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Auraiya News: अप्रैल माह की विवेचना में बालिका के बयान नहीं हुए, प्रभारी निरीक्षक बोले हो गए

Wed, 22 May 2024 11:33 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 22 May 2024 11:33 PM IST
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The girl's statement was not taken during the investigation in the month of April, the inspector in charge said that
बेला। थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी दुष्कर्म पीड़िता के द्वारा आत्महत्या के मामले में बेला थाना प्रभारी निरीक्षक विनेश कुमार के अनुसार पीड़िता ने थाना आकर अपने बयान दिए। बयान में कोई बदलाव नहीं हुए थे, दोनों युवकों को बालिका ने निर्दोष बताया था। वहीं विवेचक दरोगा संतोष के अनुसार अभी तक उन्होंने नाबालिग का बयान नोट नहीं किए हैं।
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बेला थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी दुष्कर्म पीड़िता ने रविवार रात फंदे से लटकता हुआ शव मिला था। पिता ने युवक व उनके परिजनों द्वारा प्रताड़ित करने व मुकदमा वापस लेने की धमकी से क्षुब्ध होकर बेटी के आत्महत्या कर लेने का आरोप लगाया। वहीं न्यायालय का आदेश आने के बाद भी डेढ़ माह बाद तक विवेचना न होने की बात भी कही थी।
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ग्रामीणों को यह बात रास नहीं आ रही है। विवेचक उपनिरीक्षक संतोष के अनुसार अप्रैल माह में उन्हें विवेचना मिली। इसके बाद वह एक बार पीड़िता के घर गए थे। जहां पीड़िता के पिता से मिले थे। बेटी के न मिलने पर पिता से बेटी को चौकी लाने की बात कहकर विवेचक वापस लौट गए थे। उसके बाद से अभी तक विवेचना आगे नहीं बढ़ी। बताते है कि उनके द्वारा कई पर्चे भी काटे गए।
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वहीं थाना प्रभारी निरीक्षक विनेश कुमार ने बताया कि पूर्व में अभियोग दर्ज कराया गया होगा। इसमें जांच के आधार पर अभियोग दर्ज कर रिपोर्ट प्रेषित की गई। इसमें बालिका ने बयान बदल दिए तो अभियोग में अंतिम रिपोर्ट लगा दी गई थी। पिता ने दोबारा कोर्ट में याचिका दायर की। इस पर न्यायालय ने दोबारा मामले की विवेचना को आदेशित किया गया। जिसके बाद बालिका ने बयान भी दिए थे।

इसमें उसने वही बताया था जो पूर्व के बयानों में कहा था कि उसके पिता जबरन उन युवकों को फंसाना चाह रहे हैं। इस संबंध में सीओ अशोक कुमार ने बताया कि नाबालिग की ओर से कोर्ट में दिए गए बयानों में आरोपी बताए जा रहे युवकों पर दुष्कर्म किए जाने की कोई पुष्टि नहीं की गई थी। यही नहीं डॉक्टरी रिपोर्ट में भी इस तरह के कोई साक्ष्य नहीं मिले थे। इस पर कोर्ट में रिपोर्ट पेश की गई थी। इसके बाद कोर्ट के आदेश पर फिर से लड़की के बयान दर्ज किए गए। इसमें पूर्व की ही बयान दिए थे। इसमें किसी से भी संबंध न होने की बात कही थी।
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