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Auraiya News: अपहरण और दुष्कर्म में दोषी को दस साल की सजा
Thu, 05 Jun 2025 10:19 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Thu, 05 Jun 2025 10:19 PM IST
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औरैया। सदर कोतवाली इलाके में नौ साल पुराने किशोरी के अपहरण व दुष्कर्म के मामले में विशेष न्यायाधीश (पाक्सो एक्ट) अखिलेश्वर प्रसाद मिश्र ने अभियुक्त को दस वर्ष की सजा सुनाई। साथ ही उस पर तीस हजार रुपये जुर्माना भी लगाया।
शहर की एक कालोनी निवासी वादी ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि नौ अप्रैल 2016 को उसके घर पर करीबी रिश्तेदार तारा सिंह व अन्य लोग आए थे और रात में घर में ही रुके थे। वादी की तेरह वर्षीय बेटी घर पर थी। सुबह चार बजे खटपट की आवाज सुनकर उसकी नींद खुली तो देखा कि लोग उसकी नाबालिग बेटी को बहलाकर अपने साथ ले गए थे।
इस पर पत्नी को जगाया। रिश्तेदारी होने से उन पर शक न था। लेकिन इसी बीच मोबाइल से आरोपियों ने धमकी दी कि पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई तो परिवार का नामोनिशान मिटा देंगे। एसपी से शिकायत पर शहर कोतवाली पुलिस ने मामले रिपोर्ट दर्ज की, हालांकि बाद में पुलिस ने पीड़िता को खोज निकाला था।
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एफआईआर दर्ज होने के बाद विवेचक ने मामले की विवेचना कर आरोपी तारा सिंह निवासी अरियारी के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। न्यायालय में सुनवाई के दौरान न्यायाधीश ने पक्ष व विपक्ष की दलीलें सुनीं। इसके बाद में न्यायाधीश अखिलेश्वर प्रसाद मिश्रा ने आरोपी तारा सिंह को अपहरण व दुष्कर्म में दोषी करार दिया। गुरुवार को न्यायाधीश ने अभियुक्त तारा सिंह को दस वर्ष की सजा सुनाई। साथ ही उस पर तीस हजार रुपये जुर्माना भी लगाया। कोर्ट ने जमा कराई गई अर्थदंड की आधी धनराशि पीड़िता को अदा करने का आदेश दिया है। सजा पाए अभियुक्त को जिला कारागार इटावा भेजा गया है।
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शहर की एक कालोनी निवासी वादी ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि नौ अप्रैल 2016 को उसके घर पर करीबी रिश्तेदार तारा सिंह व अन्य लोग आए थे और रात में घर में ही रुके थे। वादी की तेरह वर्षीय बेटी घर पर थी। सुबह चार बजे खटपट की आवाज सुनकर उसकी नींद खुली तो देखा कि लोग उसकी नाबालिग बेटी को बहलाकर अपने साथ ले गए थे।
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इस पर पत्नी को जगाया। रिश्तेदारी होने से उन पर शक न था। लेकिन इसी बीच मोबाइल से आरोपियों ने धमकी दी कि पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई तो परिवार का नामोनिशान मिटा देंगे। एसपी से शिकायत पर शहर कोतवाली पुलिस ने मामले रिपोर्ट दर्ज की, हालांकि बाद में पुलिस ने पीड़िता को खोज निकाला था।
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एफआईआर दर्ज होने के बाद विवेचक ने मामले की विवेचना कर आरोपी तारा सिंह निवासी अरियारी के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। न्यायालय में सुनवाई के दौरान न्यायाधीश ने पक्ष व विपक्ष की दलीलें सुनीं। इसके बाद में न्यायाधीश अखिलेश्वर प्रसाद मिश्रा ने आरोपी तारा सिंह को अपहरण व दुष्कर्म में दोषी करार दिया। गुरुवार को न्यायाधीश ने अभियुक्त तारा सिंह को दस वर्ष की सजा सुनाई। साथ ही उस पर तीस हजार रुपये जुर्माना भी लगाया। कोर्ट ने जमा कराई गई अर्थदंड की आधी धनराशि पीड़िता को अदा करने का आदेश दिया है। सजा पाए अभियुक्त को जिला कारागार इटावा भेजा गया है।