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Auraiya News: तेज हवाएं, मौसम में बदलाव के साथ गेहूं की कटाई तेज
Sat, 03 May 2025 12:41 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Sat, 03 May 2025 12:41 AM IST
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बिधूना। तेजी से बदले मौसम से किसान परेशान हैं। आसमान में छाए बादल व दिन में हुई बूंदाबांदी के बाद मौसम का मिजाज बदल गया है। तेज हवाएं और मौसम के इस बदले तेवर ने किसानों की नींद उड़ा दी है।
वह खेतों में कटी पड़ी गेहूं की फसल समेटने में जुट गए हैं। किसान बरसात से पहले खेतों में मौजूद तैयार फसल व भूसा को घर ले जाने में जुट गए हैं। वहीं बूंदाबांदी के कारण तापमान में आई गिरावट से लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिली है।
शुक्रवार को सुबह से ही आसमान पर बादल छाए रहने और कुछ स्थानों पर हुई बूंदाबांदी से लोगों को धूप की तपिश से राहत मिली। दिन भर आसमान में बादल छाए रहे और तेज हवा चलती रही।
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मौसम विभाग के अनुसार अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम 25 डिग्री सेल्सियस रहा है। अभी भी किसानों का गेहूं खेतों में पड़ा है। कटान भी चल रही। ऐसे में बारिश होने से फसल के भीग कर चौपट हो जाने का खतरा किसानों की परेशानी बढ़ा रहा है।
इससे बचने के लिए किसान फसल को समेटने में जुटे हैं। किसानों का कहना है कि दो बार पहले ही फसल बूंदाबांदी में भीग चुकी है। इस बार भीगने से फसल के भीगने पर पूरी तरह बर्बाद होने का खतरा है। अगर पानी गिरा तो फसल को काफी नुकसान हो सकता है।
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वह खेतों में कटी पड़ी गेहूं की फसल समेटने में जुट गए हैं। किसान बरसात से पहले खेतों में मौजूद तैयार फसल व भूसा को घर ले जाने में जुट गए हैं। वहीं बूंदाबांदी के कारण तापमान में आई गिरावट से लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिली है।
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शुक्रवार को सुबह से ही आसमान पर बादल छाए रहने और कुछ स्थानों पर हुई बूंदाबांदी से लोगों को धूप की तपिश से राहत मिली। दिन भर आसमान में बादल छाए रहे और तेज हवा चलती रही।
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मौसम विभाग के अनुसार अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम 25 डिग्री सेल्सियस रहा है। अभी भी किसानों का गेहूं खेतों में पड़ा है। कटान भी चल रही। ऐसे में बारिश होने से फसल के भीग कर चौपट हो जाने का खतरा किसानों की परेशानी बढ़ा रहा है।
इससे बचने के लिए किसान फसल को समेटने में जुटे हैं। किसानों का कहना है कि दो बार पहले ही फसल बूंदाबांदी में भीग चुकी है। इस बार भीगने से फसल के भीगने पर पूरी तरह बर्बाद होने का खतरा है। अगर पानी गिरा तो फसल को काफी नुकसान हो सकता है।