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Auraiya News: मेडिकल कॉलेज में पहली बार टूटे जबड़े का सफल ऑपरेशन
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औरैया। जिले में मेडिकल कॉलेज स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतरी का पर्याय बनने जा रहा है। इस कड़ी में मेडिकल कॉलेज की दंत चिकित्सा इकाई ने टूटे जबड़े का सफल आपरेशन करने में सफलता पाई है। यह मेडिकल कॉलेज का पहला आपरेशन है जो एनेस्थेटिक तरीके से किया गया है। प्राचार्य डॉ. धर्मेंद्र कुमार ने आपरेशन करने वाली टीम को बधाई दी है।
दमन दीव निवासी 33 वर्षीय ओमकार सिंह निषाद वर्तमान में दमन में भारतीय स्टेट बैंक में कर्मचारी के रूप में कार्यरत हैं। अपने रिश्तेदार के विवाह समारोह में पिछले दिनों औरैया आए हुए थे। पांच जुलाई को भारी बारिश के दौरान वह सड़क दुर्घटना में घायल हो गए। उन्हें एक निजी क्लिनिक में ले जाया गया और दवाओं और पट्टी से उनका इलाज किया गया। रक्तस्राव को नियंत्रित किया गया। ठोड़ी में टांके लगाए गए।
अगले दिन 100 शैया जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। दंत चिकित्सा इकाई को सूचना दी और पता चला कि यह मेंडिबल के सिम्फिसिस के फ्रैक्चर का मामला है। मरीज को ऑपरेशन कराने की सलाह दी गई। खून की जांच के साथ सीटी फेस भी किया गया। एनेस्थेटिस्ट से फिटनेस अनुमोदन के बाद, प्रिंसिपल (एएसएमसी, औरैया) डॉ. धर्मेंद्र कुमार और विभागाध्यक्ष, दंत चिकित्सा विभाग, एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. जूही यादव के कुशल मार्गदर्शन में मरीज का ऑपरेशन किया गया।
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ऑपरेशन करने वाले सर्जन डॉ. शांतोष कन्ना (सहायक प्रोफेसर), एनेस्थेटिस्ट डॉ. उत्कर्ष (सीनियर रेजिडेंट), ओटी सहायक शिवम यादव और सिस्टर सहायक प्रीति शंकर के साथ आपरेशन सकुशल संपन्न हुआ। ठोड़ी में मौजूदा घाव से फ्रैक्चर साइट उजागर हो गई थी। फ्रैक्चर को कम किया गया था और लोकल एनेस्थीसिया के साथ दो मिमी. मिनीप्लेट्स के साथ ठीक किया गया।
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दमन दीव निवासी 33 वर्षीय ओमकार सिंह निषाद वर्तमान में दमन में भारतीय स्टेट बैंक में कर्मचारी के रूप में कार्यरत हैं। अपने रिश्तेदार के विवाह समारोह में पिछले दिनों औरैया आए हुए थे। पांच जुलाई को भारी बारिश के दौरान वह सड़क दुर्घटना में घायल हो गए। उन्हें एक निजी क्लिनिक में ले जाया गया और दवाओं और पट्टी से उनका इलाज किया गया। रक्तस्राव को नियंत्रित किया गया। ठोड़ी में टांके लगाए गए।
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अगले दिन 100 शैया जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। दंत चिकित्सा इकाई को सूचना दी और पता चला कि यह मेंडिबल के सिम्फिसिस के फ्रैक्चर का मामला है। मरीज को ऑपरेशन कराने की सलाह दी गई। खून की जांच के साथ सीटी फेस भी किया गया। एनेस्थेटिस्ट से फिटनेस अनुमोदन के बाद, प्रिंसिपल (एएसएमसी, औरैया) डॉ. धर्मेंद्र कुमार और विभागाध्यक्ष, दंत चिकित्सा विभाग, एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. जूही यादव के कुशल मार्गदर्शन में मरीज का ऑपरेशन किया गया।
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ऑपरेशन करने वाले सर्जन डॉ. शांतोष कन्ना (सहायक प्रोफेसर), एनेस्थेटिस्ट डॉ. उत्कर्ष (सीनियर रेजिडेंट), ओटी सहायक शिवम यादव और सिस्टर सहायक प्रीति शंकर के साथ आपरेशन सकुशल संपन्न हुआ। ठोड़ी में मौजूदा घाव से फ्रैक्चर साइट उजागर हो गई थी। फ्रैक्चर को कम किया गया था और लोकल एनेस्थीसिया के साथ दो मिमी. मिनीप्लेट्स के साथ ठीक किया गया।