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Auraiya News: किशोरी से दुष्कर्म के आरोपी को कोर्ट से नहीं मिली राहत
Mon, 18 May 2026 12:05 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Mon, 18 May 2026 12:05 AM IST
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औरैया। पॉक्सो एक्ट के विशेष न्यायाधीश अखिलेश्वर प्रसाद मिश्र ने किशोरी को ले जाने, शादी करने और दुष्कर्म के आरोपी मोहित कुमार की पहली जमानत याचिका खारिज कर दी। साल 2024 में आरोपी ने वारदात को अंजाम दिया था।
थाना फफूंद क्षेत्र के एक गांव की निवासी महिला ने मामला दर्ज कराया था। कि 12 अक्तूबर 2024 को उसकी 13 वर्षीय बेटी को गांव श्यामपुर अड्डा निवासी मोहित कुमार ले गया था। पीड़िता अपने साथ घर में रखी नकदी और जेवर भी ले गई थी। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ पॉक्सो अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर आरोपी को पकड़कर जेल भेज दिया था।
शनिवार को इस मामले की सुनवाई की गई। बचाव पक्ष ने दलील दी कि पीड़िता अपनी मर्जी से गई थी। वह बालिग है और मेडिकल रिपोर्ट में उसकी उम्र 18 वर्ष बताई गई है। अभियोजन ने जमानत का कड़ा विरोध किया। उन्होंने दलील दी कि स्कूल रिकॉर्ड के अनुसार पीड़िता की जन्मतिथि 9 मार्च 2009 है, जिससे वारदात के समय वह नाबालिग थी।
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दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने कहा कि स्कूल प्रमाण पत्र के आधार पर पीड़िता घटना के वक्त नाबालिग थी। जेल से छूटने के बाद आरोपी की तरफ से साक्ष्यों को प्रभावित करने की आशंका से इन्कार नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने आरोपी की जमानत याचिका को खारिज कर दिया। (संवाद)
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थाना फफूंद क्षेत्र के एक गांव की निवासी महिला ने मामला दर्ज कराया था। कि 12 अक्तूबर 2024 को उसकी 13 वर्षीय बेटी को गांव श्यामपुर अड्डा निवासी मोहित कुमार ले गया था। पीड़िता अपने साथ घर में रखी नकदी और जेवर भी ले गई थी। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ पॉक्सो अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर आरोपी को पकड़कर जेल भेज दिया था।
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शनिवार को इस मामले की सुनवाई की गई। बचाव पक्ष ने दलील दी कि पीड़िता अपनी मर्जी से गई थी। वह बालिग है और मेडिकल रिपोर्ट में उसकी उम्र 18 वर्ष बताई गई है। अभियोजन ने जमानत का कड़ा विरोध किया। उन्होंने दलील दी कि स्कूल रिकॉर्ड के अनुसार पीड़िता की जन्मतिथि 9 मार्च 2009 है, जिससे वारदात के समय वह नाबालिग थी।
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दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने कहा कि स्कूल प्रमाण पत्र के आधार पर पीड़िता घटना के वक्त नाबालिग थी। जेल से छूटने के बाद आरोपी की तरफ से साक्ष्यों को प्रभावित करने की आशंका से इन्कार नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने आरोपी की जमानत याचिका को खारिज कर दिया। (संवाद)