{"_id":"6ae0f69f14e7a6301f0260ca","slug":"bail-granted-to-accused-of-stealing-money-from-atm-using-a-metal-strip-auraiya-news-c-211-1-aur1009-153901-2026-10-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Auraiya News: एटीएम में पत्ती लगाकर रुपये पार करने के आरोपी की जमानत मंजूर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Auraiya News: एटीएम में पत्ती लगाकर रुपये पार करने के आरोपी की जमानत मंजूर
विज्ञापन
औरैया। इंडिया वन एटीएम में पत्ती लगाकर ग्राहकों के रुपये निकालने और मशीन क्षतिग्रस्त करने के आरोपी की जमानत सत्र अदालत ने मंजूर कर ली है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश मयंक चौहान ने आरोपी को 50 हजार रुपये के व्यक्तिगत बंधपत्र और जमानतगीर दाखिल करने पर जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया।
फफूंद कस्बे के मोहल्ला चमनगंज तिराहा स्थित इंडिया वन एटीएम की फ्रेंचाइजी लेने वाले सिराजुद्दीन ने फफूंद थाने में तहरीर देकर आरोप लगाया था कि 21 सितंबर 2026 की शाम एक युवक ने एटीएम में पत्ती लगाकर ग्राहकों के करीब पांच हजार रुपये निकालकर मशीन तोड़ दी। पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर विवेचना के दौरान कानपुर देहात स्थित कोतवाली व कस्बा शिवली के मोहल्ला इंद्रनगर निवासी आरोपी आकाश कुशवाहा का नाम प्रकाश में लाते हुए उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
अदालत में सुनवाई के दौरान आरोपी के अधिवक्ता ने तर्क दिया कि घटना 21 सितंबर की बताई गई, जबकि एफआईआर सात अक्तूबर को दर्ज कराई गई, जिसका कोई संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं दिया गया। इसके अलावा गिरफ्तारी और बरामदगी के समय पुलिस ने किसी भी स्थानीय या स्वतंत्र नागरिक को साक्षी नहीं बनाया। पुलिस ने आरोपी के पास से दिखाई गई नकदी और औजारों को भी फर्जी तरीके से थोपा जाना बताया गया। आरोपी आठ अक्तूबर से जेल में बंद था। अदालत ने आरोपी आकाश कुशवाहा की जमानत याचिका स्वीकार कर ली।
विज्ञापन
विज्ञापन
फफूंद कस्बे के मोहल्ला चमनगंज तिराहा स्थित इंडिया वन एटीएम की फ्रेंचाइजी लेने वाले सिराजुद्दीन ने फफूंद थाने में तहरीर देकर आरोप लगाया था कि 21 सितंबर 2026 की शाम एक युवक ने एटीएम में पत्ती लगाकर ग्राहकों के करीब पांच हजार रुपये निकालकर मशीन तोड़ दी। पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर विवेचना के दौरान कानपुर देहात स्थित कोतवाली व कस्बा शिवली के मोहल्ला इंद्रनगर निवासी आरोपी आकाश कुशवाहा का नाम प्रकाश में लाते हुए उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
विज्ञापन
अदालत में सुनवाई के दौरान आरोपी के अधिवक्ता ने तर्क दिया कि घटना 21 सितंबर की बताई गई, जबकि एफआईआर सात अक्तूबर को दर्ज कराई गई, जिसका कोई संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं दिया गया। इसके अलावा गिरफ्तारी और बरामदगी के समय पुलिस ने किसी भी स्थानीय या स्वतंत्र नागरिक को साक्षी नहीं बनाया। पुलिस ने आरोपी के पास से दिखाई गई नकदी और औजारों को भी फर्जी तरीके से थोपा जाना बताया गया। आरोपी आठ अक्तूबर से जेल में बंद था। अदालत ने आरोपी आकाश कुशवाहा की जमानत याचिका स्वीकार कर ली।
विज्ञापन