिरों के साथ हुआ था। मंदिर की मोटी दीवारें इसकी प्राचीन स्थापत्य शैली को दर्शाती हैं। दीवारों में ईंट के टुकड़ों और मिट्टी का उपयोग किया गया है।
समय के साथ मंदिर की हालत कुछ जगहों पर खराब हुई थी। इसमें भगवान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण के अद्भुत विग्रह विराजमान हैं। भगवान शिव, भैरव बाबा, हनुमान जी और माता दुर्गा सहित अन्य देवी-देवताओं की प्रतिमाएं भी स्थापित हैं।
विज्ञापन
मंदिर परिसर में इसके प्रथम महंत बताए जाने वाले स्वामी अनारदास की समाधि भी है। श्रद्धालुओं की इस समाधि से गहरी आस्था जुड़ी हुई है। गांव के पूर्व प्रधान शिववीर सिंह ने बताया कि दूर-दूर से श्रद्धालु मन्नत मांगने आते हैं। अन्य जिलों से भी लोग राम-जानकी के दर्शन और मन्नत लेकर मंदिर पहुंचते हैं।
पूर्व प्रधान शिववीर सिंह ने बताया कि मंदिर का इतिहास काफी पुराना है। मंदिर के संचालन के लिए कृषि भूमि भी लगी हुई है। इससे होने वाली आय से मंदिर की व्यवस्थाएं संचालित होती हैं। अब पर्यटन विभाग की पहल से श्रद्धालुओं को सत्संग भवन से लेकर बेहतर परिवेश भी मिलेगा।
वर्जन
एक करोड़ से सिकरोड़ी के रामजानकी मंदिर पर शौचालय से लेकर सत्संग भवन व सजावट की सुविधाएं दी जाएंगी। बाउंड्री व अन्य इंतजाम भी किए जाएंगे। इसके लिए शासन में भेजे गए प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है। -मोहित सिंह, जिला पर्यटन अधिकारी
विज्ञापन
सदर विधायक गुड़िया कठेरिया ने मंदिर के जीर्णोद्धार का प्रस्ताव दिया था। ग्रामीणों के अनुसार, यह मंदिर 200 वर्ष पुराना है। इसका निर्माण किले और आसपास के प्राचीन मंदिरों के साथ हुआ था। मंदिर की मोटी दीवारें इसकी प्राचीन स्थापत्य शैली को दर्शाती हैं। दीवारों में ईंट के टुकड़ों और मिट्टी का उपयोग किया गया है।
विज्ञापन
समय के साथ मंदिर की हालत कुछ जगहों पर खराब हुई थी। इसमें भगवान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण के अद्भुत विग्रह विराजमान हैं। भगवान शिव, भैरव बाबा, हनुमान जी और माता दुर्गा सहित अन्य देवी-देवताओं की प्रतिमाएं भी स्थापित हैं।
विज्ञापन
मंदिर परिसर में इसके प्रथम महंत बताए जाने वाले स्वामी अनारदास की समाधि भी है। श्रद्धालुओं की इस समाधि से गहरी आस्था जुड़ी हुई है। गांव के पूर्व प्रधान शिववीर सिंह ने बताया कि दूर-दूर से श्रद्धालु मन्नत मांगने आते हैं। अन्य जिलों से भी लोग राम-जानकी के दर्शन और मन्नत लेकर मंदिर पहुंचते हैं।
पूर्व प्रधान शिववीर सिंह ने बताया कि मंदिर का इतिहास काफी पुराना है। मंदिर के संचालन के लिए कृषि भूमि भी लगी हुई है। इससे होने वाली आय से मंदिर की व्यवस्थाएं संचालित होती हैं। अब पर्यटन विभाग की पहल से श्रद्धालुओं को सत्संग भवन से लेकर बेहतर परिवेश भी मिलेगा।
वर्जन
एक करोड़ से सिकरोड़ी के रामजानकी मंदिर पर शौचालय से लेकर सत्संग भवन व सजावट की सुविधाएं दी जाएंगी। बाउंड्री व अन्य इंतजाम भी किए जाएंगे। इसके लिए शासन में भेजे गए प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है। -मोहित सिंह, जिला पर्यटन अधिकारी