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Auraiya News: 75 साल पहले बनी पुरवा मकू की कच्ची सड़क बदहाल
Thu, 21 Aug 2025 12:03 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Thu, 21 Aug 2025 12:03 AM IST
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फोटो-20एयूआरपी 03 पुरवा मकू की कच्ची सड़क । संवाद
फफूंद (औरैया)। देश को आजाद हुए 79 साल गुजर गए, लेकिन 550 की आबादी वाले गांव पुरवा मकू को पक्की सड़क नसीब नहीं हुई। गांववालों की मानें तो 75 साल पहले कच्ची सड़क बनाई गई थी। इसके बाद किसी भी योजना में इस सड़क की सुध नहीं ली गई।
अछल्दा ब्लॉक और फफूंद थाना क्षेत्र की ग्राम पंचायत है धरमपुर जहूर अली। इस पंचायत का एक मजरा है पुरवा मकू। यहां करीब 200 मतदाता हैं और यहां की आबादी 550 से अधिक है। 75 साल पहले इस गांव से फफूंद व पाता रेलवे स्टेशन के अलावा दिबियापुर व अछल्दा कस्बे तक जाने के लिए एक कच्ची सड़क बनाई गई थी। अब इस कच्ची सड़क की हालत खस्ता हो चुकी है। जगह- जगह मिट्टी कटने से बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं।
बारिश में यह सड़क दलदल में तब्दील हो जाती है। इससे साइकिल व बाइक तो दूर, पैदल तक निकलने में मशक्कत करनी पड़ती है। गांव निवासी संदीप राजपूत, राजेंद्र राजपूत, संजीव, सुरेन्द्र, शिवा, सुशील, शनि, कृष्णा, सतीश, चंद्रशेखर, होतीलाल, कुंजबिहारी व घनश्याम ने बताया कि गांव आने जाने के लिए यही एक सड़क है। कई बार विधायक, सांसद और जिला प्रशासन को पत्र देकर पक्की सड़क निर्माण की मांग की गई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
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गांव में एंबुलेंस भी नहीं आ पाती, ऐसे में प्रसूताओं और अन्य गंभीर मरीजों को बाइक या साइकिल से अस्पताल ले जाना पड़ता है। ग्रामीणों ने बताया कि 2024 के लोकसभा चुनाव में सड़क की मांग को लेकर मतदान बहिष्कार भी किया था। तब नेताओं और जिला प्रशासन ने सड़क बनवाने का भरोसा देकर ग्रामीणों से वोट डलवा लिए थे। चुनाव के बाद किसी अधिकारी और नेता ने सड़क की सुध नहीं ली।
प्रधान, सचिव और ब्लाॅक के अधिकारी भी चुप्पी साधे हैं । ग्राम प्रधान लालमन यादव ने बताया कि गांव की करीब दो किमी. कच्ची सड़क बहुत पुरानी बनी हुई है। जब सड़क खराब होती है, तब ग्राम पंचायत द्वारा मिट्टी डालकर सही करा दिया जाता हैं। पक्की सड़क निर्माण के लिए जिला प्रशासन समेत कई विभागों को पत्र दे चुके हैं। अब जल्द दोबारा डीएम को पत्र देकर मांग करेंगे।
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अछल्दा ब्लॉक और फफूंद थाना क्षेत्र की ग्राम पंचायत है धरमपुर जहूर अली। इस पंचायत का एक मजरा है पुरवा मकू। यहां करीब 200 मतदाता हैं और यहां की आबादी 550 से अधिक है। 75 साल पहले इस गांव से फफूंद व पाता रेलवे स्टेशन के अलावा दिबियापुर व अछल्दा कस्बे तक जाने के लिए एक कच्ची सड़क बनाई गई थी। अब इस कच्ची सड़क की हालत खस्ता हो चुकी है। जगह- जगह मिट्टी कटने से बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं।
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बारिश में यह सड़क दलदल में तब्दील हो जाती है। इससे साइकिल व बाइक तो दूर, पैदल तक निकलने में मशक्कत करनी पड़ती है। गांव निवासी संदीप राजपूत, राजेंद्र राजपूत, संजीव, सुरेन्द्र, शिवा, सुशील, शनि, कृष्णा, सतीश, चंद्रशेखर, होतीलाल, कुंजबिहारी व घनश्याम ने बताया कि गांव आने जाने के लिए यही एक सड़क है। कई बार विधायक, सांसद और जिला प्रशासन को पत्र देकर पक्की सड़क निर्माण की मांग की गई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
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गांव में एंबुलेंस भी नहीं आ पाती, ऐसे में प्रसूताओं और अन्य गंभीर मरीजों को बाइक या साइकिल से अस्पताल ले जाना पड़ता है। ग्रामीणों ने बताया कि 2024 के लोकसभा चुनाव में सड़क की मांग को लेकर मतदान बहिष्कार भी किया था। तब नेताओं और जिला प्रशासन ने सड़क बनवाने का भरोसा देकर ग्रामीणों से वोट डलवा लिए थे। चुनाव के बाद किसी अधिकारी और नेता ने सड़क की सुध नहीं ली।
प्रधान, सचिव और ब्लाॅक के अधिकारी भी चुप्पी साधे हैं । ग्राम प्रधान लालमन यादव ने बताया कि गांव की करीब दो किमी. कच्ची सड़क बहुत पुरानी बनी हुई है। जब सड़क खराब होती है, तब ग्राम पंचायत द्वारा मिट्टी डालकर सही करा दिया जाता हैं। पक्की सड़क निर्माण के लिए जिला प्रशासन समेत कई विभागों को पत्र दे चुके हैं। अब जल्द दोबारा डीएम को पत्र देकर मांग करेंगे।