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Auraiya News: मल्हार पुस्तक को रुचिकर बना रहे शिक्षक
Wed, 13 Aug 2025 11:52 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Wed, 13 Aug 2025 11:52 PM IST
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फोटो-13एयूआरपी15 - मल्हार पुस्तक के रुचिकर बनाने में जुटे शिक्षक। स्रोत:प्रशांत अवस्थी
औरैया। कक्षा सात की मल्हार पुस्तक एनसीईआरटी की ओर से जारी की गई है। इस पुस्तक को और रुचिकर बनाने की कवायद हिंदी संस्थान बनारस में चल रही है।
इसमें औरैया के शिक्षक प्रशांत अवस्थी भी अपना योगदान दे रहे हैं। इसके पाठ्यक्रम में कई स्थानीय परिदृश्यों को भी शामिल करने की तैयारी है। 'मल्हार' कक्षा सात की हिंदी की पुस्तक है। नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (एनसीईआरटी) की पुस्तक को उत्तर प्रदेश के परिपेक्ष्य में कस्टमाइज (अनुकूलित) करने का काम किया जा रहा है।
यह कार्य वाराणसी स्थित राज्य हिंदी संस्थान में चल रहा है। प्रदेश के हिंदी विशेषज्ञ इसमें जुटे हुए हैं। पुस्तक में परिवर्तन व विकास में औरैया के प्राथमिक विद्यालय पुरुषोत्तमपुर के शिक्षक प्रशांत अवस्थी भी अपना योगदान दे रहे हैं।
हिंदी संस्थान की निदेशक चंदना राम इकबाल यादव के निर्देशन में यह काम चल रहा है। पुस्तक मल्हार को 20 प्रतिशत तक परिवर्तित किया जा चुका है। बदलाव के बाद पूरे प्रदेश में नए सत्र से यह पुस्तक लागू होगी।
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पुस्तक में प्रदेश की बोलियों भोजपुरी, अवधी, ब्रज, बुंदेली, कन्नौजी आदि को भी शामिल किया रहा है। साथ ही क्षेत्रीय लोक संस्कृति, लोककला, लोकगीत, साहित्य, क्रांतिकारियों, तीर्थ स्थलों, प्रमुख गीतों की जानकारी भी इस पुस्तक में शामिल होगी।
शिक्षक प्रशांत अवस्थी ने बताया कि पुस्तक के संबंध में रिपोर्ट विभाग को भेजी जाएगी। इसके बाद नए परिदृश्य में पुस्तक क्षेत्रीय परिदृश्य को भी बयां करेगी।
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इसमें औरैया के शिक्षक प्रशांत अवस्थी भी अपना योगदान दे रहे हैं। इसके पाठ्यक्रम में कई स्थानीय परिदृश्यों को भी शामिल करने की तैयारी है। 'मल्हार' कक्षा सात की हिंदी की पुस्तक है। नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (एनसीईआरटी) की पुस्तक को उत्तर प्रदेश के परिपेक्ष्य में कस्टमाइज (अनुकूलित) करने का काम किया जा रहा है।
यह कार्य वाराणसी स्थित राज्य हिंदी संस्थान में चल रहा है। प्रदेश के हिंदी विशेषज्ञ इसमें जुटे हुए हैं। पुस्तक में परिवर्तन व विकास में औरैया के प्राथमिक विद्यालय पुरुषोत्तमपुर के शिक्षक प्रशांत अवस्थी भी अपना योगदान दे रहे हैं।
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हिंदी संस्थान की निदेशक चंदना राम इकबाल यादव के निर्देशन में यह काम चल रहा है। पुस्तक मल्हार को 20 प्रतिशत तक परिवर्तित किया जा चुका है। बदलाव के बाद पूरे प्रदेश में नए सत्र से यह पुस्तक लागू होगी।
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पुस्तक में प्रदेश की बोलियों भोजपुरी, अवधी, ब्रज, बुंदेली, कन्नौजी आदि को भी शामिल किया रहा है। साथ ही क्षेत्रीय लोक संस्कृति, लोककला, लोकगीत, साहित्य, क्रांतिकारियों, तीर्थ स्थलों, प्रमुख गीतों की जानकारी भी इस पुस्तक में शामिल होगी।
शिक्षक प्रशांत अवस्थी ने बताया कि पुस्तक के संबंध में रिपोर्ट विभाग को भेजी जाएगी। इसके बाद नए परिदृश्य में पुस्तक क्षेत्रीय परिदृश्य को भी बयां करेगी।