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एसडीएम पर शिकायत फाड़कर भगाने का आरोप
अमर उजाला ब्यूरो, औरैया
Updated Wed, 20 Jul 2016 09:50 AM IST
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सदर तहसील दिवस में शिकायत करने गए अधेड़ ने एसडीएम पर शिकायत फाड़कर तहसील दिवस से भगाने का आरोप लगाया है।
- फोटो : अमर उजाला
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सदर तहसील दिवस में शिकायत करने गए अधेड़ ने एसडीएम पर शिकायत फाड़कर तहसील दिवस से भगाने का आरोप लगाया है। अधेड़ के मुताबिक उसने शिकायत तहसील दिवस के शिकायती रजिस्टर पर दर्ज कराकर मोहर लगवा दी थी। शिकायती पत्र से मोहर वाला हिस्सा फाड़ लिया गया।
कोतवाली क्षेत्र के गांव जनेतपुर के मजरा धरौरा निवासी सुभाष चंद्र ने बताया कि एनच-टू पर सिक्सलेन निर्माण के लिए उसकी जमीन अधिग्रहीत की गई। उसे उचित दर से मुआवजा नहीं दिया गया। आरटीआई से मांगी सूचना में स्वीकृत रेट अलग दिखाया गया है। उसे कम रेट का मुआवजा मिला। सुभाष चंद्र ने बताया कि वह उचित मुआवजा की मांग को लेकर तहसील दिवस में गया था। उसने अपनी शिकायत दर्ज करवा दी।
शिकायती नंबर लेकर वह एसडीएम के सामने पेश हुआ। उन्हें मामला बताया। इसके बाद एसडीएम ने शिकायती पत्र में जांच के निर्देश भी लिखे। उसके चलने पर एसडीएम ने उसे रुकवा लिया। उन्हाेंने कहा कि सिक्सलेन की शिकायत करने के लिए यहां क्यों चले आते हो। सुभाष चंद्र का आरोप है कि एसडीएम ने उसका शिकायती पत्र छीन लिया। इसके बाद तहसील दिवस की मोहर लगा हिस्सा फाड़ दिया। अपने लिखे निर्देश को भी काट दिया। एसडीएम ने उसे तहसील दिवस से भगा दिया।
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मैंने शिकायतकर्ता को समझाया था कि डीएम के पास शिकायत लेकर जाओ। एडीएम जमीन के मुआवजे का प्रभार देखते हैं। वह ही समस्या का निस्तारण करेंगे। शिकायतकर्ता को भगाया नहीं। मेरा समझाना शायद बुरा लग गया हो।
राजेंद्र, एसडीएम सदर
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कोतवाली क्षेत्र के गांव जनेतपुर के मजरा धरौरा निवासी सुभाष चंद्र ने बताया कि एनच-टू पर सिक्सलेन निर्माण के लिए उसकी जमीन अधिग्रहीत की गई। उसे उचित दर से मुआवजा नहीं दिया गया। आरटीआई से मांगी सूचना में स्वीकृत रेट अलग दिखाया गया है। उसे कम रेट का मुआवजा मिला। सुभाष चंद्र ने बताया कि वह उचित मुआवजा की मांग को लेकर तहसील दिवस में गया था। उसने अपनी शिकायत दर्ज करवा दी।
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शिकायती नंबर लेकर वह एसडीएम के सामने पेश हुआ। उन्हें मामला बताया। इसके बाद एसडीएम ने शिकायती पत्र में जांच के निर्देश भी लिखे। उसके चलने पर एसडीएम ने उसे रुकवा लिया। उन्हाेंने कहा कि सिक्सलेन की शिकायत करने के लिए यहां क्यों चले आते हो। सुभाष चंद्र का आरोप है कि एसडीएम ने उसका शिकायती पत्र छीन लिया। इसके बाद तहसील दिवस की मोहर लगा हिस्सा फाड़ दिया। अपने लिखे निर्देश को भी काट दिया। एसडीएम ने उसे तहसील दिवस से भगा दिया।
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मैंने शिकायतकर्ता को समझाया था कि डीएम के पास शिकायत लेकर जाओ। एडीएम जमीन के मुआवजे का प्रभार देखते हैं। वह ही समस्या का निस्तारण करेंगे। शिकायतकर्ता को भगाया नहीं। मेरा समझाना शायद बुरा लग गया हो।
राजेंद्र, एसडीएम सदर