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मिड डे मील में बच्चों को सुबह का नाश्ता भी मिलेगा
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औरैया। परिषदीय विद्यालयों में सुबह के नाश्ते का भी इंतजाम किया जा रहा है। चीनी की चकाचौंध में खो रहे गुड़ के स्वाद को नई शिक्षा नीति के तहत स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों पर मिलने वाले मिड-डे मील मेें शामिल कराने के प्रयास शुरू हो गए हैं।
परिषदीय विद्यालयों में इसी सत्र से नाश्ते में पका हुआ गरम पौष्टिक भोजन या फिर मूंगफली गुड़ व चना मिल सकता है। इसके अलावा बच्चों को स्थानीय मौसमी फल भी दिया जाएगा। यह सब नई शिक्षा नीति के मसौदे में शामिल किया गया है। सब कुछ ठीक रहा तो बच्चे इसका लाभ ले सकेंगे। राष्ट्रीय शिक्षा नीति में सरकारी स्कूलों के बच्चों को शिक्षा से जोड़े रखने के लिए दोपहर के भोजन के साथ-साथ अब नाश्ता भी शामिल करने का प्रावधान किया गया है।
बीएसए सूर्य प्रकाश सिंह ने बताया कि सर्वे रिपोर्ट में सामने आया था कि 35 से 40 से फीसदी से अधिक बच्चे इसलिए स्कूल जाते हैं कि ताकि उन्हें दोपहर का भोजन मिल सके। इसी के चलते नाश्ता शामिल करने की योजना तैयार हुई है। क्योंकि इसी रिपोर्ट में सामने आया था कि इसी रिपोर्ट में सामने आया था कि यह बच्चे पौष्टिक आहार न मिलने से कुपोषण का शिकार होते हैं। इसलिए नाश्ते में पौष्टिक आहार को शामिल किया जा रहा है। हालांकि इसे अभी लागू नहीं किया गया है। हालांकि सरकार जो नई शिक्षा नीति लागू करने की तैयारी में है। उसके मसौदे में इसे शामिल किया गया है।
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परिषदीय विद्यालयों में इसी सत्र से नाश्ते में पका हुआ गरम पौष्टिक भोजन या फिर मूंगफली गुड़ व चना मिल सकता है। इसके अलावा बच्चों को स्थानीय मौसमी फल भी दिया जाएगा। यह सब नई शिक्षा नीति के मसौदे में शामिल किया गया है। सब कुछ ठीक रहा तो बच्चे इसका लाभ ले सकेंगे। राष्ट्रीय शिक्षा नीति में सरकारी स्कूलों के बच्चों को शिक्षा से जोड़े रखने के लिए दोपहर के भोजन के साथ-साथ अब नाश्ता भी शामिल करने का प्रावधान किया गया है।
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बीएसए सूर्य प्रकाश सिंह ने बताया कि सर्वे रिपोर्ट में सामने आया था कि 35 से 40 से फीसदी से अधिक बच्चे इसलिए स्कूल जाते हैं कि ताकि उन्हें दोपहर का भोजन मिल सके। इसी के चलते नाश्ता शामिल करने की योजना तैयार हुई है। क्योंकि इसी रिपोर्ट में सामने आया था कि इसी रिपोर्ट में सामने आया था कि यह बच्चे पौष्टिक आहार न मिलने से कुपोषण का शिकार होते हैं। इसलिए नाश्ते में पौष्टिक आहार को शामिल किया जा रहा है। हालांकि इसे अभी लागू नहीं किया गया है। हालांकि सरकार जो नई शिक्षा नीति लागू करने की तैयारी में है। उसके मसौदे में इसे शामिल किया गया है।
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