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नाले पर कब्जा बरकरार, प्रशासन लाचार
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दिबियापुर में वैदिक महाविद्यालय के पास बनी पुलिया पर उफनाया नाला। संवाद
- फोटो : AURAIYA
दिबियापुर। सिंचाईं विभाग के नाले पर अतिक्रमण के कारण सफाई न हो पाने पर वर्ष 2019 से लगातार जलभराव का दंश झेल रहे दिबियापुर समेत छह गांवों के लोग इस बार भी जलभराव की आशंका से परेशान हैं। लोगों को आशंका है कि इस बार भी उनकी सैकड़ों एकड़ फसल पानी में डूब जाएगी। पहली बारिश में ही कई जगह जलभराव हो गया है।
सिंचाईं विभाग के आला अधिकारी दबी जुबान से कहते हैं कि छह मई को एडीएम रेखा एस. चौहान ने निरीक्षण कर नाले पर अतिक्रमण हटाने के सख्त निर्देश दिए थे। फिर भी अभी तक जिला प्रशासन ने न तो अतिक्रमण हटाने के लिए फोर्स उपलब्ध कराया और न ही अधिकारियों ने कोई रुचि ली।
गुरुवार को हुई पहली बारिश से ही नाले उफना गए हैं। आगे और बारिश हुई तो दिबियापुर नगर समेत केंझरी, घेरा, जमुहां, झाबर का पुर्वा, ककराही में जलभराव होगा। पिछले वर्षों की तरह फसलें पानी में डूबकर बर्बाद होंगी।
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बता दें कि यह मुद्दा वर्ष 2019 से लगातार उठता चला आ रहा है। सांसद डा.रामशंकर कठेरिया एवं जिले के आला अधिकारियों की मौजूदगी में हुई दिशा की बैठक में भी यह समस्या उठ चुकी है। विधानसभा चुनाव के दौरान जनवरी माह में भी यह मुद्दा जोरदारी से उठा था। विभिन्न गांवों के लोगों ने मतदान बहिष्कार की चेतावनी दी थी।
इसके बाद बिना सर्वे किए ही एनटीपीसी आवासीय परिसर के बाहर तीन दिन तक नाला खुदाई कर जलनिकासी के लिए प्रयास किए गए। लेकिन जलभराव की स्थिति जस की तस रही। आसपास के गांवों के लोगों का कहना है कि जब तक केंझरी साइफन से लेकर औरैया दिबियापुर सड़क मार्ग के किनारे बने नाले की गेल कंप्रेसर स्टेशन बंबा के नीचे पड़े साइफन तक नाले से अतिक्रमण हटाकर सफाई नहीं की जाती। तब तक जलनिकासी की कोई उम्मीद नहीं है।
एसडीएम सदर मनोज कुमार सिंह ने कहा कि सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने आज ही अवरोध उत्पन्न होने की जानकारी दी है। जानकारी देर से देने पर अधिकारियों को चेतावनी भी दी गई है। इसके साथ ही एक दो दिन में पुलिस फोर्स मुहैया करा कर नाले से अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए गए हैं। जिससे जल निकासी की व्यवस्था की जा सके।
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सिंचाईं विभाग के आला अधिकारी दबी जुबान से कहते हैं कि छह मई को एडीएम रेखा एस. चौहान ने निरीक्षण कर नाले पर अतिक्रमण हटाने के सख्त निर्देश दिए थे। फिर भी अभी तक जिला प्रशासन ने न तो अतिक्रमण हटाने के लिए फोर्स उपलब्ध कराया और न ही अधिकारियों ने कोई रुचि ली।
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गुरुवार को हुई पहली बारिश से ही नाले उफना गए हैं। आगे और बारिश हुई तो दिबियापुर नगर समेत केंझरी, घेरा, जमुहां, झाबर का पुर्वा, ककराही में जलभराव होगा। पिछले वर्षों की तरह फसलें पानी में डूबकर बर्बाद होंगी।
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बता दें कि यह मुद्दा वर्ष 2019 से लगातार उठता चला आ रहा है। सांसद डा.रामशंकर कठेरिया एवं जिले के आला अधिकारियों की मौजूदगी में हुई दिशा की बैठक में भी यह समस्या उठ चुकी है। विधानसभा चुनाव के दौरान जनवरी माह में भी यह मुद्दा जोरदारी से उठा था। विभिन्न गांवों के लोगों ने मतदान बहिष्कार की चेतावनी दी थी।
इसके बाद बिना सर्वे किए ही एनटीपीसी आवासीय परिसर के बाहर तीन दिन तक नाला खुदाई कर जलनिकासी के लिए प्रयास किए गए। लेकिन जलभराव की स्थिति जस की तस रही। आसपास के गांवों के लोगों का कहना है कि जब तक केंझरी साइफन से लेकर औरैया दिबियापुर सड़क मार्ग के किनारे बने नाले की गेल कंप्रेसर स्टेशन बंबा के नीचे पड़े साइफन तक नाले से अतिक्रमण हटाकर सफाई नहीं की जाती। तब तक जलनिकासी की कोई उम्मीद नहीं है।
एसडीएम सदर मनोज कुमार सिंह ने कहा कि सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने आज ही अवरोध उत्पन्न होने की जानकारी दी है। जानकारी देर से देने पर अधिकारियों को चेतावनी भी दी गई है। इसके साथ ही एक दो दिन में पुलिस फोर्स मुहैया करा कर नाले से अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए गए हैं। जिससे जल निकासी की व्यवस्था की जा सके।

12 अक्तूबर 2021 के अंक में प्रकाशित खबर। संवाद- फोटो : AURAIYA

7 मई 2022 के अंक में प्रकाशित खबर। संवाद- फोटो : AURAIYA

5 जून 2022 के अंक में प्रकाशित खबर। संवाद- फोटो : AURAIYA