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मेरे सपनों की रानी कब आएगी तू पर झूमे लोग
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दिबियापुर (औरैया)। अजीतमल एलुमनाई फाउंडेशन के पहले पुरातन छात्र शिक्षक समागम समारोह में शनिवार शाम संगीत संध्या %यादें’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ कृषि राज्य मंत्री लाखन सिंह राजपूत ने किया। देर रात तक चले कार्यक्रम में पुराने सदाबहार गीतों पर यहां मौजूद लोग झूमते रहे।
कृषि राज्यमंत्री लाखन सिंह राजपूत ने दीप प्रज्ज्वलन कर शुभारंभ किया। इसके बाद फाउंडेशन के पदाधिकारियों ने कृषि राज्य मंत्री का माल्यार्पण कर व स्मृति चिह्न भेंटकर सम्मान किया। दिल पुकारे आरे आरे के साथ संगीत संध्या की शुरूआत हुई। इसके बाद राजन श्रीवास्तव ने अपने चुटीले अंदाज से लोगों को खूब गुदगुदाया। गायकों डॉ. सुनीत, गुंजन, दीपक, जुगल किशोर, विनीत, किरण, प्रदीप, लीना दास, पीयूष शर्मा राजन श्रीवास्तव ने पुराने सदाबहार गीतों फूल सी खिल के पास आ दिल के, दूर से मिलकर चैन ना आए, कब तक मुझे तड़पाएगी तू ,मेरे सपनों की रानी कब आएगी तू, मै ये प्यार का गीत सुनाता चला मंजिल पर मेरी नजर, मैं दुनियां से बेखबर बीती बातों पर धूल उड़ाता चला, शायद मेरी शादी का ख्याल दिल में आया है, इसीलिए मम्मी ने तेरी मुझे चाय पर बुलाया है की युगल प्रस्तुति समेत अन्य कई प्रस्तुतियों ने लोगों को देर रात तक झूमने पर मजबूर किया। सेवानिवृत्त शिक्षक भगवत स्वरूप विश्नोई की नातिन तृप्ति विश्नोई के नृत्य ने खूब तालियां बटोरीं। यहां पर खासी संख्या में पुरातन छात्र एवं शिक्षक मौजूद रहे। बता दें कि शनिवार को दिन में यहां पर विभिन्न ऊंचे पदों पर पहुंच चुके पुरातन छात्रों ने अपने शिक्षकों को सम्मानित किया था।
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कृषि राज्यमंत्री लाखन सिंह राजपूत ने दीप प्रज्ज्वलन कर शुभारंभ किया। इसके बाद फाउंडेशन के पदाधिकारियों ने कृषि राज्य मंत्री का माल्यार्पण कर व स्मृति चिह्न भेंटकर सम्मान किया। दिल पुकारे आरे आरे के साथ संगीत संध्या की शुरूआत हुई। इसके बाद राजन श्रीवास्तव ने अपने चुटीले अंदाज से लोगों को खूब गुदगुदाया। गायकों डॉ. सुनीत, गुंजन, दीपक, जुगल किशोर, विनीत, किरण, प्रदीप, लीना दास, पीयूष शर्मा राजन श्रीवास्तव ने पुराने सदाबहार गीतों फूल सी खिल के पास आ दिल के, दूर से मिलकर चैन ना आए, कब तक मुझे तड़पाएगी तू ,मेरे सपनों की रानी कब आएगी तू, मै ये प्यार का गीत सुनाता चला मंजिल पर मेरी नजर, मैं दुनियां से बेखबर बीती बातों पर धूल उड़ाता चला, शायद मेरी शादी का ख्याल दिल में आया है, इसीलिए मम्मी ने तेरी मुझे चाय पर बुलाया है की युगल प्रस्तुति समेत अन्य कई प्रस्तुतियों ने लोगों को देर रात तक झूमने पर मजबूर किया। सेवानिवृत्त शिक्षक भगवत स्वरूप विश्नोई की नातिन तृप्ति विश्नोई के नृत्य ने खूब तालियां बटोरीं। यहां पर खासी संख्या में पुरातन छात्र एवं शिक्षक मौजूद रहे। बता दें कि शनिवार को दिन में यहां पर विभिन्न ऊंचे पदों पर पहुंच चुके पुरातन छात्रों ने अपने शिक्षकों को सम्मानित किया था।
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