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Auraiya News: बगल में बैठा था चालक, किशोर भांजा एक्सप्रेसवे पर दौड़ा रहा था 22 चक्का
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औरैया। सुरक्षित सफर के लिए सड़क पर यातायात नियमों का पालन जरूरी है, लेकिन स्वयं के साथ ही दूसरों की जिंदगी दांव पर लगाकर एक्सप्रेसवे पर नाबालिग 22 चक्का ट्रॉला दौड़ा रहे हैं।
एक्सप्रेसवे पर गुजरते समय एआरटीओ की साइड मिरर से ट्रॉला चलाते एक किशोर पर नजर पड़ी तो यह कारिस्तानी पकड़ में आई। हैरत की बात यह है कि जब इसे रोकने का प्रयास किया तो चलते ट्रॉला में बगल में बैठे उसके मामा ने सीट बदल ली। पूछताछ में उसने किशोर के द्वारा ट्रॉला चलाने की बात स्वीकारी। इस पर उन्होंने ट्रॉला चालक के खिलाफ सदर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
एआरटीओ सुदेश तिवारी 27 मार्च को बिधूना में वाहन चेकिंग अभियान चलाकर वापस औरैया लौट रहे थे। बिधूना से कुदरकोट होते हुए बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर पहुंचे। तभी एक्सप्रेसवे पर इटावा से औरैया की ओर जाते समय एक 22 चक्का ट्रॉला उनकी गाड़ी के आगे चल रहा था। ट्रॉला ओवरटेक करते समय उनकी निगाह ट्रक के साइड मिरर पर पड़ी। मिरर में चालक बालक की तरह नजर आने पर ट्रॉला रोकने का इशारा किया। इस बीच चलते ट्रॉला में बगल में बैठे चालक ने सीट बदल ली। स्वयं स्टेयरिंग संभाल ली। पूछताछ में किशोर से जानकारी ली गई।
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उसने बताया कि वो चालक का भांजा है। ट्रॉला नंबर की जांच में उत्तराखंड प्रांत के ऊधमसिंह नगर के गांव खेड़ा लक्ष्मीपुरजसपुर निवासी अलीमुद्दीन ही वाहन चालक व स्वामी पंजीकृत है। जांच के बाद एआरटीओ ने 81 हजार 500 का चालान कर वाहन को सीज कर दिया। साथ ही ट्रॉला चालक के खिलाफ सदर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई। एआरटीओ सुदेश तिवारी ने बताया कि ट्रॉला में किशोर का मामा संरक्षक की भूमिका में था। वह भांजे से ट्रॉला चलवा रहा था। नाबालिग से ट्रॉला चलवाना नियम विरुद्ध है। हादसा होने की संभावना थी। ऐसे में चालान के साथ ही कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
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एक्सप्रेसवे पर गुजरते समय एआरटीओ की साइड मिरर से ट्रॉला चलाते एक किशोर पर नजर पड़ी तो यह कारिस्तानी पकड़ में आई। हैरत की बात यह है कि जब इसे रोकने का प्रयास किया तो चलते ट्रॉला में बगल में बैठे उसके मामा ने सीट बदल ली। पूछताछ में उसने किशोर के द्वारा ट्रॉला चलाने की बात स्वीकारी। इस पर उन्होंने ट्रॉला चालक के खिलाफ सदर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
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एआरटीओ सुदेश तिवारी 27 मार्च को बिधूना में वाहन चेकिंग अभियान चलाकर वापस औरैया लौट रहे थे। बिधूना से कुदरकोट होते हुए बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर पहुंचे। तभी एक्सप्रेसवे पर इटावा से औरैया की ओर जाते समय एक 22 चक्का ट्रॉला उनकी गाड़ी के आगे चल रहा था। ट्रॉला ओवरटेक करते समय उनकी निगाह ट्रक के साइड मिरर पर पड़ी। मिरर में चालक बालक की तरह नजर आने पर ट्रॉला रोकने का इशारा किया। इस बीच चलते ट्रॉला में बगल में बैठे चालक ने सीट बदल ली। स्वयं स्टेयरिंग संभाल ली। पूछताछ में किशोर से जानकारी ली गई।
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उसने बताया कि वो चालक का भांजा है। ट्रॉला नंबर की जांच में उत्तराखंड प्रांत के ऊधमसिंह नगर के गांव खेड़ा लक्ष्मीपुरजसपुर निवासी अलीमुद्दीन ही वाहन चालक व स्वामी पंजीकृत है। जांच के बाद एआरटीओ ने 81 हजार 500 का चालान कर वाहन को सीज कर दिया। साथ ही ट्रॉला चालक के खिलाफ सदर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई। एआरटीओ सुदेश तिवारी ने बताया कि ट्रॉला में किशोर का मामा संरक्षक की भूमिका में था। वह भांजे से ट्रॉला चलवा रहा था। नाबालिग से ट्रॉला चलवाना नियम विरुद्ध है। हादसा होने की संभावना थी। ऐसे में चालान के साथ ही कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।