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Auraiya News: जिनके पास पहले से मकान वह भी मांग रहे पीएम आवास
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फोटो-01-भीखमपुर स्थित रानू का मकान। संवाद
- फोटो : ARchive
औरैया। पीएम आवास योजना 2.0 के तहत 14,000 आवेदन आए थे। इसमें 5,800 आवेदन जांच में अपात्र पाए गए हैं। क्योंकि जांच में पहले से ही जिस मद में आवेदन किया गया था, वह बना हुआ था। इनमें से किसी ने अपने घर की छत के लिए आवेदन किया था तो किसी ने मकान की दूसरी मंजिल बनाने के लिए ऐसे आवेदनों को निरस्त कर दिया गया है। जबकि कई लाभार्थियों ने रुपये लेने का आरोप लगाया है।
सरकार की महत्वाकांक्षी पीएम आवास योजना के तहत व्यक्ति को घर बनाने के लिए ढाई लाख रुपये की मदद सरकार की ओर से की जाती है। इस योजना का लाभ पाने के लिए जिले भर के शहरी क्षेत्र में रहने वाले 14 हजार लोगों ने आवेदन किया था। इन सभी की जांच नगर निकाय व तहसील स्तर से हुई है। अभी तक की जांच में 5800 आवेदक ऐसे पाए गए, जिनके अपने मकान बने हुए थे। वह दूसरी मंजिल या फिर पक्की छत बनवाने के लिए आवेदन किया था। इसके अलावा 3633 लोग जांच में सही पाए गए हैं। इसमें से 641 लोगों को 24 अक्तूबर को दूसरी किस्त भी जारी हो गई है। इसके अलावा 4500 आवेदनों की अभी चल रही है।
केस-1
कानपुर-इटावा हाईवे किनारे इंडियन ऑयल चौकी के पास भीखमपुर की रहने रेनू राजपूत ने 11 फरवरी 2026 को पीएम आवास के लिए आवेदन किया था। लेखपाल ने जांच की तो पता चला कि मकान के चारों तरफ दीवार खड़ी है। हालांकि मौके पर घर के आगे के हिस्से में छत नहीं थी। जबकि पीछे पक्की छत थी। इस पर आवेदन निरस्त कर दिया गया।
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केस-2
नगर पंचायत अटसू निवासी विपिन कुमार ने 21 जनवरी 2026 को आवेदन किया था। वहां तहसील व निकाय की टीम ने जांच की तो चला कि पुराने पीछे की तरफ पक्का मकान बना है। इसके चलते आवेदन को निरस्त कर दिया गया।
केस-3
कहापुर निवासी सुप्रिया ने पीएम आवास के लिए 30 जनवरी 2026 को आवेदन किया था। बताया कि परिवार में दो भाई हैं, दोनों की आपस में बनती नहीं, इसके चलते वह पहली मंजिल में मकान बनवाना चाहते थे। तहसील व निकाय की टीम ने जांच की तो आवेदक पात्र नहीं पाया गया तो उसे निरस्त कर दिया गया।
जांच को भेजे गए दो हजार आवेदन
बीते 30 सितंबर को परियोजना अधिकारी डूडा की ओर से नगर निकायों को दो हजार आवेदन जांच के लिए भेजे गए हैं। इसमें सबसे ज्यादा आवेदन बिधूना के हैं, जबकि सबसे कम दिबियापुर क्षेत्र के हैं। वहीं, बिधूना में 701, अछल्दा में 356, अटसू में 323, औरैया में 248, अजीतमल में 273, दिबियापुर में 46 व फफूंद में 148 आवेदन भेजे गए हैं।
रिश्वत देने पर भी आवास मिला न धनराशि खाते में आई
औरैया शहर के मोहल्ला मदार दरवाजा निवासी टिंकू अली पुत्र अहमद अली ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत नाम निकला था। नगर पालिका से जांच भी हो गई। लेखपाल ने उससे दस हजार की रिश्वत मांगी। बताया कि उधार लेकर लेखपाल को 10 हजार रुपये दिए थे। सालभर बीत जाने के बाद भी अब तक उसे आवास तो मिला ही नहीं न ही उसकी धनराशि उसके खाते में आई। पीड़ित ने डीएम व उच्च अधिकारियों से मामले की जांच कर कार्रवाई करते हुए उसे आवास दिलाए जाने की मांग की।
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पात्रता के मानक
कम से कम 30-45 वर्ग मीटर जमीन होनी चाहिए।
भारत वर्ष में परिवार के नाम पर जमीन नहीं होनी चाहिए।
20 साल में कोई आवासीय योजना का लाभ न मिला हो
ईडब्ल्यूएस कैटेगरी को होना चाहिए।
कोई रुपये मांगे तो यहां करें शिकायत
परियोजना अधिकारी डूडा- 9151999137, सीएलटीसी इंजीनियर डूडा- 9151999139
वर्जन
पीएम आवास योजना के तहत आवेदन आते हैं। नियमानुसार जांच होती, इसके बाद लाभ दिया जाता है। किसी आवेदक को कोई समस्या हो तो वह कार्यालय आकर शिकायत कर सकता है। -सुभाष कुमार, परियोजना अधिकारी डूडा
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सरकार की महत्वाकांक्षी पीएम आवास योजना के तहत व्यक्ति को घर बनाने के लिए ढाई लाख रुपये की मदद सरकार की ओर से की जाती है। इस योजना का लाभ पाने के लिए जिले भर के शहरी क्षेत्र में रहने वाले 14 हजार लोगों ने आवेदन किया था। इन सभी की जांच नगर निकाय व तहसील स्तर से हुई है। अभी तक की जांच में 5800 आवेदक ऐसे पाए गए, जिनके अपने मकान बने हुए थे। वह दूसरी मंजिल या फिर पक्की छत बनवाने के लिए आवेदन किया था। इसके अलावा 3633 लोग जांच में सही पाए गए हैं। इसमें से 641 लोगों को 24 अक्तूबर को दूसरी किस्त भी जारी हो गई है। इसके अलावा 4500 आवेदनों की अभी चल रही है।
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केस-1
कानपुर-इटावा हाईवे किनारे इंडियन ऑयल चौकी के पास भीखमपुर की रहने रेनू राजपूत ने 11 फरवरी 2026 को पीएम आवास के लिए आवेदन किया था। लेखपाल ने जांच की तो पता चला कि मकान के चारों तरफ दीवार खड़ी है। हालांकि मौके पर घर के आगे के हिस्से में छत नहीं थी। जबकि पीछे पक्की छत थी। इस पर आवेदन निरस्त कर दिया गया।
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केस-2
नगर पंचायत अटसू निवासी विपिन कुमार ने 21 जनवरी 2026 को आवेदन किया था। वहां तहसील व निकाय की टीम ने जांच की तो चला कि पुराने पीछे की तरफ पक्का मकान बना है। इसके चलते आवेदन को निरस्त कर दिया गया।
केस-3
कहापुर निवासी सुप्रिया ने पीएम आवास के लिए 30 जनवरी 2026 को आवेदन किया था। बताया कि परिवार में दो भाई हैं, दोनों की आपस में बनती नहीं, इसके चलते वह पहली मंजिल में मकान बनवाना चाहते थे। तहसील व निकाय की टीम ने जांच की तो आवेदक पात्र नहीं पाया गया तो उसे निरस्त कर दिया गया।
जांच को भेजे गए दो हजार आवेदन
बीते 30 सितंबर को परियोजना अधिकारी डूडा की ओर से नगर निकायों को दो हजार आवेदन जांच के लिए भेजे गए हैं। इसमें सबसे ज्यादा आवेदन बिधूना के हैं, जबकि सबसे कम दिबियापुर क्षेत्र के हैं। वहीं, बिधूना में 701, अछल्दा में 356, अटसू में 323, औरैया में 248, अजीतमल में 273, दिबियापुर में 46 व फफूंद में 148 आवेदन भेजे गए हैं।
रिश्वत देने पर भी आवास मिला न धनराशि खाते में आई
औरैया शहर के मोहल्ला मदार दरवाजा निवासी टिंकू अली पुत्र अहमद अली ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत नाम निकला था। नगर पालिका से जांच भी हो गई। लेखपाल ने उससे दस हजार की रिश्वत मांगी। बताया कि उधार लेकर लेखपाल को 10 हजार रुपये दिए थे। सालभर बीत जाने के बाद भी अब तक उसे आवास तो मिला ही नहीं न ही उसकी धनराशि उसके खाते में आई। पीड़ित ने डीएम व उच्च अधिकारियों से मामले की जांच कर कार्रवाई करते हुए उसे आवास दिलाए जाने की मांग की।
पात्रता के मानक
कम से कम 30-45 वर्ग मीटर जमीन होनी चाहिए।
भारत वर्ष में परिवार के नाम पर जमीन नहीं होनी चाहिए।
20 साल में कोई आवासीय योजना का लाभ न मिला हो
ईडब्ल्यूएस कैटेगरी को होना चाहिए।
कोई रुपये मांगे तो यहां करें शिकायत
परियोजना अधिकारी डूडा- 9151999137, सीएलटीसी इंजीनियर डूडा- 9151999139
वर्जन
पीएम आवास योजना के तहत आवेदन आते हैं। नियमानुसार जांच होती, इसके बाद लाभ दिया जाता है। किसी आवेदक को कोई समस्या हो तो वह कार्यालय आकर शिकायत कर सकता है। -सुभाष कुमार, परियोजना अधिकारी डूडा