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Auraiya News: वाहनों में क्षमता से अधिक बैठा रहे स्कूली बच्चे
Mon, 13 Jul 2026 11:43 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Mon, 13 Jul 2026 11:43 PM IST
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फोटो-22- बिना सुरक्षा जाली के ई-रिक्शे में सवार स्कूली बच्चे।संवाद
बिधूना। कस्बे में स्कूली बच्चों की सुरक्षा भगवान भरोसे चल रही है। सुबह स्कूल खुलने व दोपहर में छुट्टी के समय सड़कों पर ऑटो, ई-रिक्शा और बिना मानक की ओमनी वैनों में क्षमता से तीन गुना अधिक बच्चों को ढोया जा रहा है।
सुरक्षा के नाम पर इन वाहनों के चालक न सीट बेल्ट लगाते हैं और न ही बच्चों की सुरक्षा को ई-रिक्शों में सुरक्षा जाली लगाई गई है।
कस्बे के कई निजी स्कूलों के बच्चे बिना मानक वाले वाहनों से स्कूल पहुंच रहे हैं। कई ओमनी वैन और ऑटो में 15 से 20 बच्चों को बैठाया जा रहा है। इसके बाद भी स्कूल प्रबंधन लापरवाह है तो परिवहन विभाग व यातायात पुलिस भी ओवरलोड वाहनों पर अंकुश लगाने में नाकाम साबित हो रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार वाहन चालक मोबाइल पर बात करते हुए या तेज गति से वाहन चलाते नजर आते हैं। ऐसे में हादसे की आशंका लगातार बनी रहती है। एआरटीओ नानक चंद शर्मा ने बताया कि सभी स्कूलों में बच्चों के परिवहन की व्यवस्था की समीक्षा की जा रही है। इसमें 125 स्कूल में वाहनों का प्रयोग किया जा रहा है। इस संबंध में डीएम, बीएसए और डीआईओएस से चर्चा हो चुकी है।
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उन्होंने बताया कि जल्द ही स्कूल प्रबंधकों की बैठक बुलाई जाएगी। इसमें स्कूली वाहनों के सभी सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य किया जाएगा। कहा कि बिना मानक के कोई भी वाहन बच्चों के परिवहन में नहीं चलने दिया जाएगा।
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सुरक्षा के नाम पर इन वाहनों के चालक न सीट बेल्ट लगाते हैं और न ही बच्चों की सुरक्षा को ई-रिक्शों में सुरक्षा जाली लगाई गई है।
कस्बे के कई निजी स्कूलों के बच्चे बिना मानक वाले वाहनों से स्कूल पहुंच रहे हैं। कई ओमनी वैन और ऑटो में 15 से 20 बच्चों को बैठाया जा रहा है। इसके बाद भी स्कूल प्रबंधन लापरवाह है तो परिवहन विभाग व यातायात पुलिस भी ओवरलोड वाहनों पर अंकुश लगाने में नाकाम साबित हो रही है।
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स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार वाहन चालक मोबाइल पर बात करते हुए या तेज गति से वाहन चलाते नजर आते हैं। ऐसे में हादसे की आशंका लगातार बनी रहती है। एआरटीओ नानक चंद शर्मा ने बताया कि सभी स्कूलों में बच्चों के परिवहन की व्यवस्था की समीक्षा की जा रही है। इसमें 125 स्कूल में वाहनों का प्रयोग किया जा रहा है। इस संबंध में डीएम, बीएसए और डीआईओएस से चर्चा हो चुकी है।
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उन्होंने बताया कि जल्द ही स्कूल प्रबंधकों की बैठक बुलाई जाएगी। इसमें स्कूली वाहनों के सभी सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य किया जाएगा। कहा कि बिना मानक के कोई भी वाहन बच्चों के परिवहन में नहीं चलने दिया जाएगा।

फोटो-22- बिना सुरक्षा जाली के ई-रिक्शे में सवार स्कूली बच्चे।संवाद